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छात्र-छात्राओं की फर्जी हाजिरी पर नकेल लगाने की तैयारी, विश्वविद्यालय ने बनाई यह योजना
Fri, 05 Jul 2019 04:04 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 05 Jul 2019 04:04 PM IST
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
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आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र 2019-20 में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाने के लिए इसकी आकस्मिक जांच करने की योजना बनाई गई है। विश्वविद्यालय और उच्च शिक्षा अधिकारी की संयुक्त टीम कॉलेजों में अचानक पहुंचकर उपस्थिति का सत्यापन किया करेगी। उम्मीद की जाती है कि इस पहल से फर्जी हाजिरी पर नकेल लग सकेगी।
शिकायत मिलती रही है कि तमाम कॉलेजों में छात्र-छात्राओं के न पहुंचने पर भी उनकी उपस्थिति दर्शा दी जाती है। दरअसल यहां कक्षाओं का नियमित संचालन नहीं होता। इस पर पर्दा डालने के लिए कॉलेज फर्जी हाजिरी दर्ज करते हैं।
चूंकि विश्वविद्यालय की परीक्षा में शामिल कराने के लिए निर्धारित सीमा तक कक्षाओं का संचालन और उपस्थिति अनिवार्य है। इस गड़बड़ी के कारण शैक्षणिक गुणवत्ता पर भी असर पड़ता है। इसको देखते हुए निरीक्षण अभियान चलाने की योजना बनाई गई है।
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शिकायत मिलती रही है कि तमाम कॉलेजों में छात्र-छात्राओं के न पहुंचने पर भी उनकी उपस्थिति दर्शा दी जाती है। दरअसल यहां कक्षाओं का नियमित संचालन नहीं होता। इस पर पर्दा डालने के लिए कॉलेज फर्जी हाजिरी दर्ज करते हैं।
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चूंकि विश्वविद्यालय की परीक्षा में शामिल कराने के लिए निर्धारित सीमा तक कक्षाओं का संचालन और उपस्थिति अनिवार्य है। इस गड़बड़ी के कारण शैक्षणिक गुणवत्ता पर भी असर पड़ता है। इसको देखते हुए निरीक्षण अभियान चलाने की योजना बनाई गई है।
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विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ. गिरजाशंकर शर्मा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान संयुक्त टीम कक्षाओं में छात्र-छात्राओं की भौतिक और पंजिका में दर्शाई गई उपस्थिति का मिलान करेगी। सीसीटीवी कैमरे से भी हाजिरी का मिलान किया जाएगा। गड़बड़ी मिलने पर कक्षा शिक्षक, प्राचार्य और प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उनका कहना है कि कक्षाएं नियमित रूप से चलेंगी, विद्यार्थी उपस्थित होंगे तो शिक्षा की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। इससे नकल में अपने आप कमी आएगी। इसलिए कॉलेजों का निरीक्षण सत्र के आरंभ से अंत तक करने की योजना है।
उनका कहना है कि कक्षाएं नियमित रूप से चलेंगी, विद्यार्थी उपस्थित होंगे तो शिक्षा की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। इससे नकल में अपने आप कमी आएगी। इसलिए कॉलेजों का निरीक्षण सत्र के आरंभ से अंत तक करने की योजना है।