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एक साल बाद फिर खुली डीपीआरओ की फाइल

Fri, 21 Feb 2020 10:36 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 21 Feb 2020 10:36 PM IST
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dpro's file reopen
मैनपुरी। कूड़ेदान फर्जीवाडे़ में फंसे डीपीआरओ की फाइल एक साल बाद दोबारा खुल गई है। तत्कालीन डीपीआरओ यतेंद्र सिंह के खिलाफ स्थगित हुई विभागीय जांच अब जाकर शुरू हो पाई है। जांच अधिकारी उप निदेशक पंचायत राज अलीगढ़ मंडल ने मैनपुरी पहुंचकर अभिलेख खंगाले। उन्होंने जांच में पंचायत सचिव और एडीओ पंचायत के बयान भी दर्ज किए।
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वर्ष 2019 में जिले में तैनात रहे तत्कालीन डीपीआरओ यतेंद्र सिंह के खिलाफ कूड़ेदान में हुए फर्जीवाड़े को लेकर जांच बैठाई गई थी। मामले में तत्कालीन प्रमुख सचिव पंचायती राज विभाग अनुराग श्रीवास्तव ने डीपीआरओ को निलंबित कर विभागीय जांच उप निदेशक पंचायत राज अलीगढ़ मंडल एसके सिंह को सौंपी। बृहस्पतिवार को एसके सिंह ने जिले में पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के लिए उप निदेशक ने कूड़ेदान मामले की सभी पत्रावली खंगालने के साथ ही पंचायत सचिव और एडीओ पंचायत के बयान भी दर्ज किए।
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ये था मामला
वर्ष 2019 में तत्कालीन डीपीआरओ यतेंद्र सिंह की तैनाती के दौरान ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ेदान लगवाए गए थे। प्रत्येक कूड़ेदान के लिए 12 हजार रुपये का भुगतान किया गया था, जबकि बाजार में इनकी कीमत महज चार हजार रुपये थे। शिकायत पर हुई जांच में पुष्टि के बाद डीपीआरओ को निलंबित कर जांच के आदेश दिए गए थे।
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विजिलेंस भी कर रहीजांच
कूड़ेदान घोटाले और शौचालयों में फर्जीवाड़े की जांच विजिलेंस आगरा भी कर रही है। अब तक विजिलेंस द्वारा सभी अभिलेख लेने के साथ ही गांव-गांव जाकर भी जांच की गई है। इसमें पंचायत सचिव से लेकर प्रधान और एडीओ पंचायत ने बयान भी दर्ज कराए हैं।
अन्य बिंदुओं पर भी जुटाई जानकारी
जांच में उप निदेशक अलीगढ़ मंडल ने कूड़ेदान के अलावा अन्य बिंदुओं पर भी जानकारी जुटाई। उन्होंने बेसलाइन सर्वे के अतिरिक्त लोगों को शौचालय की प्रोत्साहन राशि दिए जाने, गलत खातों में गई धनराशि के मामलों में की गई कार्रवाई, जिन्हें अधिक धनराशि दी गई ऐसे मामलों में क्या कार्रवाई हुई इस पर भी गहनता से जांच की गई।

हाईलाइटर
-09 हैं जिले में कुल ब्लॉक
-552 हैं जिले में ग्राम पंचायतें
-05 हजार के करीब लगे थे कूड़ेदान
-12 हजार के हिसाब से हुआ भुगतान
कार्यालय में भी जांच की गई
शासन ने तत्कालीन डीपीआरओ यतेंद्र सिंह की जांच सौंपी है। कई गांव के साथ ही डीपीआरओ कार्यालय में भी जांच की गई। अभिलेख पूरे न मिलने के चलते जांच गहराई से नहीं हो सकी। डीपीआरओ को सभी अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया है।
एसके सिंह, उप निदेशक पंचायत राज अलीगढ़ मंडल।
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