Dev Uthani Ekadashi 2022: देवउठनी एकादशी से शुरू होंगे मांगलिक कार्य, जानें विवाह की तिथियां
Dev Uthani Ekadashi 2022: मान्यताओं के अनुसार देवोत्थान एकादशी पर जगत के पालनहार भगवान विष्णु की विशेष पूजा कर उन्हें नींद से जगाया जाता है। इसी दिन चातुर्मास व्रत समाप्त हो जाता है और सभी मांगलिक कार्य जैसे विवाह ,मुंडन ,जनेऊ, गृह प्रवेश, यज्ञ जैसे कार्यों की शुरुआत हो जाती है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवोत्थान या फिर देव प्रबोधिनी एकादशी भी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु चार माह की योगनिद्रा से जागते हैं। इसी के साथ मांगलिक कार्य शुरू हो जाते हैं। इस बार विवाह आदि का मुहूर्त 15 दिन बाद शुरू हो रहा है। इस दिन केवल तुलसी-सालिगराम के विवाह का शुभ संयोग है।
मथुरा के ज्योतिषाचार्य अजय कुमार तैलंग ने बताया कि एकादशी तिथि 3 नवंबर को शाम 07:30 बजे शुरू हो रही है। समापन अगले दिन 4 नवंबर को शाम 06:08 बजे होगा। ऐसे में उदयातिथि के आधार पर एकादशी का व्रत शुक्रवार को रखा जाएगा और इसी दिन देवों को जगाया जाएगा। ज्योतिषाचार्य कामेश्वर चतुर्वेदी ने बताया कि देवों के जगने पर तुलसी-शालिगराम विवाह से मंदिरों की अनुपम छटा देखने को मिलेगी। शुक्र उदय होने पर विवाह आदि के मुहूर्त प्रारंभ हो जाएंगे।
विवाह की तिथियां
उन्होंने बताया कि प्राचीन गणित के कुछ पंचांग के अनुसार 24, 25, 26 नवंबर को भी विवाह के मुहूर्त हैं। अधिकांश पंचांग 27-28 नवंबर तथा दिसंबर मास में 2,3,4 7, 8 ,9 ,14, तारीख के विवाह आदि के मुहूर्त दर्शा रहे हैं। कु छ पंचांग 20 ,21 नवंबर की रात्रि में तथा कुछ पंचांग 23-24 में शुक्र उदय लिखते हैं।
करना होगा थोड़ा इंतजार
ज्योतिषाचार्य आलोक गुप्ता के अनुसार 5 नवंबर शनिवार को तुलसी विवाह किया जाएगा। इसके बाद विवाह मुहूर्तों के लिए लोगों को 15 दिन से ज्यादा समय तक इंतजार करना होगा। तुलसी विवाह का दिन अबूझ मुहूर्त शादी-विवाह के लिए माना जाता है लेकिन इस साल ऐसा संभव नहीं हो पाएगा। ज्योतिषों के अनुसार विवाह तब ही हो सकते हैं जब शुक्र उदित हो। शुक्र तारे का उदय विवाह के शुभ मुहूर्त के लिए जरूरी है, 2 अक्तूबर को अस्त हुए शुक्र ग्रह 23 नवंबर को उदित होंगे। शुक्र के डूबने के कारण 23 नवंबर 2022 तक विवाह नहीं हो सकेंगे।