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दोहरे हत्याकांड का फरार सजायाफ्ता मुजरिम 10 साल बाद गिरफ्तार, 50 हजार का था इनाम
Mon, 03 Feb 2020 12:32 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 03 Feb 2020 12:32 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में जीआरपी की सर्विलांस टीम और एसटीएफ कानपुर यूनिट की टीम ने 10 साल से फरार चल रहे उम्रकैद की सजा पाए मुजरिम दयाशंकर उर्फ राजा कुशवाह निवासी जालौन को आगरा कैंट स्टेशन से गिरफ्तार किया।
सजायाफ्ता कैदी जुलाई 2009 में बरेली जेल से फतेहगढ़ सेंट्रल जेल ले जाते वक्त कासगंज में ट्रेन से फरार हो गया था। एसपी जीआरपी ने उस पर 50 हजार का इनाम घोषित कर रखा था।
रविवार को प्रेसवार्ता कर एसपी जीआरपी जोगेंद्र सिंह ने बताया कि दयाशंकर उर्फ राजा के विरुद्ध वर्ष 2005 में अपने भाई और चाचा की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने उसे थाना कोंच, जिला जालौन से जेल भेजा था।
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सजायाफ्ता कैदी जुलाई 2009 में बरेली जेल से फतेहगढ़ सेंट्रल जेल ले जाते वक्त कासगंज में ट्रेन से फरार हो गया था। एसपी जीआरपी ने उस पर 50 हजार का इनाम घोषित कर रखा था।
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रविवार को प्रेसवार्ता कर एसपी जीआरपी जोगेंद्र सिंह ने बताया कि दयाशंकर उर्फ राजा के विरुद्ध वर्ष 2005 में अपने भाई और चाचा की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने उसे थाना कोंच, जिला जालौन से जेल भेजा था।
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मथुरा जाने की फिराक में था मुजरिम
न्यायालय से दयाशंकर को हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा हो गई थी। जुलाई 2009 में पुलिस उसे बरेली जेल से स्थानांतरित होने पर फतेहगढ़ सेंट्रल जेल ले जा रही थी। ट्रेन से फतेहगढ़ ले जाते वक्त वह कासगंज में फरार हो गया था।
काफी तलाश करने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका था। तभी से जीआरपी और एसटीएफ भी उसकी तलाश कर रही थी। रविवार को दयाशंकर को आगरा कैंट स्टेशन पर पकड़ा गया।
वो मथुरा जाने के लिए टिकट भी ले चुका था। तभी जीआरपी कैंट इंस्पेक्टर विजय सिंह चक ने एसटीएफ की टीम के साथ उसे दबोच लिया। उसके पास से एक तमंचा और दो कारतूस भी बरामद किए गए। इस दौरान सीओ जीआरपी अनुराग दर्शन मौजूद रहे।
अहमदाबाद में बना लिया था ठिकाना
पुलिस ने पूछताछ में दयाशंकर ने बताया कि फरार होने के बाद उसने घरवालों से संपर्क तोड़ लिया था। वह अहमदाबाद में रहता था। कुछ साल दिल्ली में भी रहा था।
काफी तलाश करने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका था। तभी से जीआरपी और एसटीएफ भी उसकी तलाश कर रही थी। रविवार को दयाशंकर को आगरा कैंट स्टेशन पर पकड़ा गया।
वो मथुरा जाने के लिए टिकट भी ले चुका था। तभी जीआरपी कैंट इंस्पेक्टर विजय सिंह चक ने एसटीएफ की टीम के साथ उसे दबोच लिया। उसके पास से एक तमंचा और दो कारतूस भी बरामद किए गए। इस दौरान सीओ जीआरपी अनुराग दर्शन मौजूद रहे।
अहमदाबाद में बना लिया था ठिकाना
पुलिस ने पूछताछ में दयाशंकर ने बताया कि फरार होने के बाद उसने घरवालों से संपर्क तोड़ लिया था। वह अहमदाबाद में रहता था। कुछ साल दिल्ली में भी रहा था।