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Agra News: परिवर्तनी एकादशी पर श्रद्धालुओं ने लगाई शूकरक्षेत्र की पंचकोसी परिक्रमा
Sun, 15 Sep 2024 01:23 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sun, 15 Sep 2024 01:23 AM IST
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सोरोंजी। परिवर्तनी एकादशी पर शूकरक्षेत्र की पंचकोसी परिक्रमा में हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही हरि की पौड़ी गंगा में स्नान के उपरांत श्रद्धालुओं ने वराह मंदिर में दर्शन पूजन किए।
श्रद्धालु हरि की पौड़ी की परिक्रमा करते हुए सूर्यकुंड, दूधेश्वर, बटुक भैरव मंदिर, जयदेवी पीठ, ग्राम देवी मंदिर, गोस्वामी तुलसीदास जन्म स्थान मंदिर होते हुए प्रथम पड़ाव 84 घंटे वाली मां मंदिर पहुंचे। उसके बाद सेडू नगला होते हुए बाछरू देव, सीता जी की रसोई होते प्रेम जी की बगीची पर पहुंचे। यहां गंगा वराह सभा उपाध्यक्ष निखिल तिवारी ने सभी श्रद्धालुओं को जलपान कराया। सिंगल वाले महाराज आश्रम पर भी श्रद्धालुओं के लिए धर्मप्रेमियों ने फलाहार कराया। उसके बाद करुआ देव महाराज होते हुए बनखंडेश्वर महादेव श्रद्धालु पहुंचे। परिक्रमार्थी कपिल मुनि आश्रम ,भागीरथ गुफा होते हुए चैतन्य महाप्रभु जी की बैठक, काला गोरा भैरव बाबा मंदिर होते हुए अंतिम पड़ाव भगवान वराह मंदिर पहुंचे। शूकरक्षेत्र पंचकोसी परिक्रमा समाज सेवा समिति संयोजक शरद कुमार पांडेय ने परिवर्तनी एकादशी का विशेष महत्व बताया। इसे पद्मा एकादशी , जलझुलनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। पंचकोसी परिक्रमा में प्रवीण कुमार द्विवेदी, उपेंद्र उपाध्याय, शशांक दीक्षित, शिवानंद उपाध्याय, योगेश उपाध्याय, सुरेंद्र महेरे, विनोद दीक्षित, गोपाल दास महाराज सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
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श्रद्धालु हरि की पौड़ी की परिक्रमा करते हुए सूर्यकुंड, दूधेश्वर, बटुक भैरव मंदिर, जयदेवी पीठ, ग्राम देवी मंदिर, गोस्वामी तुलसीदास जन्म स्थान मंदिर होते हुए प्रथम पड़ाव 84 घंटे वाली मां मंदिर पहुंचे। उसके बाद सेडू नगला होते हुए बाछरू देव, सीता जी की रसोई होते प्रेम जी की बगीची पर पहुंचे। यहां गंगा वराह सभा उपाध्यक्ष निखिल तिवारी ने सभी श्रद्धालुओं को जलपान कराया। सिंगल वाले महाराज आश्रम पर भी श्रद्धालुओं के लिए धर्मप्रेमियों ने फलाहार कराया। उसके बाद करुआ देव महाराज होते हुए बनखंडेश्वर महादेव श्रद्धालु पहुंचे। परिक्रमार्थी कपिल मुनि आश्रम ,भागीरथ गुफा होते हुए चैतन्य महाप्रभु जी की बैठक, काला गोरा भैरव बाबा मंदिर होते हुए अंतिम पड़ाव भगवान वराह मंदिर पहुंचे। शूकरक्षेत्र पंचकोसी परिक्रमा समाज सेवा समिति संयोजक शरद कुमार पांडेय ने परिवर्तनी एकादशी का विशेष महत्व बताया। इसे पद्मा एकादशी , जलझुलनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। पंचकोसी परिक्रमा में प्रवीण कुमार द्विवेदी, उपेंद्र उपाध्याय, शशांक दीक्षित, शिवानंद उपाध्याय, योगेश उपाध्याय, सुरेंद्र महेरे, विनोद दीक्षित, गोपाल दास महाराज सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
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