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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय: पांच हजार छात्रों के घर भेजीं अंकतालिकाएं
Wed, 30 Dec 2020 12:30 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 30 Dec 2020 12:30 AM IST
सार
हेल्प डेस्क पर प्रार्थनापत्र पत्र देने के साथ लिफाफे पर छात्र से नाम, पता लिखवाया जा रहा
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छात्रा को अंकतालिका देते कुलपति
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन छात्र-छात्राओं की कुछ समस्याओं का समाधान हेल्प डेस्क से ही कर दे रही है। अंकतालिकाओं में संशोधन आदि प्रकरणों के निस्तारण के लिए अंदर नहीं जाना पड़ रहा है। अक्तूबर से यह व्यवस्था शुरू की गई है। कुलपति प्रो. अशोक मित्तल ने बताया कि अब तक करीब 5000 अंकतालिकाएं ठीक कराकर छात्रों के घर भेजी जा चुकी हैं।
विश्वविद्यालय के पालीवाल पार्क परिसर स्थित बृहस्पति भवन में मंगलवार को कुलपति ने बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा पूजा चाहर को संशोधित अंकतालिका दी गई। जिसे हेल्प डेस्क के माध्यम से बनवाया गया था। एक माह पहले छात्रा ने ऑनलाइन आवेदन किया था, उस पर कोई कदम न उठाए जाने पर हेल्प डेस्क पर पहुंची, यहां से एक हफ्ते में नाम में संशोधन करके दिया गया।
कुलपति प्रो. अशोक मित्तल ने बताया कि हेल्प डेस्क पर समस्या लेकर पहुंचने वाले छात्र-छात्राओं कंप्लेंट नंबर दिया जा रहा है। अंकतालिका के संशोधन के प्रकरण में उससे एक लिफाफे पर नाम, पता, मोबाइल नंबर लिखवा लिया जा रहा है। इस काम को देख रहे विश्वविद्यालय के प्रो. यूसी शर्मा खुद एजेंसी तक प्रार्थनापत्रों को पहुंचाकर उसे ठीक कराना सुनिश्चित कर रहे हैं, ऐसे प्रकरण को एक हफ्ते में निस्तारित किया जा रहा है।
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विश्वविद्यालय के पालीवाल पार्क परिसर स्थित बृहस्पति भवन में मंगलवार को कुलपति ने बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा पूजा चाहर को संशोधित अंकतालिका दी गई। जिसे हेल्प डेस्क के माध्यम से बनवाया गया था। एक माह पहले छात्रा ने ऑनलाइन आवेदन किया था, उस पर कोई कदम न उठाए जाने पर हेल्प डेस्क पर पहुंची, यहां से एक हफ्ते में नाम में संशोधन करके दिया गया।
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कुलपति प्रो. अशोक मित्तल ने बताया कि हेल्प डेस्क पर समस्या लेकर पहुंचने वाले छात्र-छात्राओं कंप्लेंट नंबर दिया जा रहा है। अंकतालिका के संशोधन के प्रकरण में उससे एक लिफाफे पर नाम, पता, मोबाइल नंबर लिखवा लिया जा रहा है। इस काम को देख रहे विश्वविद्यालय के प्रो. यूसी शर्मा खुद एजेंसी तक प्रार्थनापत्रों को पहुंचाकर उसे ठीक कराना सुनिश्चित कर रहे हैं, ऐसे प्रकरण को एक हफ्ते में निस्तारित किया जा रहा है।
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जिस लिफाफे पर छात्र से पता लिखवाया जा रहा है, उसी में रखकर अंकतालिका स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेज दी जा रही है। कंप्लेंट नंबर से विद्यार्थी को ट्रैकिंग की सुविधा दी जा रही। वार्ता के दौरान पीआरओ प्रो. प्रदीप श्रीधर, परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजीव कुमार, हेल्प डेस्क प्रभारी पीके सिंह, डॉ. अजय शर्मा मौजूद रहे।
ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था में किया जाएगा बदलाव
कुलपति प्रो. अशोक मित्तल का कहना है कि ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था में भी बदलाव किया जाएगा। उन्हें आवेदनों को स्वीकार किया जाएगा, जिनसे संबंधित प्रमाणपत्र आवेदन के साथ लगाए गए हों, उनका समय से निस्तारण भी किया जाएगा। इसके लिए साफ्टवेयर को अपडेट कराया जाएगा। अभी ऑनलाइन आवेदन में तमाम कमियां पाई जा रही है, स्टाफ भी उन कमियों को आवेदकों को बता नहीं रहा है।
38 हजार ऑफलाइन आवेदनों की फीडिंग कराई जा रही
कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय में पहले से रखे हुए करीब 38 हजार ऑफलाइन आवेदनों की कंप्यूटर में फीडिंग कराई जा रही है। यह वर्ष 2017 में ऑनलाइन आवेदन शुरू होने के पहले के हैं। इन पर विचार न किए जाने से तमाम छात्र-छात्राओं को दोबारा ऑनलाइन आवेदन करना पड़ा। वहीं, ऑनलाइन आवेदन के बाद तमाम छात्रों को प्रमाणपत्र मिल गए, फिर भी वह ऑफलाइन में लंबित हैं। इनका मिलान कराया जाएगा।
ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था में किया जाएगा बदलाव
कुलपति प्रो. अशोक मित्तल का कहना है कि ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था में भी बदलाव किया जाएगा। उन्हें आवेदनों को स्वीकार किया जाएगा, जिनसे संबंधित प्रमाणपत्र आवेदन के साथ लगाए गए हों, उनका समय से निस्तारण भी किया जाएगा। इसके लिए साफ्टवेयर को अपडेट कराया जाएगा। अभी ऑनलाइन आवेदन में तमाम कमियां पाई जा रही है, स्टाफ भी उन कमियों को आवेदकों को बता नहीं रहा है।
38 हजार ऑफलाइन आवेदनों की फीडिंग कराई जा रही
कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय में पहले से रखे हुए करीब 38 हजार ऑफलाइन आवेदनों की कंप्यूटर में फीडिंग कराई जा रही है। यह वर्ष 2017 में ऑनलाइन आवेदन शुरू होने के पहले के हैं। इन पर विचार न किए जाने से तमाम छात्र-छात्राओं को दोबारा ऑनलाइन आवेदन करना पड़ा। वहीं, ऑनलाइन आवेदन के बाद तमाम छात्रों को प्रमाणपत्र मिल गए, फिर भी वह ऑफलाइन में लंबित हैं। इनका मिलान कराया जाएगा।
वर्ष 2017 में अंकतालिका के लिए आवेदन किया, अब बुलाया
बीएससी तृतीय वर्ष की अंकतालिका के लिए गरिमा सिंह ने वर्ष 2017 में आवेदन किया था।चार चक्कर लगाने के बाद उन्हें अंकतालिका नहीं मिल पाई। चौथी बार हेल्प डेस्क पर पहुंचने के बाद उनका काम हुआ है। बुधवार को उन्हें फोन करके बुलाया गया।
इंडोर बैडमिंटन कोर्ट व कैंटीन का उद्घाटन आज
केएमआई परिसर में फिट इंडिया मूवमेंट के तहत इंडोर बैडमिंटन कोर्ट का निर्माण कराया गया है। इसमें विद्यार्थी, शिक्षक व कर्मचारी खेल सकेंगे। बुधवार को इसका उद्घाटन होगा। वहीं, केएमआई परिसर में ही नई कैंटीन बनवाई गई है। बुधवार को दोनों को राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह उद्घाटन करेंगे। कैंटीन की दो खिड़कियां विश्वविद्यालय परिसर के बाहर भी खुलेंगी। बाहर से आने वाले छात्र-छात्राएं व अभिभावक इसका लाभ ले सकेंगे। वर्तमान में निर्धारित लोगों को ही परिसर में जाने की अनुमति है।
बीएससी तृतीय वर्ष की अंकतालिका के लिए गरिमा सिंह ने वर्ष 2017 में आवेदन किया था।चार चक्कर लगाने के बाद उन्हें अंकतालिका नहीं मिल पाई। चौथी बार हेल्प डेस्क पर पहुंचने के बाद उनका काम हुआ है। बुधवार को उन्हें फोन करके बुलाया गया।
इंडोर बैडमिंटन कोर्ट व कैंटीन का उद्घाटन आज
केएमआई परिसर में फिट इंडिया मूवमेंट के तहत इंडोर बैडमिंटन कोर्ट का निर्माण कराया गया है। इसमें विद्यार्थी, शिक्षक व कर्मचारी खेल सकेंगे। बुधवार को इसका उद्घाटन होगा। वहीं, केएमआई परिसर में ही नई कैंटीन बनवाई गई है। बुधवार को दोनों को राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह उद्घाटन करेंगे। कैंटीन की दो खिड़कियां विश्वविद्यालय परिसर के बाहर भी खुलेंगी। बाहर से आने वाले छात्र-छात्राएं व अभिभावक इसका लाभ ले सकेंगे। वर्तमान में निर्धारित लोगों को ही परिसर में जाने की अनुमति है।