{"_id":"618abc37f92ad0084153cac9","slug":"district-hospital-got-ophthalmologist-after-two-years-mainpuri-news-agr514164980","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो साल बाद जिला अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ की तैनाती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो साल बाद जिला अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ की तैनाती
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। जिला अस्पताल को दो साल के इंतजार के बाद नेत्र रोग विशेषज्ञ मिल गया है। अब यहां आने वाले नेत्र रोगियों को प्राथमिक उपचार के साथ ही ऑपरेशन आदि का लाभ मिल सकेगा।
जिले में दो साल से नेत्र रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं थी। जरूरत पड़ने पर फिरोजाबाद और आगरा से नेत्र रोग विशेषज्ञों को बुलाना पड़ता था। अब जिले में शिकोहबाद से स्थानांतरण होकर आए नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ. विनीत यादव को सीएमओ ने जिला अस्पताल में तैनाती दी है। उन्होंने जिला अस्पताल में कार्यभार ग्रहण कर मरीजों को उपचार देना शुरू कर दिया है। सीएमएस डॉ. अरविंद कुमार गर्ग ने कहा कि नेत्र रोगी किसी भी कार्य दिवस में अस्पताल पहुंचकर उपचार ले सकते हैं।
-----
मरीजों को नहीं जाना पड़ेगा सैफई और आगरा
जिला अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ की तैनाती न होने के कारण रोगियों को सैफई और आगरा रेफर कर दिया जाता था। अब जिले में नेत्र रोग विशेषज्ञ की तैनाती हो जाने से मरीजों को बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में दो साल से नेत्र रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं थी। जरूरत पड़ने पर फिरोजाबाद और आगरा से नेत्र रोग विशेषज्ञों को बुलाना पड़ता था। अब जिले में शिकोहबाद से स्थानांतरण होकर आए नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ. विनीत यादव को सीएमओ ने जिला अस्पताल में तैनाती दी है। उन्होंने जिला अस्पताल में कार्यभार ग्रहण कर मरीजों को उपचार देना शुरू कर दिया है। सीएमएस डॉ. अरविंद कुमार गर्ग ने कहा कि नेत्र रोगी किसी भी कार्य दिवस में अस्पताल पहुंचकर उपचार ले सकते हैं।
विज्ञापन
-----
मरीजों को नहीं जाना पड़ेगा सैफई और आगरा
जिला अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ की तैनाती न होने के कारण रोगियों को सैफई और आगरा रेफर कर दिया जाता था। अब जिले में नेत्र रोग विशेषज्ञ की तैनाती हो जाने से मरीजों को बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
विज्ञापन