आगरा डकैती कांड: चिकित्सकों के पैनल ने किया मुठभेड़ में मारे गए दोनों बदमाशों का पोस्टमार्टम
आगरा में मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी के कार्यालय में हुई डकैती के बाद पुलिस ने मुठभेड़ में निर्दोष और मनीष के दो बदमाशों को मार दिया था। पुलिस के अनुसार यह दोनों सोना लूटकर भाग कर रहे थे। घेराबंदी करने पर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी थी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा के एत्मादपुर में शनिवार को पुलिस की मुठभेड़ में मारे गए दोनों बदमाशों के शवों के पोस्टमार्टम रविवार रात को चिकित्सकों के पैनल ने किया। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। 30 घंटे बाद शवों को परिजनों के सुपुर्द किया गया।
फिरोजाबाद निवासी निर्दोष कुमार और मनीष पांडेय के शवों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया सभी कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद रविवार शाम को छह बजे शुरू हो सकी। शाम तकरीबन साढ़े सात बजे शवों को एक्सरे के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जिससे उनके शरीर में लगी गोली का पता चल सके।
इसमें देर लग रही थी। इससे परिजनों ने आक्रोश व्यक्त किया। इसकी जानकारी पर फोर्स पहुंच गई। पुलिस ने परिजनों को किसी तरह शांत किया। रात तकरीबन साढ़े दस बजे निर्दोष कुमार के शव का पोस्टमार्टम हुआ।
वहीं रात 12 बजे मनीष पांडेय के शव का पोस्टमार्टम हुआ। थाना एत्मादपुर के प्रभारी निरीक्षक अनुज सैनी ने बताया कि पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल से कराया गया है। वीडियोग्राफी भी कराई गई है। शवों को परिजनों को सौंप दिया गया है।
शनिवार को हुई मुठभेड़ में मारे गए थे दोनों
शनिवार दोपहर को कमला नगर स्थित मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी के कार्यालय में साढ़े नौ करोड़ का डाका डाला गया था। इस डकैती कांड के दो घंटे बाद पुलिस ने निर्दोष कुमार और मनीष पांडेय के नाम के दो युवकों को मुठभेड़ में मार गिराया।
पुलिस के अनुसार यह दोनों युवक डकैती कांड में शामिल थे। एत्मादपुर में घेरबंदी करने पर दोनों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी थी। जवाबी कार्रवाई में दोनों युवकों को गोली लगी, जिससे उनकी मौत हो गई। इनके पास से लूटे गए सोने के गहने बरामद हुए हैं।
सदमे में दोनों के परिजन
निर्दोष कुमार का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। वह कैसे बदमाशों तक पहुंचा किसी को पता नहीं है। इससे परिवार सदमे में है। उसके पिता माता प्रसाद ने उसे बेगुनाह बताया है। वहीं मनीष पांडेय दरोगा भर्ती परीक्षा पास कर चुका है, लेकिन हत्या के एक मामले में जेल जाने से उसके सपने टूट गए थे।