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UP: डीएम साहब! हमें न्याय चाहिए...सिस्टम ने बना दिया कॉकरोच, व्हीलचेयर पर कलेक्ट्रेट पहुंचा दिव्यांग

Wed, 27 May 2026 11:46 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Wed, 27 May 2026 11:46 AM IST
सार

आगरा कलेक्ट्रेट में एक दिव्यांग युवक व्हीलचेयर पर शिकायतों की लड़ी और पोस्टर लेकर न्याय की गुहार लगाने पहुंचा। उसने सीएमओ कार्यालय पर फर्जी जांच रिपोर्ट बनाने और मेडिकल लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं।

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Disabled Man Reaches DM Office in Wheelchair Seeking Justice
व्हीलचेयर पर पहुंचा दिव्यांग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

तपती दोपहरी में 45 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में व्हीलचेयर पर पहुंचे एक दिव्यांग ने सरकारी सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। व्हीलचेयर पर शिकायतों की लड़ी और गले में पोस्टर लटका था, जिस पर लिखा था डीएम साहब हमें न्याय चाहिए। सीएमओ सुनवाई नहीं करते। सिस्टम ने हमें कॉकरोच बना दिया है। इस दृश्य ने वहां मौजूद हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया।
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कलेक्ट्रेट पहुंचे मिढ़ाकुर निवासी जोगेंद्र ने बताया कि वह एक व्यावसायिक वाहन के ड्राइवर थे। आरोप है कि मिढ़ाकुर के निजी स्कूल के संचालक ने जबरन मजदूरी कराई। इसी दौरान वह छत से गिरे और उनकी रीढ़ की हड्डी पर गंभीर चोट आई। स्कूल संचालक ने उन्हें खेरिया मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया, जहां डॉक्टरों ने रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन किया, लेकिन गलत ऑपरेशन के कारण दोनों पैर हमेशा के लिए खराब हो गए। अब बेजान पैरों के कारण जोगेंद्र व्हीलचेयर पर के सहारे हैं।
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जोगेंद्र ने बताया कि जब उन्होंने न्याय के लिए जिलाधिकारी का दरवाजा खटखटाया, तो सीएमओ कार्यालय ने संवेदनहीनता दिखाई। डीएम के आदेश पर की गई जांच में फर्जीवाड़ा किया और बिना शारीरिक जांच किए ही सीएमओ कार्यालय से फर्जी रिपोर्ट भेज दी गई। रिपोर्ट में कहा गया कि जोगेंद्र को पहले से लकवा था और वह अपने ही घर पर गिरे थे। आरोप है कि झूठी रिपोर्ट के कारण उन्हें कोई मदद नहीं मिली।
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आर्थिक तंगी में जोगेंद्र की पत्नी उन्हें छोड़कर चली गईं। इलाज के अभाव में जोगेंद्र के दोनों पैरों में इंफेक्शन तेजी से फैल रहा है, लेकिन सिस्टम अपनी आंखें मूंदे बैठा है। इस संबंध में डीएम मनीष बंसल ने कहा कि प्रकरण की दोबारा जांच कराई जाएगी। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।



बिना बीमारी के दी टीबी की दवा, बहन का बिगड़ा मानसिक संतुलन
कलेक्ट्रेट पहुंचे एक और पीड़ित की आंखों में बेबसी थी। उन्होंने बताया कि सौ फुटा रोड स्थित एक अस्पताल के चिकित्सकों की लापरवाही ने उनकी बहन की जिंदगी को नरक बना दिया। बताया कि चिकित्सकों ने बिना बीमारी की पुष्टि किए ही उनकी बहन को टीबी की हैवी डोज वाली दवाइयां दे दीं। दवाइयों से बहन की हालत बिगड़ने लगी, तो एसएन मेडिकल कॉलेज सहित आगरा के कई बड़े अस्पतालों में दिखाया। सभी जगह डाॅक्टरों ने बताया कि बहन को टीबी थी ही नहीं। गलत इलाज के कारण उसने मानसिक संतुलन खो दिया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सीएमओ की जांच कमेटी ने भी डॉक्टरों को दोषी माना है, लेकिन रसूखदारों के आगे कार्रवाई की फाइल दबा दी गई है। आरोपी डॉक्टर धमकियां दे रहे हैं, और पीड़ित भाई थानों से लेकर कलेक्ट्रेट तक न्याय की भीख मांग रहा है।
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