फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Doctors' names on the board yet quacks are treating patients no doctors were found during raid

ये अस्पताल नहीं, मौत के घर: बोर्ड पर लिखे एमबीबीएस, एमडी के नाम...पर झोलाछाप कर रहे इलाज; छापे में बड़ा खुलासा

Sat, 18 Jan 2025 09:51 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sat, 18 Jan 2025 09:51 AM IST
सार

आगरा में मरीजों के इलाज के नाम पर जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। बोर्ड पर डॉक्टरों के नाम तो दर्ज हैं, लेकिन उनका उपचार झोलाछाप कर रहे हैं। 
 

विज्ञापन
Doctors' names on the board yet quacks are treating patients no doctors were found during raid
आगरा फर्जी अस्पताल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

आगरा में  इलाज के नाम पर मरीजों की जान से खिलवाड़ हो रहा है। छापे में अधिकांश ऐसे अस्पताल-क्लीनिक और पैथोलॉजी लैब पकड़े गए, जहां डॉक्टर के बिना ही मरीजों का इलाज हो रहा था। बोर्ड पर डॉक्टरों के नाम दर्ज थे। इनमें से कई झोलाछाप ही चला रहे थे।
विज्ञापन


स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बीते दो महीने में 50 अस्पतालों पर छापे मारे। इनमें से 30 अस्पताल-पैथोलॉजी लैब में तो डॉक्टर ही नहीं मिले थे। जबकि बोर्ड पर डॉक्टरों के नाम लिखे थे। टीम के छापे में वार्ड में प्रसूताएं, ऑपरेशन करवाने वाले मरीज और कई बीमारियों के मरीज भर्ती थे। यही हाल पैथोलॉजी लैब का रहा। यहां भी झोलाछाप ही खून की जांच करते पाए गए। इनके पास चिकित्सकीय डिग्री भी नहीं थी। मरीजों को भी इसकी जानकारी नहीं थी। इन अस्पतालों पर विभाग ने कोई कार्रवाई भी नहीं की है।
विज्ञापन


 

यमुनापार में सबसे ज्यादा बुरा हाल
एसीएमओ डॉ. जितेंद्र लवानियां ने बताया कि नवंबर-दिसंबर में छापे के दौरान यमुनापार के अस्पतालों में हालत बदतर मिली। लोकहितम हॉस्पिटल में मरीज थे लेकिन डॉक्टर नहीं थे। इसमें अवैध रूप से लक्ष्मी पैथोलॉजी लैब संचालित मिली। जेपी हॉस्पिटल, महादेव हॉस्पिटल, शिवशक्ति हॉस्पिटल, ग्लोबल हॉस्पिटल और सूर्य उदय हॉस्पिटल में डॉक्टर बिना ही मरीजों का इलाज चल रहा था। इसमें तो अवैध मेडिकल स्टोर भी मिला था। लाइसेंस का नवीनीकरण भी नहीं था। हाल ही में फतेहाबाद में राधाकृष्ण हॉस्पिटल में तो बोर्ड पर 6 डॉक्टरों के नाम लिखे थे। यहां दो मरीज भर्ती थे लेकिन डॉक्टर-पैरामेडिकल स्टाफ नहीं था।

 

प्रसव-इलाज करने पर 8 के खिलाफ मुकदमा दर्ज
स्वास्थ्य विभाग ने अवैध रूप से क्लीनिक और अस्पताल चलाने वाले 8 झोलाछाप के खिलाफ केस दर्ज कराया। ये कसाव पोली क्लीनिक किरावली, गणपति हॉस्पिटल शमसाबाद, प्रीति हॉस्पिटल जगनेर, न्यू राधिका हॉस्पिटल शमसाबाद, जीएस पैथोलॉजी लैब शमसाबाद, शन्नो क्नीनिक अछनेरा, राकेश क्लीनिक किरावली, स्नेहलता क्लीनिक, ज्योति हॉस्पिटल बाह, संगीता जादौन क्लीनिक पिनाहट, अमिता मसीह क्लीनिक शाहगंज के संचालक हैं।

 
विज्ञापन

कहां दे रहे सेवाएं, डॉक्टरों से ले रहे शपथ पत्र
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि चिकित्सकीय संस्थानों पर बोर्ड पर डॉक्टरों के नाम लिखना अनिवार्य है। पंजीकरण के वक्त डॉक्टरों से भी शपथ पत्र लिए थे। इसमें संबंधित अस्पताल-लैब में सेवाएं देने की जानकारी देनी थी। इनका सत्यापन करा रहे हैं, कार्रवाई भी करेंगे।

 

बिना जानकारी के भी दर्ज कर लेते हैं नाम
आईएमए अध्यक्ष डॉ. अनूप दीक्षित का कहना है कि कई बिना अनुमति और जानकारी के डॉक्टरों का नाम बोर्ड पर दर्ज कर लेते हैं। ऐसे अस्पतालों की अपने-अपने क्षेत्र में चिह्नित करने के लिए सभी सदस्यों को सलाह दी है। इनकी सूची सीएमओ को देकर कार्रवाई के लिए कहेंगे।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed