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अमेरिका के राष्ट्रपति का ऐतिहासिक स्वागत, दिखी 'मिनी भारत' की झलक
Tue, 25 Feb 2020 12:15 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 25 Feb 2020 12:15 AM IST
सार
ताजमहल तक के 15 किमी के रास्ते में 21 मंचों पर भारतीय सांस्कृतिक के रंग बिखरे
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डोनाल्ड ट्रंप के स्वागत के दौरान कलाकार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ताजमहल के रास्ते में डोनाल्ड ट्रंप भारतीय संस्कृति से भी रूबरू हुए। खेरिया हवाई अड्डे से चंद कदम दूर बने मंच पर महोबा, ललितपुर और लखनऊ के कलाकारों ने लोकनृत्य की प्रस्तुति से ट्रंप परिवार का स्वागत किया।
ताजमहल तक के 15 किमी के रास्ते में 21 मंचों पर भारतीय सांस्कृतिक के रंग बिखरे। ब्रज की फूलों की होली, बुंदेलखंड का राई, अवधी और राजस्थानी आदि के लोकनृत्य से हर चौराहा लघु भारत की झांकी बन गया था। राह चलते ट्रंप परिवार ने इन्हें मुग्ध भाव से देखा और कई जगह अपनी कार के भीतर से ही हाथ हिलाकर जैसे कलाकारोें को शाबाशी दी।
दिवाली पाई डंडा नृत्य
लाल कमीज पहने और हाथों में डंडा लेकर महोबा के 15 कलाकारों ने ‘दिवाली पाई डंडा’ नृत्य की प्रस्तुति दी। ढोलक की थाप तेज होने के साथ कलाकारों की थिरकन भी बढ़ जाती। लोग मंत्रमुग्ध से देखते रहे।
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ताजमहल तक के 15 किमी के रास्ते में 21 मंचों पर भारतीय सांस्कृतिक के रंग बिखरे। ब्रज की फूलों की होली, बुंदेलखंड का राई, अवधी और राजस्थानी आदि के लोकनृत्य से हर चौराहा लघु भारत की झांकी बन गया था। राह चलते ट्रंप परिवार ने इन्हें मुग्ध भाव से देखा और कई जगह अपनी कार के भीतर से ही हाथ हिलाकर जैसे कलाकारोें को शाबाशी दी।
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दिवाली पाई डंडा नृत्य
लाल कमीज पहने और हाथों में डंडा लेकर महोबा के 15 कलाकारों ने ‘दिवाली पाई डंडा’ नृत्य की प्रस्तुति दी। ढोलक की थाप तेज होने के साथ कलाकारों की थिरकन भी बढ़ जाती। लोग मंत्रमुग्ध से देखते रहे।
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ब्रज के कलाकार
- फोटो : Amar Ujala
बुंदेली राई नृत्य
ललितपुर से आए 16 सदस्यीय कलाकारों ने बुंदेली राई नृत्य की प्रस्तुति दी। इस नृत्य में कलाकार पारंपरिक वेशभूषा में बुंदेली लोककलाओं को साझा करते हैं। सजधज कर आए कलाकार बेहद आकर्षक लग रहे थे।
सैंया मिले लरकइयां...
लखनऊ से आईं 11 महिला कलाकारों ने अवधी लोकनृत्य और गीतों की प्रस्तुति दी। सैंया मिले लरकइयां..., छोटे से नन्हे से... गीतों ने समा बांध दिया। होली खेले रघुवीरा, अवध में...गीत पर भी कलाकारों ने नृत्य किया।
यहां प्रस्तुति देना बड़ी बात
ट्रंप के दौरे जैसे बड़े कार्यक्रम में प्रस्तुति देने का यह पहला अवसर है। हम उत्साहित थे। यहां आकर प्रस्तुति देना बड़ी बात है। -नंदनी राज, ललितपुर
बुंदेली राई लोकनृत्य को आगरा में प्रस्तुत करने का पहली बार मौका मिला है। दस दिन से लोकनृत्य की तैयारी में जुटे थे। -जितेंद्र कुमार, ललितपुर
आगरा में अमेरिकी राष्ट्रपति के दौरे में प्रस्तुति देनी है, इससे ही उत्साह दुगना हो गया था। हम अभिभूत महसूस कर रहे हैं। -मंजेश रजत, ललितपुर
भारतीय लोककलाओं को अमेरिका के राष्ट्रपति ने देखा, यह बड़ी बात है। इससे कलाकारों का बड़ा उत्साहवर्धन हुआ है। -किरन रजत, ललितपुर
ललितपुर से आए 16 सदस्यीय कलाकारों ने बुंदेली राई नृत्य की प्रस्तुति दी। इस नृत्य में कलाकार पारंपरिक वेशभूषा में बुंदेली लोककलाओं को साझा करते हैं। सजधज कर आए कलाकार बेहद आकर्षक लग रहे थे।
सैंया मिले लरकइयां...
लखनऊ से आईं 11 महिला कलाकारों ने अवधी लोकनृत्य और गीतों की प्रस्तुति दी। सैंया मिले लरकइयां..., छोटे से नन्हे से... गीतों ने समा बांध दिया। होली खेले रघुवीरा, अवध में...गीत पर भी कलाकारों ने नृत्य किया।
यहां प्रस्तुति देना बड़ी बात
ट्रंप के दौरे जैसे बड़े कार्यक्रम में प्रस्तुति देने का यह पहला अवसर है। हम उत्साहित थे। यहां आकर प्रस्तुति देना बड़ी बात है। -नंदनी राज, ललितपुर
बुंदेली राई लोकनृत्य को आगरा में प्रस्तुत करने का पहली बार मौका मिला है। दस दिन से लोकनृत्य की तैयारी में जुटे थे। -जितेंद्र कुमार, ललितपुर
आगरा में अमेरिकी राष्ट्रपति के दौरे में प्रस्तुति देनी है, इससे ही उत्साह दुगना हो गया था। हम अभिभूत महसूस कर रहे हैं। -मंजेश रजत, ललितपुर
भारतीय लोककलाओं को अमेरिका के राष्ट्रपति ने देखा, यह बड़ी बात है। इससे कलाकारों का बड़ा उत्साहवर्धन हुआ है। -किरन रजत, ललितपुर
एक-एक भावभंगिमा को कई बार दोहराया
अमेरिका के राष्ट्रपति के कार्यक्रम में पाई डंडा की प्रस्तुति देनी है, इसकी सूचना से ही कलाकारों का उत्साह दो गुना हो गया। -अखिलेश यादव, महोबा
- दिवाली पाई डंडा लोकनृत्य को आगरा में प्रस्तुत कर बड़ा आनंद आया। यहां पहली बार कलाकारों ने अपना हुनर दिखाया। -रंजीत कुमार, महोबा
- 20 दिन से लोकनृत्य का रिहर्सल कर रहे थे। एक-एक स्टेप कई बार दोहराया। कलाकार भी आगरा आने को उत्सुक थे। -करन सिंह, महोबा
- राष्ट्रपति ट्रंप के सामने अपनी लोककला प्रस्तुत करने का मौका मिला। प्रदेश के साथ महोबा की कला का भी नाम हुआ। -भूपेंद्र यादव, महोबा
अमेरिका के राष्ट्रपति के कार्यक्रम में पाई डंडा की प्रस्तुति देनी है, इसकी सूचना से ही कलाकारों का उत्साह दो गुना हो गया। -अखिलेश यादव, महोबा
- दिवाली पाई डंडा लोकनृत्य को आगरा में प्रस्तुत कर बड़ा आनंद आया। यहां पहली बार कलाकारों ने अपना हुनर दिखाया। -रंजीत कुमार, महोबा
- 20 दिन से लोकनृत्य का रिहर्सल कर रहे थे। एक-एक स्टेप कई बार दोहराया। कलाकार भी आगरा आने को उत्सुक थे। -करन सिंह, महोबा
- राष्ट्रपति ट्रंप के सामने अपनी लोककला प्रस्तुत करने का मौका मिला। प्रदेश के साथ महोबा की कला का भी नाम हुआ। -भूपेंद्र यादव, महोबा
कलाकारों ने काफी मेहनत की
अवधी लोकनृत्य के लिए करीब महीने भर से तैयारी चल रही थी। कलाकारों ने नृत्य और गीतों के लिए काफी मेहनत की। -निधि श्रीवास्तव, लखनऊ
किसी देश के राष्ट्रपति के सामने लोकनृत्य प्रस्तुत करने का यह पहला मौका है। हमारे लिए यह यादगार प्रस्तुति बन गई है। -अनामिका यादव, लखनऊ
अवधी लोककलाएं देशभर में प्रसिद्ध हैं। जब अमेरिका के राष्ट्रपति ने इसको देखा तो कलाकारों का उत्साह और बढ़ गया। -अनुष्का यादव, लखनऊ
आगरा में अमेरिका के राष्ट्रपति के भ्रमण के दौरान लोकनृत्य प्रस्तुति को लेकर उत्साहित थी। यहां नृत्य किया, अच्छा लगा। -नेहा कुमारी, लखनऊ
अवधी लोकनृत्य के लिए करीब महीने भर से तैयारी चल रही थी। कलाकारों ने नृत्य और गीतों के लिए काफी मेहनत की। -निधि श्रीवास्तव, लखनऊ
किसी देश के राष्ट्रपति के सामने लोकनृत्य प्रस्तुत करने का यह पहला मौका है। हमारे लिए यह यादगार प्रस्तुति बन गई है। -अनामिका यादव, लखनऊ
अवधी लोककलाएं देशभर में प्रसिद्ध हैं। जब अमेरिका के राष्ट्रपति ने इसको देखा तो कलाकारों का उत्साह और बढ़ गया। -अनुष्का यादव, लखनऊ
आगरा में अमेरिका के राष्ट्रपति के भ्रमण के दौरान लोकनृत्य प्रस्तुति को लेकर उत्साहित थी। यहां नृत्य किया, अच्छा लगा। -नेहा कुमारी, लखनऊ