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परामर्श: कोरोना काल में गर्भवती महिलाओं के लिए काम की खबर, चिकित्सक की सलाह संक्रमित है तो घबराएं नहीं...
Tue, 25 May 2021 10:39 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 25 May 2021 10:39 AM IST
सार
डॉ. मेघना शर्मा का कहना है कि कोरोना के दौरान गर्भवती महिलाओं को अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
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गर्भवती महिला
- फोटो : shutterstock
विस्तार
कोरोना संक्रमण के दौरान गर्भवती महिलाओं को अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए। खान-पान और दिनचर्या में भी बदलाव लाना होगा। संक्रमित हो जाती हैं तो घबराएं नहीं, डॉक्टर से परामर्श लें। जीवनी मंडी नगरीय स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी डॉ. मेघना शर्मा की सलाह है कि गर्भवती महिलाएं बाहर से आने वाले लोगों से नहीं मिलें तो ज्यादा ठीक रहेगा। मजबूरी है तो मास्क और शारीरिक दूरी का पालन करें। इस समय जितना अपने मन को खुश रखेंगी, उतना ही उनके और गर्भस्थ शिशु के लिए बेहतर होगा।
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डॉ. मेघना शर्मा का कहना है कि कोई गर्भवती महिला यदि कोरोना संक्रमित हो जाती हैं, तो उन्हें चिकित्सक की सलाह से इलाज लेना चाहिए। महिलाएं सबसे पहले खुद को आइसोलेट कर लें और किसी भी व्यक्ति से नहीं मिलें, घर में छोटे बच्चे हैं तो उनसे भी दूरी बनाकर रखें। चिकित्सक की सलाह से दवा, काढ़ा और भाप लेते रहें।
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डॉ. मेघना का कहना है कि किसी महिला को पहले से हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत है तो उसे गर्भावस्था के दौरान अधिक सचेत रहने की जरूरत है। कई बार गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को हाइपरटेंशन की वजह से झटके आने लगते हैं। इसे प्री एक्लेमशिया कहते हैं। ऐसे में जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो सकती है। कई बार डिलीवरी के बाद भी महिलाओं को झटके आने लगते हैं एक्लेमशिया का पूरी तरह से इलाज किया जाना चाहिए ।
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डाइट में विटामिन को जरूर शामिल करें
डॉ. मेघना ने बताया कि यदि भूख नहीं लगती है तो कैल्शियम की कमी हो सकती है। आयरन की टेबलेट ले सकते हैं। डाइट में विटामिन को जरूर शामिल करें। ऐसे में तेल, घी और मसालेदार खाने से परहेज करें। बुखार होने पर घबराएं नहीं, जांच कराएं। गर्भवती महिलाओं को जिला महिला चिकित्सालय में ही प्रसव पूर्व जांच या इलाज कराना चाहिए, जिससे कि जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित रहें।
इन बातों का भी ध्यान रखें
- रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम नहीं होने दें, खुश रहें।
- गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक आहार की अधिक जरूरत है।
- हर दिन चिकित्सक की सलाह से हल्का व्यायाम जरूर करें।
- संक्रमण के लक्षण दिखें तो जांच कराने में देरी न करें।
-स्वास्थ्य केंद्र पर हर माह की नौ तारीख को जांच कराएं।
ये भी पढ़ें: चिकित्सक की सलाह: संक्रमण के दौर में टाले जा सकते हैं ये ऑपरेशन, प्रतिरोधक क्षमता पर पड़ सकता है असर
डॉ. मेघना ने बताया कि यदि भूख नहीं लगती है तो कैल्शियम की कमी हो सकती है। आयरन की टेबलेट ले सकते हैं। डाइट में विटामिन को जरूर शामिल करें। ऐसे में तेल, घी और मसालेदार खाने से परहेज करें। बुखार होने पर घबराएं नहीं, जांच कराएं। गर्भवती महिलाओं को जिला महिला चिकित्सालय में ही प्रसव पूर्व जांच या इलाज कराना चाहिए, जिससे कि जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित रहें।
इन बातों का भी ध्यान रखें
- रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम नहीं होने दें, खुश रहें।
- गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक आहार की अधिक जरूरत है।
- हर दिन चिकित्सक की सलाह से हल्का व्यायाम जरूर करें।
- संक्रमण के लक्षण दिखें तो जांच कराने में देरी न करें।
-स्वास्थ्य केंद्र पर हर माह की नौ तारीख को जांच कराएं।
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