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तीन घंटे तक होता रहा हंगामा, थाने के बाहर जमा रहे ग्रामीण
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कासगंज। देवपुर में हुई गोलीकांड की घटना के बाद थाने के बाहर लगभग तीन घंटे तक हंगामा हुआ। इस दौरान जमकर नारेबाजी हुई, जाम लगा रहा। राहगीरों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। परिजन पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगा रहे थे। ग्राम प्रधान को रिहा करने के बाद ही मामला शांत हुआ।
देवपुर में दिनदहाड़े हुई वारदात के बाद जैसे ही ग्राम प्रधान के भाई यशवीर की मौत की खबर ग्रामीणों को मिली तो वे बेकाबू हो गए। बड़ी संख्या में ट्रैक्टर ट्रॉली व अन्य वाहनों से ग्रामीण थाने पर पहुंच गए। मृतक के चचेरे भाई शेखर का आरोप था कि पुलिस ने पूरी तरह लापरवाही बरती। थाने से गांव की दूरी लगभग साढ़े पांच किलोमीटर है। ग्राम प्रधान को जैसे ही पुलिस गिरफ्तार करके ले गई। उसके बाद विपक्षियों ने विवाद शुरू कर दिया। इसकी सूचना पुलिस को दी, लेकिन पौन घंटे तक पुलिस नहीं पहुंची। इसी बात को लेकर ग्रामीणों में पुलिस के खिलाफ काफी आक्रोश था। पहले तो पुलिस भीड़ पर नियंत्रण के लिए हिम्मत नहीं जुटा सकी। जब कई थानों का पुलिस बल और अफसर मौके पर पहुंचे तब ग्रामीणों से बातचीत शुरू हुई। लगभग तीन घंटे तक हंगामा होता रहा। आक्रोशित लोगों ने थाने के सामने सड़क पर ट्रैक्टर लगा दिया था। अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार, एसडीएम रवेंद्र कुमार, सीओ सहावर शैलेंद्र परिहार, सीओ सिटी दीपकुमार पंत, सीओ पटियाली आरके तिवारी ने ग्रामीणों से बातचीत की और उन्हें समझाया।
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देवपुर में दिनदहाड़े हुई वारदात के बाद जैसे ही ग्राम प्रधान के भाई यशवीर की मौत की खबर ग्रामीणों को मिली तो वे बेकाबू हो गए। बड़ी संख्या में ट्रैक्टर ट्रॉली व अन्य वाहनों से ग्रामीण थाने पर पहुंच गए। मृतक के चचेरे भाई शेखर का आरोप था कि पुलिस ने पूरी तरह लापरवाही बरती। थाने से गांव की दूरी लगभग साढ़े पांच किलोमीटर है। ग्राम प्रधान को जैसे ही पुलिस गिरफ्तार करके ले गई। उसके बाद विपक्षियों ने विवाद शुरू कर दिया। इसकी सूचना पुलिस को दी, लेकिन पौन घंटे तक पुलिस नहीं पहुंची। इसी बात को लेकर ग्रामीणों में पुलिस के खिलाफ काफी आक्रोश था। पहले तो पुलिस भीड़ पर नियंत्रण के लिए हिम्मत नहीं जुटा सकी। जब कई थानों का पुलिस बल और अफसर मौके पर पहुंचे तब ग्रामीणों से बातचीत शुरू हुई। लगभग तीन घंटे तक हंगामा होता रहा। आक्रोशित लोगों ने थाने के सामने सड़क पर ट्रैक्टर लगा दिया था। अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार, एसडीएम रवेंद्र कुमार, सीओ सहावर शैलेंद्र परिहार, सीओ सिटी दीपकुमार पंत, सीओ पटियाली आरके तिवारी ने ग्रामीणों से बातचीत की और उन्हें समझाया।
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