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देवोत्थान एकादशी: आज एक हजार से अधिक शादियों में गूंजेगी शहनाई
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फिरोजाबाद ! देवोत्थान की पूर्व संध्या पर सदर बाजार स्थित दुकान से चूड़ियों की खरीददारी करती महिल?
- फोटो : FIROZABAD
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फिरोजाबाद। देवोत्थान एकादशी के अवसर पर आज से मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। जिले में एक हजार से अधिक शहनाइयों की गूंज सुनाई देगी। लगभग डेढ़ साल के बाद कोरोना की बंदिशों से मुक्त होकर सहालग शुरू हो रहे हैं। ऐसे में शनिवार को शादियों की तैयारी के लिए बाजारों में भीड़ रही। लोगों ने जमकर खरीदारी की। वहीं डेढ़ साल से नुकसान झेल रहे बैंड संचालकों और गेस्ट हाउस संचालकों को भी सहालग से आस है।
कोरोना संक्रमण के कारण विगत दो वर्ष से देवोत्थान एकादशी सूनी रही। बंदिशों के कारण बाजार सूने रहे तो गेस्ट हाउस व बैंड संचालकों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। दो वर्ष बाद देवोत्थान एकादशी को लेकर लोगों में उत्साह है। यही कारण है कि शनिवार को बाजार में खासी भीड़ उमड़ी। सराफा की दुकानों से लेकर कपड़ा, जनरल स्टोर और इलेक्टॉनिक आइटमों की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ लगी रही।
हालात यह रहे कि सदर बाजार, शास्त्री मार्केट सहित शहर के प्रमुख बाजारों में शनिवार को कई बार जाम की स्थिति बनीं। इधर, गेस्ट हाउस में एक दिन पूर्व से ही सजावट का कार्य शुरू हो गया। गेस्ट हाउस में पकवान और मिठाइयां बनाने के लिए भट्ठियां भी सुलगना शुरू हो गईं।
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बैंडबाजों की एक दिन में दो बुकिंग
दो वर्ष बाद सहालग पर शादियों की धूम होगी। ऐसे में इस बार बैंड संचालकों के पास समय नहीं हहै। शनिवार को पूरे दिन संचालक बैंड बजाने की प्रैक्टिस करते नजर आए। बैंड संचालक चमन बाबू ने बताया कि 14 नवंबर की सुबह और शाम की दो बुकिंग हैं। दिसंबर तक के लिए फिलहाल काम है। कुछ बैंड संचालकों ने तो देवोत्थान एकादशी पर तीन-तीन बुकिंग ली हैं।
कोविड में साधारण मेन्यू था तो अब बढ़े व्यंजन
कोविड काल में शादियों का मेन्यू काफी छोटा और सामान्य हो गया था। इसका प्रमुख कारण शासन द्वारा निर्धारित बंदिशें थीं। हलवाइयों के मुताबिक अब कोविड के नियम लागू नहीं हैं तो घराती और बरातियों ने मेन्यू में नाश्ते और खाने के आइटम बढ़ा दिए हैं। इस बार शादियों में खानपान की खूब वैरायटी नजर आएंगी।
सजावट के लिए लगाए अतिरिक्त कारीगर
समारोह में फूलों की सजावट का अलग ही महत्व है। इस बार फूल महंगे हैं। ऐसे में सजावट भी महंगी हो गई है। हालांकि फूल विक्रेताओं ने कई मैरिज होम की बुकिंग एडवांस में ले रखी हैं। सजावट के लिए अतिरिक्त कारीगर लगाए गए हैं।
टैक्सी के दाम भी बढ़े
देवोत्थान एकादशी पर सहालग होने के कारण टैक्सी की बुकिंग महीनेभर पहले से हो चुकी हैं। ऐसे में लोगों ने अपनी रिश्तेदारी में जाने के लिए ट्रेवल एजेंसी से संपर्क साधा तो टैक्सी के दाम काफी बढ़ा दिए गए। आगरा के लिए दो हजार से 2500 तक की बुकिंग हो रही है।
- आज से सहालग शुरू हो जाएंगे। जिले के 250 से अधिक मैरिज होम देवोत्थान पर लगभग फुल है। इस बार कोरोना की बंदिश नहीं हैं, इसलिए लोगों में उत्साह है। फिर भी हम कोविड नियमों का पालन कराने की कोशिश करेंगे।
अनिल गर्ग, मैरिज होम संचालक
अध्यक्ष होटल एवं मैरिज होम एसो.
देवशयनी एकादशी 20 जुलाई को थी और इस दिन मांगलिक कार्यों पर ब्रेक लग गया था। इस तिथि से अगले चार महीने तक भगवान विष्णु पाताल लोक में सोने के लिए चले जाते हैं और सूर्य दक्षिणायण हो जाता है। कार्तिक शुक्ल की एकादशी को भगवान विष्णु जागते हैं और पाताल लोक से बाहर आकर सृष्टि का कार्यभार संभालते हैं। देवोत्थान एकादशी अबूझ मुहूर्त होता है।
पंडित अनूप शास्त्री
देवउठनी के बाद शुभ मुहूर्त
नवंबर माह में शुभ मुहूर्त तारीख. 15, 20, 21, 28, 29, 30
दिसंबर माह में शुभ मुहूर्त तारीख . 1, 2, 11 और 13
तुलसी-सालिग्राम का होगा विवाह
देवोत्थान एकादशी पर मंदिरों और घरों मे भी विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। तुलसी-सालिग्राम विवाह का आयोजन किया जाएगा। सिंघाड़े, गन्ना, मूंगफली का भगवान का भोग भी लगाया जाएगा।
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कोरोना संक्रमण के कारण विगत दो वर्ष से देवोत्थान एकादशी सूनी रही। बंदिशों के कारण बाजार सूने रहे तो गेस्ट हाउस व बैंड संचालकों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। दो वर्ष बाद देवोत्थान एकादशी को लेकर लोगों में उत्साह है। यही कारण है कि शनिवार को बाजार में खासी भीड़ उमड़ी। सराफा की दुकानों से लेकर कपड़ा, जनरल स्टोर और इलेक्टॉनिक आइटमों की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ लगी रही।
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हालात यह रहे कि सदर बाजार, शास्त्री मार्केट सहित शहर के प्रमुख बाजारों में शनिवार को कई बार जाम की स्थिति बनीं। इधर, गेस्ट हाउस में एक दिन पूर्व से ही सजावट का कार्य शुरू हो गया। गेस्ट हाउस में पकवान और मिठाइयां बनाने के लिए भट्ठियां भी सुलगना शुरू हो गईं।
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बैंडबाजों की एक दिन में दो बुकिंग
दो वर्ष बाद सहालग पर शादियों की धूम होगी। ऐसे में इस बार बैंड संचालकों के पास समय नहीं हहै। शनिवार को पूरे दिन संचालक बैंड बजाने की प्रैक्टिस करते नजर आए। बैंड संचालक चमन बाबू ने बताया कि 14 नवंबर की सुबह और शाम की दो बुकिंग हैं। दिसंबर तक के लिए फिलहाल काम है। कुछ बैंड संचालकों ने तो देवोत्थान एकादशी पर तीन-तीन बुकिंग ली हैं।
कोविड में साधारण मेन्यू था तो अब बढ़े व्यंजन
कोविड काल में शादियों का मेन्यू काफी छोटा और सामान्य हो गया था। इसका प्रमुख कारण शासन द्वारा निर्धारित बंदिशें थीं। हलवाइयों के मुताबिक अब कोविड के नियम लागू नहीं हैं तो घराती और बरातियों ने मेन्यू में नाश्ते और खाने के आइटम बढ़ा दिए हैं। इस बार शादियों में खानपान की खूब वैरायटी नजर आएंगी।
सजावट के लिए लगाए अतिरिक्त कारीगर
समारोह में फूलों की सजावट का अलग ही महत्व है। इस बार फूल महंगे हैं। ऐसे में सजावट भी महंगी हो गई है। हालांकि फूल विक्रेताओं ने कई मैरिज होम की बुकिंग एडवांस में ले रखी हैं। सजावट के लिए अतिरिक्त कारीगर लगाए गए हैं।
टैक्सी के दाम भी बढ़े
देवोत्थान एकादशी पर सहालग होने के कारण टैक्सी की बुकिंग महीनेभर पहले से हो चुकी हैं। ऐसे में लोगों ने अपनी रिश्तेदारी में जाने के लिए ट्रेवल एजेंसी से संपर्क साधा तो टैक्सी के दाम काफी बढ़ा दिए गए। आगरा के लिए दो हजार से 2500 तक की बुकिंग हो रही है।
- आज से सहालग शुरू हो जाएंगे। जिले के 250 से अधिक मैरिज होम देवोत्थान पर लगभग फुल है। इस बार कोरोना की बंदिश नहीं हैं, इसलिए लोगों में उत्साह है। फिर भी हम कोविड नियमों का पालन कराने की कोशिश करेंगे।
अनिल गर्ग, मैरिज होम संचालक
अध्यक्ष होटल एवं मैरिज होम एसो.
देवशयनी एकादशी 20 जुलाई को थी और इस दिन मांगलिक कार्यों पर ब्रेक लग गया था। इस तिथि से अगले चार महीने तक भगवान विष्णु पाताल लोक में सोने के लिए चले जाते हैं और सूर्य दक्षिणायण हो जाता है। कार्तिक शुक्ल की एकादशी को भगवान विष्णु जागते हैं और पाताल लोक से बाहर आकर सृष्टि का कार्यभार संभालते हैं। देवोत्थान एकादशी अबूझ मुहूर्त होता है।
पंडित अनूप शास्त्री
देवउठनी के बाद शुभ मुहूर्त
नवंबर माह में शुभ मुहूर्त तारीख. 15, 20, 21, 28, 29, 30
दिसंबर माह में शुभ मुहूर्त तारीख . 1, 2, 11 और 13
तुलसी-सालिग्राम का होगा विवाह
देवोत्थान एकादशी पर मंदिरों और घरों मे भी विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। तुलसी-सालिग्राम विवाह का आयोजन किया जाएगा। सिंघाड़े, गन्ना, मूंगफली का भगवान का भोग भी लगाया जाएगा।