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चिकित्सक की सलाह: हर आधे घंटे पर गुनगुना पानी पीते रहें, सोशल मीडिया के ‘नीम हकीम’ से बचकर रहें
Fri, 30 Apr 2021 12:04 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 30 Apr 2021 12:04 AM IST
सार
वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सा डॉ. हेमेंद्र विक्रम सिंह का कहना है कि सोशल मीडिया के ‘नीम हकीम’ से बचकर रहें। ऐसा दावा करना कि इस दवाई से कोरोना नहीं होगा या अमुक दवाई से कोरोना ठीक हो जाता है गलत एवं भ्रामक है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Pixels
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विस्तार
आगरा में कोरोना संक्रमण की सामान्य स्थिति में अस्पताल जाने की आवश्यकता नहीं है। होम आइसोलेशन में उचित उपचार संभव है। पौष्टिक आहार लें, संबंधित दवाइयों का समय पर सेवन करें और नियमों का पालन करें। हर आधे घंटे पर गुनगुना पानी पीते रहें। सोशल मीडिया पर प्रचारित दवाओं का उपयोग बगैर डॉक्टर की सलाह के न करें। किसी भी दवा को ऑक्सीजन सप्लीमेंट की तरह नहीं लिया जा सकता है।
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वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सा डॉ. हेमेंद्र विक्रम सिंह का कहना है कि सोशल मीडिया के ‘नीम हकीम’ से बचकर रहें। ऐसा दावा करना कि इस दवाई से कोरोना नहीं होगा या अमुक दवाई से कोरोना ठीक हो जाता है गलत एवं भ्रामक है। निकोल ग्लैंज फार्मा के चेयरमैन डॉ. हेमेंद्र ने बताया कि आजकल सोशल मीडिया पर बहुत सारी दवाइयों के नाम प्रचलित हो रहे हैं।
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जिनमें कहा जाता है कि ये दवाई लेने से कोरोना से बचाव होगा या यह दवाई लेने से तुरंत ऑक्सीजन लेवल बढ़ जाता है। इस प्रकार के दावे भ्रामक एवं गलत हैं। होम्योपैथी में भी दवाएं आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा सकती हैं और फेफड़ों को मजबूत कर सकती हैं लेकिन यह कोई जादू नहीं कर सकतीं। चिकित्सक की निगरानी में होम्योपैथिक दवाओं के सेवन से बेहतर परिणाम मिलेंगे।
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जिनमें कहा जाता है कि ये दवाई लेने से कोरोना से बचाव होगा या यह दवाई लेने से तुरंत ऑक्सीजन लेवल बढ़ जाता है। इस प्रकार के दावे भ्रामक एवं गलत हैं। होम्योपैथी में भी दवाएं आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा सकती हैं और फेफड़ों को मजबूत कर सकती हैं लेकिन यह कोई जादू नहीं कर सकतीं। चिकित्सक की निगरानी में होम्योपैथिक दवाओं के सेवन से बेहतर परिणाम मिलेंगे।
ऑक्सीजन स्तर गिरे, सांस फूले या चक्कर आएं तो सावधान
होम आइसोलेशन के दौरान आपको कुछ लक्षणों पर ध्यान रखना होगा। आपका ऑक्सीजन स्तर (ऑक्सीमीटर से नाप सकते हैं) 90 फीसदी से कम आता है, सांस फूल रही है या चक्कर आ रहे हैं और बीपी 150 से ऊपर जा रहा है तो सावधान हो जाएं। तुरंत चिकित्सक से सलाह लेकर अस्पताल में भर्ती हो जाएं।
इन पांच बातों का ध्यान रखें
- होम आइसोलेशन में उपचार से संबंधित दो हफ्ते का कोविड कलेंडर जरूर बनाएं।
- रोजाना शरीर का तापमान और ऑक्सीजन का स्तर नापते हुए इसका चार्ट बनाते रहें।
- ब्लडप्रेशर, पल्स रेट और रेस्पिरेटरी रेट (मोबाइल एप उपलब्ध हैं) भी जांचते रहें।
- हर तीन दिन बाद प्लेटलेट्स की संख्या जानने के लिए खून की जांच कराएं।
- गुनगुने पानी का सेवन करते रहें, पेशाब पीला आ रहा है तो पानी और अधिक पीएं।
ऑक्सीजन स्तर गिरे, सांस फूले या चक्कर आएं तो सावधान
होम आइसोलेशन के दौरान आपको कुछ लक्षणों पर ध्यान रखना होगा। आपका ऑक्सीजन स्तर (ऑक्सीमीटर से नाप सकते हैं) 90 फीसदी से कम आता है, सांस फूल रही है या चक्कर आ रहे हैं और बीपी 150 से ऊपर जा रहा है तो सावधान हो जाएं। तुरंत चिकित्सक से सलाह लेकर अस्पताल में भर्ती हो जाएं।
इन पांच बातों का ध्यान रखें
- होम आइसोलेशन में उपचार से संबंधित दो हफ्ते का कोविड कलेंडर जरूर बनाएं।
- रोजाना शरीर का तापमान और ऑक्सीजन का स्तर नापते हुए इसका चार्ट बनाते रहें।
- ब्लडप्रेशर, पल्स रेट और रेस्पिरेटरी रेट (मोबाइल एप उपलब्ध हैं) भी जांचते रहें।
- हर तीन दिन बाद प्लेटलेट्स की संख्या जानने के लिए खून की जांच कराएं।
- गुनगुने पानी का सेवन करते रहें, पेशाब पीला आ रहा है तो पानी और अधिक पीएं।