{"_id":"60046fc08ebc3e32d344447a","slug":"dpro-mainpuri-news-agr4768488196","type":"story","status":"publish","title_hn":"12 पंचायत सचिव लेखा परीक्षण में नहीं हुए उपस्थित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
12 पंचायत सचिव लेखा परीक्षण में नहीं हुए उपस्थित
विज्ञापन
जिला लेखा परीक्षा अधिकारी कार्यालय
- फोटो : MAINPURI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। सात साल पुरानी ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण के लिए प्रयास किया जा रहा है। पंचायत सचिवों की लापरवाही से ये प्रयास विफल हो रहा है। तीन बार आदेश के बाद भी 12 ग्राम पंचायतों के सचिव लेखा परीक्षण के लिए उपस्थित नहीं हुए। मामले में जिला लेखा परीक्षा अधिकारी ने डीपीआरओ को पत्र भेजा है।
वित्तीय वर्ष 2012-13 के ऑडिट में धनराशि खर्च के संबंध में तीन दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतों में जरूरी अभिलेख नहीं मिले थे। ऐसे में लेखा विभाग ने इसे दुरुपयोग की श्रेणी में माना था। बाद में साल दर साल इसके निस्तारण के लिए प्रयास हुए, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। अब सात साल बाद शासन के आदेश पर इन ऑडिट आपत्तियों का निस्तारण कराया जाना अनिवार्य कर दिया गया है।
इसके लिए एक जनवरी और दो जनवरी 2021 के अलावा 12 जनवरी 2021 को लेखा परीक्षा टीम ने ग्राम पंचायतों के सचिवों को साक्ष्य सहित उपस्थित होने के निर्देश दिए। इसके बाद भी तीन ब्लॉकों की 12 ग्राम पंचायतों के सचिवों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। इसके चलते इन ऑडिट आपत्तियों का निस्तारण नहीं हो सका। इसमें विकास खंड सुल्तानगंज व बरनाहल की दो-दो और विकास जागीर की आठ ग्राम पंचायतें शामिल हैं। जिला लेखा परीक्षा अधिकारी ने डीपीआरओ को पत्र भेजकर इसकी जानकारी दी है। साथ ही तत्काल निर्धारित तिथि पर सचिवों को अभिलेखों के साथ उपस्थित होने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
19 जनवरी को फिर बैठेगा लेखा परीक्षा दल
ऑडिट आपत्तियों के संबंध में अभिलेखों का परीक्षण करने के लिए एक पांच सदस्यीय लेखा परीक्षा दल 19 जनवरी को बैठेगा। जिला लेखा परीक्षा अधिकारी कार्यालय में सचिवों को अभिलेखों के साथ निर्धारित तिथि पर उपस्थित होना होगा। लेखा परीक्षा दल में सत्यप्रकाश तिवारी, दीपक सिंह, रोहित चौधरी, अभिषेक सिंह और राजेश्वर दीक्षित शामिल हैं।
ये ग्राम पंचायतें हैं शामिल
ब्लॉक ग्राम पंचायतें
बरनाहल विरथुआ और डालूपुर
सुल्तानगंज मरहरी, जगतपुर
जागीर मंछना, कुरारी, रनतपुर बरा, सुगांव, अघार, दलपुरा, बघिरुआ और गदाईपुर
विज्ञापन
वित्तीय वर्ष 2012-13 के ऑडिट में धनराशि खर्च के संबंध में तीन दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतों में जरूरी अभिलेख नहीं मिले थे। ऐसे में लेखा विभाग ने इसे दुरुपयोग की श्रेणी में माना था। बाद में साल दर साल इसके निस्तारण के लिए प्रयास हुए, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। अब सात साल बाद शासन के आदेश पर इन ऑडिट आपत्तियों का निस्तारण कराया जाना अनिवार्य कर दिया गया है।
विज्ञापन
इसके लिए एक जनवरी और दो जनवरी 2021 के अलावा 12 जनवरी 2021 को लेखा परीक्षा टीम ने ग्राम पंचायतों के सचिवों को साक्ष्य सहित उपस्थित होने के निर्देश दिए। इसके बाद भी तीन ब्लॉकों की 12 ग्राम पंचायतों के सचिवों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। इसके चलते इन ऑडिट आपत्तियों का निस्तारण नहीं हो सका। इसमें विकास खंड सुल्तानगंज व बरनाहल की दो-दो और विकास जागीर की आठ ग्राम पंचायतें शामिल हैं। जिला लेखा परीक्षा अधिकारी ने डीपीआरओ को पत्र भेजकर इसकी जानकारी दी है। साथ ही तत्काल निर्धारित तिथि पर सचिवों को अभिलेखों के साथ उपस्थित होने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
19 जनवरी को फिर बैठेगा लेखा परीक्षा दल
ऑडिट आपत्तियों के संबंध में अभिलेखों का परीक्षण करने के लिए एक पांच सदस्यीय लेखा परीक्षा दल 19 जनवरी को बैठेगा। जिला लेखा परीक्षा अधिकारी कार्यालय में सचिवों को अभिलेखों के साथ निर्धारित तिथि पर उपस्थित होना होगा। लेखा परीक्षा दल में सत्यप्रकाश तिवारी, दीपक सिंह, रोहित चौधरी, अभिषेक सिंह और राजेश्वर दीक्षित शामिल हैं।
ये ग्राम पंचायतें हैं शामिल
ब्लॉक ग्राम पंचायतें
बरनाहल विरथुआ और डालूपुर
सुल्तानगंज मरहरी, जगतपुर
जागीर मंछना, कुरारी, रनतपुर बरा, सुगांव, अघार, दलपुरा, बघिरुआ और गदाईपुर