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प्रशासन की अनदेखी: सीधे यमुना में जा रहा खादर में बनीं कालोनियों की गंदा पानी
Mon, 24 Jun 2019 10:09 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 24 Jun 2019 10:09 AM IST
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यमुना के खादर में बने मकान
- फोटो : अमर उजाला
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मथुरा में यमुना की खादर में इमारत बनाई जा रही हैं। कालोनियों कट रही है, लेकिन न कोई रोकने वाला है, न ही कोई टोकने वाला। स्थिति यह है कि खादर में बनी कालोनियों का गंदा पानी भी सीधे यमुना में जा रहा है, लेकिन नगर निगम, विकास प्राधिकरण के साथ सभी जिम्मेदार अफसर चुप्पी साधे हैं।
यमुना की बिगड़ती तस्वीर के लिए अवैध निर्माण भी जिम्मेदार है। जो भूमि यमुना की है, उस पर मकान बना लिए गए। प्लाटिंग कर दी गई। यहां जो बस्ती बस गई हैं, उसका गंदा पानी सीदे यमुना में पहुंच रहा है। अवैध निर्माण की तो बाढ़ सी आ गई है। शासनादेश के अनुसार यमुना में 500 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं हो सकता है।
इस संबंध में विकास प्राधिकरण के सचिव ईश्वर चंद का कहना है कि यमुना किनारे जो लोग नियम के विपरीत अवैध निर्माण कर रहे हैं, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। लेकिन हर बार यह बयान देने वाले अफसर कार्रवाई कभी नहीं कर पाते। हर बार बस एक ही बात, जांच हो रही, कार्रवाई करेंगे।
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यमुना की बिगड़ती तस्वीर के लिए अवैध निर्माण भी जिम्मेदार है। जो भूमि यमुना की है, उस पर मकान बना लिए गए। प्लाटिंग कर दी गई। यहां जो बस्ती बस गई हैं, उसका गंदा पानी सीदे यमुना में पहुंच रहा है। अवैध निर्माण की तो बाढ़ सी आ गई है। शासनादेश के अनुसार यमुना में 500 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं हो सकता है।
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इस संबंध में विकास प्राधिकरण के सचिव ईश्वर चंद का कहना है कि यमुना किनारे जो लोग नियम के विपरीत अवैध निर्माण कर रहे हैं, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। लेकिन हर बार यह बयान देने वाले अफसर कार्रवाई कभी नहीं कर पाते। हर बार बस एक ही बात, जांच हो रही, कार्रवाई करेंगे।
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राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) में याचिकाकर्ता एडवोकेट आकाश वशिष्ठ ने बताया कि मुख्य सचिव का 2001 का शासनादेश है कि यमुना के डूब क्षेत्र में निर्माणों को ध्वस्त कर दिया जाए। यह दायरा 500 मीटर माना गया था और निर्माणों को ध्वस्त भी किया गया है।
इन आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ हम फिर से एनजीटी और हाईकोर्ट जाएंगे। अब गंगा नोटिफिकेशन में 2017 में नेशनल मिशन ऑफ थीम द्वारा उन स्थानों को चिन्हित करना है, जहां 100 वर्ष तक कभी बाढ़ नहीं आई थी।
इन आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ हम फिर से एनजीटी और हाईकोर्ट जाएंगे। अब गंगा नोटिफिकेशन में 2017 में नेशनल मिशन ऑफ थीम द्वारा उन स्थानों को चिन्हित करना है, जहां 100 वर्ष तक कभी बाढ़ नहीं आई थी।