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आगरा डीएम के तेवर सख्त: प्रदूषण पर अधिकारियों की क्लास, बोले-अवार्ड जेब में रखो, धूल-धुआं रहित क्षेत्र चाहिए
Wed, 27 Sep 2023 03:17 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला, आगरा
अमर उजाला, आगरा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Wed, 27 Sep 2023 03:17 PM IST
सार
आगरा में डीएम के तेवर सख्त दिखाई दे रहे हैं। वायु प्रदूषण पर अधिकारियों की क्लास लगाई। कहा कि अवार्ड जेब में रखो। हमें धूल-धुआं रहित क्षेत्र चाहिए।
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वायु प्रदूषण का हाल (फाइल फोटो)
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के आगरा में यमुना के डूब क्षेत्र में हुए अवैध निर्माणों की कलई खुलेगी। बाईंपुर से बल्केश्वर तक सात किमी क्षेत्र में सिंचाई विभाग ने डूब क्षेत्र के चिह्नांकन का दावा किया है। मंगलवार को जिला पर्यावरण समिति की बैठक में डीएम भानु चंद्र गोस्वामी ने रिपोर्ट तलब करते हुए ड्रोन से डूब क्षेत्र की रिकॉर्डिंग कराने के निर्देश दिए हैं।
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने डूब क्षेत्र में किसी भी प्रकार के निर्माण पर रोक लगा रखी है। ताज संरक्षित वन क्षेत्र मामले में एनजीटी ने जिलाधिकारी को डूब क्षेत्र के चिह्नांकन के लिए मुड्डियां गढ़वाने के निर्देश दिए थे। सिंचाई विभाग ने इसका ठेका दिया था। मंगलवार को कलेक्ट्रेट में डीएम ने समीक्षा की।
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उन्हें बताया गया कि 1100 पिलर लगाए जा चुके हैं। नदी किनारे से 200 मीटर डूब क्षेत्र चिह्नित किया है। प्रत्येक मुड्डी 500 मीटर की दूरी पर लगाई गई है। जिसके सत्यापन के लिए डीएम ने ड्रोन से रिकाॅर्डिंग कराने के निर्देश दिए हैं। रिकॉर्डिंग से डूब क्षेत्र में हुए अवैध निर्माण भी चिह्नित होंगे। मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी ने डूब क्षेत्र में हुए अवैध निर्माण ध्वस्त करने के आदेश डीएम को दिए थे।
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