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पुलिस का शिंकजा: भाजयुमो के पूर्व पदाधिकारी की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, मुकदमे की साजिश में परिचित नामजद
Sun, 16 Apr 2023 11:19 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sun, 16 Apr 2023 11:19 AM IST
सार
कार खरीद के विवाद को रंजिश का रूप दिया गया। इतना ही नहीं पीड़ित के विरुद्ध एससी एसटी एक्ट और जानलेवा हमले का मुकदमा तक दर्ज करा दिया गया था, जिसके बाद पुलिस जांच में पूरा सच सामने आया।
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आगरा पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा में साजिश कर जानलेवा हमला और एससी-एसटी एक्ट का केस दर्ज कराने वालों पर पुलिस कार्रवाई करेगी। एक आरोपी के नाम की वृद्धि कर दी गई है। गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। आरोपी की गिरफ्तारी से भाजयुमो की पूर्व पदाधिकारी एवं अन्य की मुश्किल बढ़ जाएगी।
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दहतोरा, सिकंदरा निवासी भूरी सिंह ने थाना कमला नगर में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि पुरानी कार खरीदने के लिए सिकंदरा स्थित इंडियन कार बाजार में बात की थी। 50 हजार रुपये दिए थे। मगर, कार नहीं पसंद आई। रुपये वापस मांगने पर आरोपी अफसर खान, गौरव चौधरी, अजीम और रेहान खान ने सुल्तानगंज पुलिया पर मारपीट की। कार चढ़ाने का प्रयास किया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ लिया। मामला पुलिस आयुक्त तक पहुंचा। उन्होंने एसीपी हरीपर्वत को जांच के आदेश किए।
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पता चला कि नामजद आरोपियों का भाजयुमो की एक पूर्व पदाधिकारी से विवाद चल रहा है। इसी विवाद में मुकदमा दर्ज कराया गया। एसीपी हरीपर्वत मयंत तिवारी ने बताया कि भूरी सिंह से पूछताछ में सामने आया कि उन्होंने मुकदमा शाहगंज क्षेत्र के रहने वाले ऋषभ राणा के कहने पर लिखाया था। ऋषभ राणा भाजयुमाे की पूर्व पदाधिकारी का परिचित है। पूर्व में उसके खिलाफ कार डीलर की तरफ से मुकदमा दर्ज कराया गया था। दबाव बनाने के लिए झूठे आरोप लगवाए गए।
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मामले में भूरी सिंह की तरफ से एक और तहरीर ली गई है। इसमें उसने ऋषभ राणा सहित अन्य पर मारपीट और जातिसूचक शब्द बोलने के आरोप लगाए। मुकदमे में तहरीर को शामिल कर लिया गया है। आरोपी के नाम की वृद्धि कर ली गई है। विवेचना की जा रही है। ऋषभ राणा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगी है। उसके पकड़े जाने पर ही पता चलेगा कि उसने फर्जी मुकदमे किसके कहने पर लिखवाया।
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