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बदहाल व्यवस्थाः इस कारण दस साल से विश्वविद्यालय के चक्कर काट रहे छात्र-छात्राएं, जानिये पूरी खबर

Wed, 06 Nov 2019 01:56 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Wed, 06 Nov 2019 01:56 PM IST
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Dr Bhimrao Ambedkar University Degree of student year 2005 not Get
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय

डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने लंबित समस्याओं के निस्तारण के लिए दो बार अभियान चलाया पर छात्र-छात्राओं की समस्याएं सुलझ नहीं पाई हैं। रोजाना छात्र सहायता केंद्र और परीक्षा नियंत्रक कार्यालय के बाहर लाइन लग रही है।

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पांच से दस वर्ष पुराने मामलों को भी विश्वविद्यालय निपटा नहीं पाया है। कोई छात्र छह बार तो कोई 10 बार चक्कर काट चुका है।  बिचपुरी के हेमंत सिंह ने बताया कि उनकी पत्नी ने वर्ष 2005 में बीए और उसके बाद एमए और बीएड किया।
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एक भी डिग्री नहीं मिली है। वर्ष 2010 में पहली बार डिग्री के लिए आवेदन किया था, अभी तक डिग्री मिली नहीं है। हर बार कहा जाता है कि डिग्री घर भेज दी जाएगी। पहले ऑफलाइन बाद में ऑनलाइन आवेदन किया। दो से तीन बार फीस लेने के बाद भी विश्वविद्यालय डिग्री नहीं दे पा रहा है। 

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Dr Bhimrao Ambedkar University Degree of student year 2005 not Get
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में डिग्री के लिए छात्र-छात्राएं काट रहे चक्कर - फोटो : अमर उजाला

वर्ष 2016 में आवेदन, अभी तक नहीं हुआ सत्यापन
अलीगढ़ निवासी मोहित वार्ष्णेय ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2011-12 में बीएड किया था। वर्ष 2013 में डिग्री के लिए आवेदन किया। डिग्री अभी तक नहीं मिल पाई है।

मार्च 2016 में बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रमाणपत्रों के सत्यापन के लिए विश्वविद्यालय को भेजा है, सत्यापन नहीं हो पा रहा है। उच्च प्राथमिक विद्यालय, गंगेरी, अलीगढ़ में सहायक अध्यापक हूं। सत्यापन न होने से एरियर का भुगतान नहीं हो पा रहा है। 

छह बार चक्कर लगाने के बाद भी नहीं मिली डिग्री
औरेया के प्रशांत कुमार ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2011 में चौधरी सूरज सिंह महाविद्यालय, जागीर, मैनपुरी से बीएड किया था। 10 माह पहले आवेदन किया था। पहले ऑफ लाइन और बाद में ऑनलाइन। दो बार फीस जमा की। छह बार चक्कर लगा चुका हैं, डिग्री हाथ नहीं आई है। हर बार आश्वासन दिया जाता है कि डिग्री घर पहुंच जाएगी। 

वर्ष 2014 में सौदान सिंह डिग्री कॉलेज से बीएससी करने वाले विकास यादव ने बताया कि उन्होंने एसआई भर्ती के लिए आवेदन किया है। सत्यापित प्रमाणपत्र लगाना है। एक माह से रोज विश्वविद्यालय का चक्कर लगा रहा हूं। सत्यापन नहीं किया जा रहा है। अधिकारी कर्मचारी के पास भेज देते हैं, कर्मचारी कोई न कोई बहाना बनाकर टाल देते हैं। 

नियमित रूप से की जाएगी मॉनीटरिंग : कुलसचिव केएन सिंह

सवाल: दो-दो विशेष अभियान चलाए, लंबित प्रकरण क्यों नहीं निपटे?
जवाब: लंबित प्रकरणों की संख्या अधिक थी, कुछ वर्षों की जांचें भी चल रही हैं। 

सवाल: छात्रों का आरोप है कि काम जानबूझकर लटकाया जाता है?
जवाब: नियमित मॉनीटरिंग की व्यवस्था की गई थी, दीक्षांत समारोह, छुट्टियों से गतिरोध हुआ, आने वाले दिनों में हर सीट के काम की मॉनीटरिंग की जाएगी। 

सवाल: कर्मचारी नियमित रूप से सीट पर नहीं बैठते हैं?
जवाब: विश्वविद्यालय के 50 कर्मचारियों की ड्यूटी बीएलओ में लगी है। कर्मचारी कार्यालय में कम समय दे पा रहे हैं। इससे काम प्रभावित हो रहा है। 

25 हजार से ज्यादा ऑनलाइन आवेदन लंबित
 डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में डिग्री के लिए किए गए 25 हजार से ज्यादा ऑनलाइन आवेदन लंबित हैं। जून 2018 से डिग्री के लिए ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं। निर्धारित अवधि में छात्र-छात्राओं की समस्याओं का समाधान करने के लिए यह व्यवस्था शुरू की गई थी। विश्वविद्यालय के कई चक्कर काटने के बाद भी छात्र-छात्राओं को डिग्री नहीं मिल पा रही है।

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