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लीकेज पाइपलाइन के मेंटीनेंस के लिए विभाग के पास बजट नहीं
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रफ़रोजाबाद ! लाइन लीकेज होने कारण सड़क पर हुआ गड्ढा
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। शहर में 25 से अधिक स्थानों पर पाइपलाइन लीक है और जनता दूषित पानी का दंश झेल रही है। अधिकारी बजट का अभाव की बात कहकर लीकेज ठीक कराने के नाम पर हाथ खड़ा कर रहे हैं। ऐसे में जनपद में बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। वहीं लीकेज पाइपलाइन से सड़कें खराब हो रही है तो हजारों लीटर गंगाजल नालियों में बह रहा है।
जेड़ाझाल परियोजना के अंतर्गत जल निगम द्वारा शहर में पाइपलाइन डालने के साथ ही सीडब्ल्यूआर और पेयजल टंकियों का निर्माण कराया गया था। योजना के तहत सभी कार्य पूरे होने के बाद योजना को नगर निगम के हैंडओवर किया जाना था लेकिन नगर निगम द्वारा योजना को अभी तक हैंडओवर नहीं लिया गया है। नगर निगम द्वारा योजना को हैंडओवर न लिए जाने के कारण जल निगम के अफसरों की दिक्कतें बढ़ गई हैं।
जल निगम के अफसरों की मानें तो उन्होंने योजना के मेंटीनेंस के लिए शासन से दस करोड़ रुपये का बजट मांगा था। इसके लिए कई बार पत्राचार किया जा चुका है लेकिन अभी तक बजट नहीं मिल सका है। बजट नहीं मिलने के कारण लीकेज और फटी पाइपलाइन को ठीक कराने में दिक्कत आ रही है। वहीं नगर निगम के अफसर भी योजना जल निगम की होने के कारण लीकेज और फटी पाइपलाइन को ठीक कराने के नाम पर हाथ खड़ा कर रहे हैं। दो विभागों के बीच फंसी योजना के कारण शहर की जनता दूषित पानी पीने को विवश है।
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जेड़ाझाल परियोजना नगर निगम के हैंडओवर की जानी थी लेकिन नगर निगम ने हैंडओवर नहीं लिया है। मेंटीनेंस के लिए बजट नहीं है। शासन से दस करोड़ रुपये का बजट मांगा था, जो अब तक नहीं मिल सका है। इस कारण दिक्कत हो रही है।
दिनेश चंद्र शर्मा सहायक अभियंता जल निगम
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जेड़ाझाल परियोजना के अंतर्गत जल निगम द्वारा शहर में पाइपलाइन डालने के साथ ही सीडब्ल्यूआर और पेयजल टंकियों का निर्माण कराया गया था। योजना के तहत सभी कार्य पूरे होने के बाद योजना को नगर निगम के हैंडओवर किया जाना था लेकिन नगर निगम द्वारा योजना को अभी तक हैंडओवर नहीं लिया गया है। नगर निगम द्वारा योजना को हैंडओवर न लिए जाने के कारण जल निगम के अफसरों की दिक्कतें बढ़ गई हैं।
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जल निगम के अफसरों की मानें तो उन्होंने योजना के मेंटीनेंस के लिए शासन से दस करोड़ रुपये का बजट मांगा था। इसके लिए कई बार पत्राचार किया जा चुका है लेकिन अभी तक बजट नहीं मिल सका है। बजट नहीं मिलने के कारण लीकेज और फटी पाइपलाइन को ठीक कराने में दिक्कत आ रही है। वहीं नगर निगम के अफसर भी योजना जल निगम की होने के कारण लीकेज और फटी पाइपलाइन को ठीक कराने के नाम पर हाथ खड़ा कर रहे हैं। दो विभागों के बीच फंसी योजना के कारण शहर की जनता दूषित पानी पीने को विवश है।
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जेड़ाझाल परियोजना नगर निगम के हैंडओवर की जानी थी लेकिन नगर निगम ने हैंडओवर नहीं लिया है। मेंटीनेंस के लिए बजट नहीं है। शासन से दस करोड़ रुपये का बजट मांगा था, जो अब तक नहीं मिल सका है। इस कारण दिक्कत हो रही है।
दिनेश चंद्र शर्मा सहायक अभियंता जल निगम