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1.93 अरब से होगा कासगंज जिले का विकास, प्रभारी मंत्री ने दी योजनाओं को हरी झंडी
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कासगंज में जिला योजना की बैठक में भाग लेते प्रभारी मंत्री, सांसद, डीएम, विधायक व अन्य
- फोटो : KASGANJ
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जिले के विकास के लिए सभी विभागों के विकास कार्यों से जुड़ी 1 अरब 93 करोड़, 33 लाख रुपये की जिला योजना 2019-20 को प्रभारी मंत्री सुरेश पासी की अध्यक्षता में आहूत बैठक में हरी झंडी दी गई। अब यह जिला योजना शासन को भेजी जाएगी।
वार्षिक जिला योजना की बैठक में प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री एवं जिला के प्रभारी मंत्री सुरेश पासी, सांसद राजवीर सिंह, विधायक देवेंद्र राजपूत, देवेंद्र प्रताप एवं ममतेश शाक्य की मौजूदगी में जिला योजना विचार विमर्श के बाद अनुमोदित की गई। प्रभारी मंत्री ने कहा कि शासन की मंशा है कि कोई भी पात्र 2022 तक आवासहीन न रहे। आवासों की सूची से कोई पात्र वंचित न रहे।
डीएम चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि सभी विभाग के अधिकारी अपने अपने विभागों से जुड़े प्रस्तावों पर धन आवंटन के बाद कार्य कराएं। बैठक में पुलिस अधीक्षक सुशील घुले, एडीएम योगेंद्र कुमार, सहित सभी विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
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इस तरह से जिला योजना में किए गए प्रावधान
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाष सिंह ने जिला योजना की बैठक में विस्तार से जानकारी दी। बताया कि वर्ष 2019-20 की प्रस्तावित जिला योजना में सड़कों एवं पुल निर्माण हेतु 39 करोड़ 57 लाख रुपये खर्च होंगे। रोजगार कार्यक्रमों में 4 करोड़ रुपये, प्राथमिक शिक्षा हेतु 23 करोड़ 24 लाख रुपये, ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम हेतु 20 करोड़ रुपये, ग्रामीण आवास हेतु 6 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
महिला एवं बाल विकास हेतु 768 लाख रुपये, लघु एवं सीमांत कृषकों को सहायता हेतु 588 लाख रुपये, पंचायतीराज हेतु 1 करोड़ 22 लाख रुपये, शहरी जलापूर्ति एवं स्वच्छता हेतु 304.26 लाख रुपये का प्रावधान है। पूल्ड आवास हेतु 300 लाख रुपये, समाज कल्याण हेतु 690 लाख रुपये, शिल्पकार प्रशिक्षण हेतु 365 लाख रुपये, वन विभाग हेतु 493.84 लाख रुपये, पशु पालन हेतु 152.77 लाख रुपये, सहकारिता हेतु 250 लाख रुपये, निजी लघु सिंचाई हेतु 236.90 लाख रुपये खर्च होंगे।
अतिरिक्त ऊर्जा श्रोत हेतु 445 लाख रुपये, पर्यटन हेतु 80 लाख रुपये, एलोपेथी हेतु 350 लाख रुपये, अनुसूचित जाति कल्याण हेतु 1 करोड़ रुपये, पिछड़ी जाति कल्याण हेतु 185 लाख रुपये, माध्यमिक शिक्षा हेतु 331 लाख रुपये, परिव्यय प्रस्तावित किया गया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डा. दिनेश कुमार सिंह ने गतवर्ष एवं वर्तमान वर्ष की जिला योजना संरचना की विस्तार से जानकारी दी। जनप्रतिनिधियों द्वारा कुछ गांवों में अधूरे शौचालयों को पूर्ण कराने, मानपुर नगरिया में हर सप्ताह स्वास्थ्य शिविर लगवाने, पचलाना और कुमरउआ गांव में विद्युतीकरण कराने पर जोर दिया गया।
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वार्षिक जिला योजना की बैठक में प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री एवं जिला के प्रभारी मंत्री सुरेश पासी, सांसद राजवीर सिंह, विधायक देवेंद्र राजपूत, देवेंद्र प्रताप एवं ममतेश शाक्य की मौजूदगी में जिला योजना विचार विमर्श के बाद अनुमोदित की गई। प्रभारी मंत्री ने कहा कि शासन की मंशा है कि कोई भी पात्र 2022 तक आवासहीन न रहे। आवासों की सूची से कोई पात्र वंचित न रहे।
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डीएम चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि सभी विभाग के अधिकारी अपने अपने विभागों से जुड़े प्रस्तावों पर धन आवंटन के बाद कार्य कराएं। बैठक में पुलिस अधीक्षक सुशील घुले, एडीएम योगेंद्र कुमार, सहित सभी विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
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इस तरह से जिला योजना में किए गए प्रावधान
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाष सिंह ने जिला योजना की बैठक में विस्तार से जानकारी दी। बताया कि वर्ष 2019-20 की प्रस्तावित जिला योजना में सड़कों एवं पुल निर्माण हेतु 39 करोड़ 57 लाख रुपये खर्च होंगे। रोजगार कार्यक्रमों में 4 करोड़ रुपये, प्राथमिक शिक्षा हेतु 23 करोड़ 24 लाख रुपये, ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम हेतु 20 करोड़ रुपये, ग्रामीण आवास हेतु 6 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
महिला एवं बाल विकास हेतु 768 लाख रुपये, लघु एवं सीमांत कृषकों को सहायता हेतु 588 लाख रुपये, पंचायतीराज हेतु 1 करोड़ 22 लाख रुपये, शहरी जलापूर्ति एवं स्वच्छता हेतु 304.26 लाख रुपये का प्रावधान है। पूल्ड आवास हेतु 300 लाख रुपये, समाज कल्याण हेतु 690 लाख रुपये, शिल्पकार प्रशिक्षण हेतु 365 लाख रुपये, वन विभाग हेतु 493.84 लाख रुपये, पशु पालन हेतु 152.77 लाख रुपये, सहकारिता हेतु 250 लाख रुपये, निजी लघु सिंचाई हेतु 236.90 लाख रुपये खर्च होंगे।
अतिरिक्त ऊर्जा श्रोत हेतु 445 लाख रुपये, पर्यटन हेतु 80 लाख रुपये, एलोपेथी हेतु 350 लाख रुपये, अनुसूचित जाति कल्याण हेतु 1 करोड़ रुपये, पिछड़ी जाति कल्याण हेतु 185 लाख रुपये, माध्यमिक शिक्षा हेतु 331 लाख रुपये, परिव्यय प्रस्तावित किया गया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डा. दिनेश कुमार सिंह ने गतवर्ष एवं वर्तमान वर्ष की जिला योजना संरचना की विस्तार से जानकारी दी। जनप्रतिनिधियों द्वारा कुछ गांवों में अधूरे शौचालयों को पूर्ण कराने, मानपुर नगरिया में हर सप्ताह स्वास्थ्य शिविर लगवाने, पचलाना और कुमरउआ गांव में विद्युतीकरण कराने पर जोर दिया गया।