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दयालबाग: जन्माष्टमी पर उमड़ा आस्था का सैलाब, स्वामीजी महाराज के भंडारे में देश-विदेश से आए सत्संगी
Sat, 05 Sep 2026 10:45 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Sat, 05 Sep 2026 10:45 AM IST
सार
जन्माष्टमी पर राधास्वामी मत के संस्थापक परम पुरुष पूरन धनी हुजूर स्वामी जी महाराज का 208वां जन्मोत्सव दयालबाग में भक्ति और सेवा भाव के साथ मनाया गया। देश-विदेश से पहुंचे सत्संगियों ने सुबह खेतों में सेवा की और इसके बाद पवित्र भंडारे में हिस्सा लिया।
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दयालबाग में जन्माष्टमी पर आयोजित भंडारी में मौजूद सत्संगी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
राधास्वामी मत के संस्थापक और पहले गुरु परम पुरुष पूरन धनी हुजूर स्वामी जी महाराज के जन्मोत्सव का पवित्र भंडारा शुक्रवार को जन्माष्टमी पर आयोजित किया गया। देश भर से आए सत्संगियों ने दयालबाग में असीम भक्ति और आध्यात्मिक उत्साह के साथ स्वामीजी महाराज का जन्मोत्सव मनाया। उन्होंने सुबह खेतों में सेवा की और फिर भंडारे में सहयोग किया।
परम पुरुष पूरन धनी हुजूर स्वामी जी महाराज का जन्म सेठ शिव दयाल सिंह के रूप में 24-25 अगस्त, 1818 की रात पन्नी गली में हुआ था। यह जन्माष्टमी की रात थी। आठ साल पहले उनके 200वें जन्मोत्सव पर स्वामीबाग में पवित्र समाधि बनकर तैयार हुई थी। दयालबाग में 208वें जन्मोत्सव पर आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, पूर्वोत्तर राज्यों और यूरोपीय देशों से सत्संगी दयालबाग पहुंचे और भंडारे में हिस्सा लिया।
6 सितंबर तक यह भंडारा सप्ताह आयोजित किया जाएगा। जन्माष्टमी पर देश भर की राधास्वामी मत की शाखाओं में जन्मोत्सव मनाया गया। सुबह आरती के बाद खेतों में सेवा की गई। पवित्र गुरु परंपरा में हुजूर प्रो. प्रेम सरन सत्संगी साहब दयालबाग के आठवें एवं वर्तमान संत सतगुरु के रूप में विराजमान हैं।
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परम पुरुष पूरन धनी हुजूर स्वामी जी महाराज का जन्म सेठ शिव दयाल सिंह के रूप में 24-25 अगस्त, 1818 की रात पन्नी गली में हुआ था। यह जन्माष्टमी की रात थी। आठ साल पहले उनके 200वें जन्मोत्सव पर स्वामीबाग में पवित्र समाधि बनकर तैयार हुई थी। दयालबाग में 208वें जन्मोत्सव पर आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, पूर्वोत्तर राज्यों और यूरोपीय देशों से सत्संगी दयालबाग पहुंचे और भंडारे में हिस्सा लिया।
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6 सितंबर तक यह भंडारा सप्ताह आयोजित किया जाएगा। जन्माष्टमी पर देश भर की राधास्वामी मत की शाखाओं में जन्मोत्सव मनाया गया। सुबह आरती के बाद खेतों में सेवा की गई। पवित्र गुरु परंपरा में हुजूर प्रो. प्रेम सरन सत्संगी साहब दयालबाग के आठवें एवं वर्तमान संत सतगुरु के रूप में विराजमान हैं।
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