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त्योहार पर भी शहर में नहीं उठ रहा कूड़ा, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन बंद, नाले-सड़क पर कचरे के ढेर
Wed, 04 Nov 2020 12:20 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 04 Nov 2020 12:20 PM IST
सार
इन दिनों शहर में 900 मीट्रिक टन से ज्यादा कचरा निकल रहा है, लेकिन उठान 650 मीट्रिक टन तक का ही है। बाकी कचरा शहर की गलियों-सड़कों और खाली प्लॉटों में सड़ रहा है।
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नाले-सड़क पर कचरे के ढेर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
त्योहारों से पहले शहर की सड़कों, गलियों में कचरे के ढेर लगे हुए हैं। दोपहर तक भी घरों-गलियों और सड़कों से कूड़ा नहीं उठ रहा है। जबकि दिवाली की सफाई के कारण घरों और दुकानों से 30 फीसदी ज्यादा कूड़ा निकल रहा है। एक अक्तूबर को हाथरस कांड के बाद हड़ताल पर गए सफाई कर्मचारियों के कारण बिगड़ी शहर की सफाई व्यवस्था अभी तक पटरी पर नहीं आ पाई है।
डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के फेल हो जाने के कारण लोग कूड़ा खाली प्लॉटों-गलियों और नालों में फेंक रहे हैं, जिन्हें नगर निगम के सफाई कर्मचारी तीन से चार दिन बाद उठा रहे हैं। इन दिनों शहर में 900 मीट्रिक टन से ज्यादा कचरा निकल रहा है, लेकिन उठान 650 मीट्रिक टन तक का ही है। बाकी कचरा शहर की गलियों-सड़कों और खाली प्लॉटों में सड़ रहा है।
लापरवाही : रात में दुकानों की सफाई, सड़क पर कचरा
शहर के पुराने बाजारों रावतपाड़ा, किनारी बाजार, लुहार गली, सुभाष बाजार, दरेसी, छत्ता, बेलनगंज, शाहगंज, मोतीगंज के साथ लोहामंडी, राजा की मंडी, जीवनी मंडी, बल्केश्वर, बोदला, सिकंदरा, जगदीशपुरा, न्यू आगरा, राजपुर चुंगी समेत बाजारों में दुकानदार रात में ही दुकानों की रंगाई-पुताई करा रहे हैं। सफाई के दौरान कूड़ा सड़क पर ही फेंक रहे हैं, जो दोपहर तक वहीं पड़ा रहता है। दोपहर में बाजार जाने वाले लोगों को कचरे के ढेर के बीच ही दुकानों तक पहुंचना पड़ रहा है।
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डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के फेल हो जाने के कारण लोग कूड़ा खाली प्लॉटों-गलियों और नालों में फेंक रहे हैं, जिन्हें नगर निगम के सफाई कर्मचारी तीन से चार दिन बाद उठा रहे हैं। इन दिनों शहर में 900 मीट्रिक टन से ज्यादा कचरा निकल रहा है, लेकिन उठान 650 मीट्रिक टन तक का ही है। बाकी कचरा शहर की गलियों-सड़कों और खाली प्लॉटों में सड़ रहा है।
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लापरवाही : रात में दुकानों की सफाई, सड़क पर कचरा
शहर के पुराने बाजारों रावतपाड़ा, किनारी बाजार, लुहार गली, सुभाष बाजार, दरेसी, छत्ता, बेलनगंज, शाहगंज, मोतीगंज के साथ लोहामंडी, राजा की मंडी, जीवनी मंडी, बल्केश्वर, बोदला, सिकंदरा, जगदीशपुरा, न्यू आगरा, राजपुर चुंगी समेत बाजारों में दुकानदार रात में ही दुकानों की रंगाई-पुताई करा रहे हैं। सफाई के दौरान कूड़ा सड़क पर ही फेंक रहे हैं, जो दोपहर तक वहीं पड़ा रहता है। दोपहर में बाजार जाने वाले लोगों को कचरे के ढेर के बीच ही दुकानों तक पहुंचना पड़ रहा है।
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लाइलाज : नहीं हो पा रहा डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन
डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में नगर निगम फेल साबित हुआ। जनवरी से लेकर अब तक 11 महीने में भी नगर निगम 46 फीसदी से ज्यादा डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन नहीं कर पाया। 54 प्रतिशत यानी करीब 1.65 लाख घरों और दुकानों से कूड़ा लेने कोई कर्मचारी नहीं जा रहा।
वह इस कूड़े को नालों और सड़क पर डाल रहे हैं। शहर में 2.25 लाख घरों पर क्यूआर कोड कार्ड लगे हैं, जिसे हैंड हेल्ड डिवाइस (कार्ड रीडर) के जरिये स्कैन करने की योजना थी, लेकिन डोर-टू-डोर कंपनियों के जाते ही यह व्यवस्था भी बंद हो गई।
लाचारी : दो अक्तूबर का अभियान अभी तक स्थगित
नगर निगम ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर स्वच्छ भारत अभियान के तहत 10 दिन के सफाई अभियान की घोषणा की थी, जिसमें सभी पार्षदों को एक साथ दो अक्तूबर को सफाई अभियान का आगाज करना था, लेकिन हाथरस कांड के कारण सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से नगर निगम को अभियान स्थगित करना पड़ा, जो अब तक शुरू नहीं हो पाया है। मेयर नवीन जैन और नगर आयुक्त निखिल टीकाराम फुंडे इस अभियान को एक महीने बाद भी शुरू नहीं करा सके है। दिवाली का त्योहार नजदीक है, लेकिन शहर में सफाई व्यवस्था बदहाल है।
डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में नगर निगम फेल साबित हुआ। जनवरी से लेकर अब तक 11 महीने में भी नगर निगम 46 फीसदी से ज्यादा डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन नहीं कर पाया। 54 प्रतिशत यानी करीब 1.65 लाख घरों और दुकानों से कूड़ा लेने कोई कर्मचारी नहीं जा रहा।
वह इस कूड़े को नालों और सड़क पर डाल रहे हैं। शहर में 2.25 लाख घरों पर क्यूआर कोड कार्ड लगे हैं, जिसे हैंड हेल्ड डिवाइस (कार्ड रीडर) के जरिये स्कैन करने की योजना थी, लेकिन डोर-टू-डोर कंपनियों के जाते ही यह व्यवस्था भी बंद हो गई।
लाचारी : दो अक्तूबर का अभियान अभी तक स्थगित
नगर निगम ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर स्वच्छ भारत अभियान के तहत 10 दिन के सफाई अभियान की घोषणा की थी, जिसमें सभी पार्षदों को एक साथ दो अक्तूबर को सफाई अभियान का आगाज करना था, लेकिन हाथरस कांड के कारण सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से नगर निगम को अभियान स्थगित करना पड़ा, जो अब तक शुरू नहीं हो पाया है। मेयर नवीन जैन और नगर आयुक्त निखिल टीकाराम फुंडे इस अभियान को एक महीने बाद भी शुरू नहीं करा सके है। दिवाली का त्योहार नजदीक है, लेकिन शहर में सफाई व्यवस्था बदहाल है।
बीच चौराहे पर लगे कूड़े के ढेर
दिवाली की सफाई के कारण घर से ज्यादा कूड़ा निकल रहा है। कॉलोनी के पास का डस्टबिन भी हटा दिया है। बीच चौराहे पर कूड़े के ढेर लगे हैं। अच्छा होता, पहले की तरह कूड़ेदान रखवा देते - मुन्नालाल, मारुति इस्टेट
नाले में डाला जा रहा कचरा
बार कोड लगे हुए एक साल हो गया। शोपीस की तरह लगा गए हैं, लेकिन इनका फायदा क्या है। डोर-टू-डोर कूड़ा न उठने के कारण पूरा कचरा नाले में पड़ रहा है। निगम की जेसीबी जब सफाई के लिए आती है तो खुद ही देख लीजिए। कूड़े का पहाड़ निकलता है यहां। - शशि यादव, लोहामंडी
चार दिन बाद आ रहे उठाने
हमारे पार्षद नगर निगम सदन में डोर-टू-डोर कूड़ा न होने की शिकायत कर चुके, पर कूड़ा लेने अब भी कोई नहीं आता। आप ही बताएं, एक डस्टबिन में तीन कॉलोनियों का कूड़ा आ जाएगा क्या। वह भी चार दिन बाद उठाने के लिए आएंगे तो सड़क पर बिखरेगा ही। - रामाधार कुशवाह, बालाजीपुरम
कंपनी ला रहे न खुद उठवा पा रहे
जब तक घर घर से कूड़ा नहीं उठता, तब तक सफाई कैसे होगी। न तो कर्मचारी रखे, न कोई टीम बनाई। नगर निगम सफाई कराना चाहता ही नहीं तो कैसे उठेगा कूड़ा। गंभीरता से प्लानिंग करनी होगी, तब सफाई होगी। दिवाली से पहले सफाई व्यवस्था बदहाल है। न कंपनी ला रहे ना ही खुद निगम घरों से कूड़ा उठवा पा रहा है। - रवि बिहारी माथुर, पार्षद, पीपलमंडी
दिवाली की सफाई के कारण घर से ज्यादा कूड़ा निकल रहा है। कॉलोनी के पास का डस्टबिन भी हटा दिया है। बीच चौराहे पर कूड़े के ढेर लगे हैं। अच्छा होता, पहले की तरह कूड़ेदान रखवा देते - मुन्नालाल, मारुति इस्टेट
नाले में डाला जा रहा कचरा
बार कोड लगे हुए एक साल हो गया। शोपीस की तरह लगा गए हैं, लेकिन इनका फायदा क्या है। डोर-टू-डोर कूड़ा न उठने के कारण पूरा कचरा नाले में पड़ रहा है। निगम की जेसीबी जब सफाई के लिए आती है तो खुद ही देख लीजिए। कूड़े का पहाड़ निकलता है यहां। - शशि यादव, लोहामंडी
चार दिन बाद आ रहे उठाने
हमारे पार्षद नगर निगम सदन में डोर-टू-डोर कूड़ा न होने की शिकायत कर चुके, पर कूड़ा लेने अब भी कोई नहीं आता। आप ही बताएं, एक डस्टबिन में तीन कॉलोनियों का कूड़ा आ जाएगा क्या। वह भी चार दिन बाद उठाने के लिए आएंगे तो सड़क पर बिखरेगा ही। - रामाधार कुशवाह, बालाजीपुरम
कंपनी ला रहे न खुद उठवा पा रहे
जब तक घर घर से कूड़ा नहीं उठता, तब तक सफाई कैसे होगी। न तो कर्मचारी रखे, न कोई टीम बनाई। नगर निगम सफाई कराना चाहता ही नहीं तो कैसे उठेगा कूड़ा। गंभीरता से प्लानिंग करनी होगी, तब सफाई होगी। दिवाली से पहले सफाई व्यवस्था बदहाल है। न कंपनी ला रहे ना ही खुद निगम घरों से कूड़ा उठवा पा रहा है। - रवि बिहारी माथुर, पार्षद, पीपलमंडी