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Agra News: चंबल नदी में जर्जर नाव, मुसाफिरों की जिंदगी से खिलवाड़
Sun, 18 Oct 2026 02:58 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sun, 18 Oct 2026 02:58 AM IST
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चंबल में हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन? जर्जर नाव पर सवार होकर नदी पार कर रहे ग्रामीण सोशल मीड
- फोटो : ARchive
पिनाहट। चंबल नदी में सुरक्षित आवागमन के इंतजाम न होने से ग्रामीणों की जान खतरे में है। पिनाहट क्षेत्र के क्योरी घाट पर जर्जर नाव से लोगों को नदी पार कराने का मामला सामने आया है। शनिवार दोपहर इसका एक वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोग और बाइक नाव पर लदे दिख रहे हैं।
यह दृश्य नदी में बड़े हादसे की आशंका बढ़ा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, मध्य प्रदेश के रायपुर घाट से उत्तर प्रदेश के क्योरी घाट तक कई महीनों से यह नाव चल रही है। सुबह से शाम तक चलने वाली इस नाव से लोगों के साथ बाइक भी नदी पार कराई जाती हैं। आरोप है कि प्रति बाइक 200 रुपये वसूले जाते हैं। जर्जर नाव पर क्षमता से अधिक लोगों को बैठाकर नदी पार कराने के बावजूद इस पर रोक नहीं लगी है। चंबल घाट पर पांटून पुल हटने के बाद करीब चार महीने से मोटर बोट का संचालन बंद है। मध्य प्रदेश प्रशासन ने सुरक्षा मानकों का हवाला देते हुए मोटर बोट पर रोक लगाई थी। इससे नदी के आसपास के गांवों के लोगों के सामने आवागमन का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सुरक्षित साधन न होने के कारण उन्हें मजबूरी में जर्जर नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
पूर्व में भी हादसा
क्योरी घाट पर नाव संचालन के दौरान पहले भी हादसे की स्थिति बन चुकी है। पूर्व में एक नाव किनारे पर पलट गई थी। तब प्रशासन ने उस नाव को जब्त कर लिया था। इसके बावजूद घाट पर दोबारा नाव संचालन शुरू होने से निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब सुरक्षा मानकों के कारण मोटर बोट बंद हुई तो जर्जर नाव की अनुमति कैसे मिली। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश प्रशासन की निगरानी के बावजूद कई महीनों से नाव चल रही है।
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मामला संज्ञान में आया है। पुलिस भेजकर जानकारी कराई जा रही है। पुलिस भेजकर जांच और कार्रवाई की जाएगी। -विनोद कुमार, उप जिलाधिकारी, बाह
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यह दृश्य नदी में बड़े हादसे की आशंका बढ़ा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, मध्य प्रदेश के रायपुर घाट से उत्तर प्रदेश के क्योरी घाट तक कई महीनों से यह नाव चल रही है। सुबह से शाम तक चलने वाली इस नाव से लोगों के साथ बाइक भी नदी पार कराई जाती हैं। आरोप है कि प्रति बाइक 200 रुपये वसूले जाते हैं। जर्जर नाव पर क्षमता से अधिक लोगों को बैठाकर नदी पार कराने के बावजूद इस पर रोक नहीं लगी है। चंबल घाट पर पांटून पुल हटने के बाद करीब चार महीने से मोटर बोट का संचालन बंद है। मध्य प्रदेश प्रशासन ने सुरक्षा मानकों का हवाला देते हुए मोटर बोट पर रोक लगाई थी। इससे नदी के आसपास के गांवों के लोगों के सामने आवागमन का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सुरक्षित साधन न होने के कारण उन्हें मजबूरी में जर्जर नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
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पूर्व में भी हादसा
क्योरी घाट पर नाव संचालन के दौरान पहले भी हादसे की स्थिति बन चुकी है। पूर्व में एक नाव किनारे पर पलट गई थी। तब प्रशासन ने उस नाव को जब्त कर लिया था। इसके बावजूद घाट पर दोबारा नाव संचालन शुरू होने से निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब सुरक्षा मानकों के कारण मोटर बोट बंद हुई तो जर्जर नाव की अनुमति कैसे मिली। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश प्रशासन की निगरानी के बावजूद कई महीनों से नाव चल रही है।
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मामला संज्ञान में आया है। पुलिस भेजकर जानकारी कराई जा रही है। पुलिस भेजकर जांच और कार्रवाई की जाएगी। -विनोद कुमार, उप जिलाधिकारी, बाह