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देवोत्थान एकादशी पर घर-घर जगाए गए देव
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देवोत्थान एकादशी पर शहर में एक बारात में शामिल बैंड और लोग
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। जिलेभर में रविवार को देवोत्थान एकादशी श्रद्धाभाव के साथ मनाई गई। शाम के समय घरों में पूजा अर्चना करके लोगों ने घर-घर देवों को जगाया। दिन में श्रद्धालुओं ने व्रत भी रखा और सिंघाड़ा और गन्ना, फल और मिठाई के साथ पूजन किया।
रविवार को देवोत्थान एकादशी पर मंदिरों और घरों में देव जगाए गए। इस दिन घर-घर भगवान विष्णु की पूजा अर्चना की गई। महिलाओं ने आंगन में अल्पनाएं बनाईं और देव जगाकर सिंघाड़े और गन्ने से भगवान विष्णु की पूजा अर्चना की। महिलाओं ने भजन-कीर्तन भी किए। देवोत्थान पर गन्ना और सिंघाड़े की खूब बिक्री हुई। इस दिन जिलेभर में छह सौ से अधिक शादियां हुईं। लोगों ने गृहप्रवेश आदि भी किए। इस बीच घरों और मंदिरों में दीपक भी जलाए गए।
मान्यता है कि इस दिन ही भगवान विष्णु क्षीर सागर में शयनकाल समाप्त कर देते हैं। वह प्रकृति को खुशनुमा बनाने के लिए अपनी भार्या श्री और लक्ष्मी को समस्त ब्रहामांड में ऐश्वर्य बिखेरने के लिए भेज देते हैं। शुभ कार्यों और विवाह इत्यादि की इसी दिन से शुरुआत हो जाती है। देवोत्थान एकादशी ज्ञान और समृद्धि का प्रतीक मानी जाती है।
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देवोत्थान एकादशी पर सभी मैरिजहोम, धर्मशालाएं फुल रहीं। लोगों ने घरों में टेंट लगाकर भी शादी समारोह किए। इस बीच जिलेभर में जाम की स्थिति रही। शहर के साथ ही बेवर, किशनी और कुसमरा के अलावा कुरावली क्षेत्र में भी शाम के समय जाम लगता रहा। वहीं थाना पुलिस भीड़भाड़ वाले इलाकों और बाजारों में गश्त करती रही।
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रविवार को देवोत्थान एकादशी पर मंदिरों और घरों में देव जगाए गए। इस दिन घर-घर भगवान विष्णु की पूजा अर्चना की गई। महिलाओं ने आंगन में अल्पनाएं बनाईं और देव जगाकर सिंघाड़े और गन्ने से भगवान विष्णु की पूजा अर्चना की। महिलाओं ने भजन-कीर्तन भी किए। देवोत्थान पर गन्ना और सिंघाड़े की खूब बिक्री हुई। इस दिन जिलेभर में छह सौ से अधिक शादियां हुईं। लोगों ने गृहप्रवेश आदि भी किए। इस बीच घरों और मंदिरों में दीपक भी जलाए गए।
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मान्यता है कि इस दिन ही भगवान विष्णु क्षीर सागर में शयनकाल समाप्त कर देते हैं। वह प्रकृति को खुशनुमा बनाने के लिए अपनी भार्या श्री और लक्ष्मी को समस्त ब्रहामांड में ऐश्वर्य बिखेरने के लिए भेज देते हैं। शुभ कार्यों और विवाह इत्यादि की इसी दिन से शुरुआत हो जाती है। देवोत्थान एकादशी ज्ञान और समृद्धि का प्रतीक मानी जाती है।
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देवोत्थान एकादशी पर सभी मैरिजहोम, धर्मशालाएं फुल रहीं। लोगों ने घरों में टेंट लगाकर भी शादी समारोह किए। इस बीच जिलेभर में जाम की स्थिति रही। शहर के साथ ही बेवर, किशनी और कुसमरा के अलावा कुरावली क्षेत्र में भी शाम के समय जाम लगता रहा। वहीं थाना पुलिस भीड़भाड़ वाले इलाकों और बाजारों में गश्त करती रही।