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दानघाटी के बाद अब मुकुट मुखारविंद मंदिर के प्रबंधक पर लगे आरोप, जांच शुरू
Mon, 17 Jun 2019 09:20 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 17 Jun 2019 09:20 PM IST
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गोवर्धन स्थित दानघाटी मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
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गोवर्धन के प्रमुख दानघाटी मंदिर के बाद अब मुकुट मुखारविंद मंदिर मानसी गंगा के खजाने से खर्च की जांच शुरू हो गई है। उप जिलाधिकारी के नोटिस के बाद इस मामले में मंदिर के प्रबंधक ने आरोपों का जवाब दाखिल कर दिया है। हालांकि इस पर सोमवार को होने वाली सुनवाई टल गई।
गोवर्धन निवासी प्रभुदयाल और अशोक पाठक ने इस मामले की शिकायत की। उनका आरोप है कि मुकुट मुखारविंद मंदिर मानसी गंगा के लिए जमीन की खरीद और फूल बंगला में बड़े स्तर पर अनियमितताएं की गई हैं। इसकी जांच उप जिलाधिकारी द्वारा की जा रही है।
उप जिलाधिकारी नागेंद्र सिंह के नोटिस पर मंदिर के रिसीवर ने अपना जवाब जांच अधिकारी को सौंप दिया है। इस पर सोमवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन उप जिलाधिकारी के गोवर्धन तहसील मुख्यालय से बाहर होने के कारण सुनवाई टल गई।
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गोवर्धन निवासी प्रभुदयाल और अशोक पाठक ने इस मामले की शिकायत की। उनका आरोप है कि मुकुट मुखारविंद मंदिर मानसी गंगा के लिए जमीन की खरीद और फूल बंगला में बड़े स्तर पर अनियमितताएं की गई हैं। इसकी जांच उप जिलाधिकारी द्वारा की जा रही है।
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उप जिलाधिकारी नागेंद्र सिंह के नोटिस पर मंदिर के रिसीवर ने अपना जवाब जांच अधिकारी को सौंप दिया है। इस पर सोमवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन उप जिलाधिकारी के गोवर्धन तहसील मुख्यालय से बाहर होने के कारण सुनवाई टल गई।
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'सभी आरोप मिथ्या'
इधर, जवाब दाखिल करने वाले मुकुट मुखारविंद मंदिर मानसी गंगा के प्रबंधक मनु ऋषी का कहना है कि सभी आरोप मिथ्या हैं। मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था कोर्ट के दिशा-निर्देश से संचालित होती है।
बगैर कोर्ट की अनुमति से कोई काम नहीं किया जाता है। 2018 तक की ऑडिट रिपोर्ट कोर्ट को प्रस्तुत की जा चुकी है। सभी आरोप उनको बदनाम करने की नीयत से सोची समझी साजिश का हिस्सा है।
बगैर कोर्ट की अनुमति से कोई काम नहीं किया जाता है। 2018 तक की ऑडिट रिपोर्ट कोर्ट को प्रस्तुत की जा चुकी है। सभी आरोप उनको बदनाम करने की नीयत से सोची समझी साजिश का हिस्सा है।