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मैनपुरी के देवपुरा और शीतलाधाम में नहीं घूमा विकास का पहिया
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मोहल्ला शिवलाल नगर की कच्ची गली
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। देवपुरा और शीतलाधाम वार्ड में विकास का पहिया नहीं घूमा है। यहां गलियां टूटी पड़ी हैं। चहुंओर गंदगी का अंबार लगा है। जलभराव से लोग परेशान हैं।
मैनपुरी नगर पालिका में 32 वार्ड हैं। पालिका क्षेत्र के कई मोहल्लों में विकास कार्य नहीं हुए हैं। इन मोहल्लों की गलियां कच्ची हैं। जलनिकासी के लिए नालियों का निर्माण नहीं हुआ है। पानी घरों के आसपास भरा रहता है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति देवपुरा और शीतलाधाम वार्ड में शामिल मोहल्लों की है। चुनाव के समय विकास की बात करने वाले सभासद भी जनता को मूूलभूत सुविधाएं नहीं दिला सके हैं। स्थानीय लोगों ने नगर पालिका के साथ ही जिला प्रशासन को कई बार ज्ञापन सौंपे, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
शिवलालनगर, वार्ड देवपुरा
वार्ड देवपुरा का मोहल्ला शिवलालनगर शहर के बीच में तहसील के सामने स्थित है। मोहल्ले की अधिकांश गलियां कच्ची हैं। जल निकासी के लिए इंतजाम नहीं हैं। मोहल्ले के लोग वर्षों से गली और नाला निर्माण की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन नगर पालिका ने स्थानीय लोगों की समस्या पर ध्यान नहीं दिया।
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सभासद का चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों ने गली पक्की कराने का भरोसा दिया था। चुनाव जीतने के बाद सभासद ने सड़क बनवाने की कोशिश नहीं की। अधिकांश लोगों ने खुद ही अपने मकान के सामने वैकल्पिक व्यवस्था की है।
ओमकार सिंह, शिवलालनगर
राधानगर, वार्ड देवपुरा
कचहरी रोड पर वार्ड देवपुरा केे मोहल्ला राधानगर में मार्ग टूटे पड़े हैं। पुराना वार्ड होने के बाद भी इस मोहल्ले में मार्ग नहीं बन सका। जर्जर मार्गाें से गुजरना लोगों की मजबूरी है। जलनिकासी की व्यवस्था भी नहीं है। घरों का गंदा पानी गलियों में ही जमा होता रहता है।
चुनाव जीतने वाले ज्यादातर सभासद देवपुरा मोहल्ले के हैं। सभासदों ने उसी ओर काम कराया है, जहां वह रहते हैं। नगर पालिका में पांच बार मार्ग बनवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिए गए। उन पर कार्रवाई करना तो दूर आज तक सुनवाई ही नहीं की गई है।
अनुराग सिंह, राधानगर
चांदेश्वर कॉलोनी, वार्ड शीतलाधाम
नगर पालिका के नए वार्ड शीतलाधाम के भी हालात ऐसे ही हैं। वार्ड में बनी चांदेश्वर कॉलोनी में गलियां कच्ची हैं। यहां से गुजरने वाले राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी होती है। कॉलोनी की गलियां पक्की कराने की दिशा में कोई पहल नहीं की गई है। कॉलोनी में रहने वालों की समस्या का निदान नहीं हो पा रहा है।
नया वार्ड होने के कारण सभासद ने अपने क्षेत्र में ही काम कराए हैं। कॉलोनी के पास ही प्राचीन चांदेश्वर मंदिर भी है। कॉलोनी की कई गलियां अभी भी कच्ची हैं।
अरुण कुमार, चांदेश्वर कॉलोनी
द्वारिकानगर, वार्ड शीतलाधाम
शीतलाधाम वार्ड के द्वारिकानगर के लोगों को विकास की दरकार है। पहले अकडुइया क्षेत्र में आने वाला द्वारिकानगर अब शीतलाधाम वार्ड का हिस्सा है। द्वारिकानगर के मार्ग जर्जर हैं। लगभग चार साल बीतने के बाद भी मार्ग बनवाने का प्रयास नहीं किया गया है। इससे द्वारिकानगर के लोगों में असंतोष है।
शहरी इलाके में मोहल्ला शामिल तो हो गया है, लेकिन सुविधाएं शहर जैसी नहीं हैं। मोहल्ले के लोगों ने दो बार नगर पालिका में ज्ञापन दिया है। इलाके में विकास कार्य नहीं हुए हैं।
अशोक कुमार, द्वारिकानगर
वर्जन
सभासदों केे प्रस्ताव और नगर पालिका के सर्वे के आधार पर विकास कार्य कराए जाते हैं। पालिका बोर्ड की बैठक में इनको मंजूरी दी जाती है। जिन इलाकों में गलियां कच्ची हैं, वहां सर्वे कराने के बाद उनको पक्का कराने की दिशा में काम किया जाएगा।
लालचंद्र भारती, ईओ नगर पालिका
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मैनपुरी नगर पालिका में 32 वार्ड हैं। पालिका क्षेत्र के कई मोहल्लों में विकास कार्य नहीं हुए हैं। इन मोहल्लों की गलियां कच्ची हैं। जलनिकासी के लिए नालियों का निर्माण नहीं हुआ है। पानी घरों के आसपास भरा रहता है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति देवपुरा और शीतलाधाम वार्ड में शामिल मोहल्लों की है। चुनाव के समय विकास की बात करने वाले सभासद भी जनता को मूूलभूत सुविधाएं नहीं दिला सके हैं। स्थानीय लोगों ने नगर पालिका के साथ ही जिला प्रशासन को कई बार ज्ञापन सौंपे, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
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शिवलालनगर, वार्ड देवपुरा
वार्ड देवपुरा का मोहल्ला शिवलालनगर शहर के बीच में तहसील के सामने स्थित है। मोहल्ले की अधिकांश गलियां कच्ची हैं। जल निकासी के लिए इंतजाम नहीं हैं। मोहल्ले के लोग वर्षों से गली और नाला निर्माण की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन नगर पालिका ने स्थानीय लोगों की समस्या पर ध्यान नहीं दिया।
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सभासद का चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों ने गली पक्की कराने का भरोसा दिया था। चुनाव जीतने के बाद सभासद ने सड़क बनवाने की कोशिश नहीं की। अधिकांश लोगों ने खुद ही अपने मकान के सामने वैकल्पिक व्यवस्था की है।
ओमकार सिंह, शिवलालनगर
राधानगर, वार्ड देवपुरा
कचहरी रोड पर वार्ड देवपुरा केे मोहल्ला राधानगर में मार्ग टूटे पड़े हैं। पुराना वार्ड होने के बाद भी इस मोहल्ले में मार्ग नहीं बन सका। जर्जर मार्गाें से गुजरना लोगों की मजबूरी है। जलनिकासी की व्यवस्था भी नहीं है। घरों का गंदा पानी गलियों में ही जमा होता रहता है।
चुनाव जीतने वाले ज्यादातर सभासद देवपुरा मोहल्ले के हैं। सभासदों ने उसी ओर काम कराया है, जहां वह रहते हैं। नगर पालिका में पांच बार मार्ग बनवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिए गए। उन पर कार्रवाई करना तो दूर आज तक सुनवाई ही नहीं की गई है।
अनुराग सिंह, राधानगर
चांदेश्वर कॉलोनी, वार्ड शीतलाधाम
नगर पालिका के नए वार्ड शीतलाधाम के भी हालात ऐसे ही हैं। वार्ड में बनी चांदेश्वर कॉलोनी में गलियां कच्ची हैं। यहां से गुजरने वाले राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी होती है। कॉलोनी की गलियां पक्की कराने की दिशा में कोई पहल नहीं की गई है। कॉलोनी में रहने वालों की समस्या का निदान नहीं हो पा रहा है।
नया वार्ड होने के कारण सभासद ने अपने क्षेत्र में ही काम कराए हैं। कॉलोनी के पास ही प्राचीन चांदेश्वर मंदिर भी है। कॉलोनी की कई गलियां अभी भी कच्ची हैं।
अरुण कुमार, चांदेश्वर कॉलोनी
द्वारिकानगर, वार्ड शीतलाधाम
शीतलाधाम वार्ड के द्वारिकानगर के लोगों को विकास की दरकार है। पहले अकडुइया क्षेत्र में आने वाला द्वारिकानगर अब शीतलाधाम वार्ड का हिस्सा है। द्वारिकानगर के मार्ग जर्जर हैं। लगभग चार साल बीतने के बाद भी मार्ग बनवाने का प्रयास नहीं किया गया है। इससे द्वारिकानगर के लोगों में असंतोष है।
शहरी इलाके में मोहल्ला शामिल तो हो गया है, लेकिन सुविधाएं शहर जैसी नहीं हैं। मोहल्ले के लोगों ने दो बार नगर पालिका में ज्ञापन दिया है। इलाके में विकास कार्य नहीं हुए हैं।
अशोक कुमार, द्वारिकानगर
वर्जन
सभासदों केे प्रस्ताव और नगर पालिका के सर्वे के आधार पर विकास कार्य कराए जाते हैं। पालिका बोर्ड की बैठक में इनको मंजूरी दी जाती है। जिन इलाकों में गलियां कच्ची हैं, वहां सर्वे कराने के बाद उनको पक्का कराने की दिशा में काम किया जाएगा।
लालचंद्र भारती, ईओ नगर पालिका