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गुरु पूर्णिमा 2021: वृंदावन में सजने लगे गुरुओं के द्वार, मंदिरों में उमड़ रही भक्तों की भीड़
Tue, 20 Jul 2021 12:03 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा-वृंदावन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा-वृंदावन
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 20 Jul 2021 12:03 AM IST
सार
वृंदावन के आश्रमों में गुरु पूर्णिमा से पहले ही धार्मिक आयोजन शुरू हो गए हैं। इनमें श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है।
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बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोविड की तीसरी लहर की चेतावनी के बीच गुरु पूर्णिमा के लिए तीर्थनगरी वृंदावन में गुरुओं के द्वार सजने लगे हैं। शिष्यों की भीड़ अभी से आने लगी है। आश्रमों में धार्मिक कार्यक्रम शुरू हो गए हैं। सबसे अधिक श्रीमद्भागवत पाठ हो रही है। वहीं श्री बांकेबिहारी मंदिर में भी ठाकुरजी के दर्शन के लिए भीड़ उमड़ रही है।
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भगवान श्रीकृष्ण की नगरी में गुरु पूर्णिमा पर एक से डेढ़ करोड़ श्रद्धालुओं का आगमन होता है। इसमें एक करोड़ श्रद्धालु गोवर्धन की परिक्रमा के लिए ही आते थे, लेकिन यह परिक्रमा प्रशासन द्वारा प्रतिबंधित कर दिए जाने के कारण श्रद्धालुओं का रुख वृंदावन की ओर होने लगा है। लोग गुरु पूर्णिमा से एक सप्ताह पहले ही वृंदावन आने लगे हैं। अनेक आश्रमों में श्रीमद्भागवत सहित विभिन्न धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं।
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आश्रम गौरी गोपाल में भागवताचार्य अनिरुद्धाचार्य श्रीमद्भागवत कह रहे हैं। परिक्रमा मार्ग में ही श्रीराधा किशोरी शक्ति सेवा धाम में महामंडलेश्वर स्वामी इंद्रदेव की श्रीमद्भागवत कथा हो रही है। इन दोनों ही आश्रमों में भागवत सुनने के लिए भीड़ उमड़ी हुई है। बाहरी लोगों की संख्या बहुत ज्यादा है।
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आश्रमों में हो रही भागवत कथा
इसी तरह परिक्रमा मार्ग में ही आध्यात्म कुटीर में हरिशरण उपाध्याय ने कथा की शुरुआत कर दी है। वृंदावन के अनेक आश्रमों में यह धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। गुरुओं के आश्रम आ रही शिष्यों की भीड़ सुबह-शाम मंदिरों पर देखने को मिलती है। इससे श्रीबांकेबिहारी मंदिर की गलियां भक्तों से भर जाती हैं। इस दौरान कोविड के नियमों का पालन दूर तक नहीं होता है।
सीओ सदर गौरव त्रिपाठी ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के दृष्टिगत वृंदावन में भीड़ की संभावना को देखते हुए फिलहाल धर्मगुरु, संत-महात्माओं की मदद ली जा रही है। उनके माध्यम से शिष्यों को कोविड के मद्देनजर आश्रम न आने की अपील कराई जा रही है। इसके अलावा भी कुछ अन्य विकल्पों पर विचार चल रहा है, जिससे भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
इसी तरह परिक्रमा मार्ग में ही आध्यात्म कुटीर में हरिशरण उपाध्याय ने कथा की शुरुआत कर दी है। वृंदावन के अनेक आश्रमों में यह धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। गुरुओं के आश्रम आ रही शिष्यों की भीड़ सुबह-शाम मंदिरों पर देखने को मिलती है। इससे श्रीबांकेबिहारी मंदिर की गलियां भक्तों से भर जाती हैं। इस दौरान कोविड के नियमों का पालन दूर तक नहीं होता है।
सीओ सदर गौरव त्रिपाठी ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के दृष्टिगत वृंदावन में भीड़ की संभावना को देखते हुए फिलहाल धर्मगुरु, संत-महात्माओं की मदद ली जा रही है। उनके माध्यम से शिष्यों को कोविड के मद्देनजर आश्रम न आने की अपील कराई जा रही है। इसके अलावा भी कुछ अन्य विकल्पों पर विचार चल रहा है, जिससे भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।