फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Dengue Strain-2 Injuring For Children Brain Lungs And Liver

सावधान: बच्चों के लिए खतरनाक है डेंगू का डेन-2 स्ट्रेन, दिमाग में सूजन, फेफड़ों में भर रहा पानी

Sat, 11 Sep 2021 12:24 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Sat, 11 Sep 2021 12:24 AM IST
सार

आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग के डेंगू वार्ड में करीब 36 बच्चे भर्ती हुए हैं। इनमें फिरोजाबाद के बच्चे सबसे ज्यादा हैं। इस स्ट्रेन के चलते ही करीब 14 बच्चों के लिवर और दिमाग में सूजन मिली।

विज्ञापन
Dengue Strain-2 Injuring For Children Brain Lungs And Liver
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

डेंगू का स्ट्रेन-2 दिमाग, फेफड़ों और लिवर पर चोट कर रहा है। खासकर बच्चों के लिए यह खतरा बना हुआ है। यही वजह है कि अब तक मरीजों में बच्चों की संख्या 80 फीसदी से अधिक है। ऐसे में चिकित्सक बच्चों को मच्छरों से बचाने और पौष्टिक आहार देने की सलाह दे रहे हैं।  

विज्ञापन


बाल रोग विभाग के डॉ. नीरज यादव ने बताया कि डेंगू का डेन-2 स्ट्रेन बच्चों पर ज्यादा प्रभावी है। डेंगू का डेन-2 स्ट्रेन खतरनाक है और बच्चों के लिवर, फेफड़े और दिमाग को प्रभावित कर रहा है। एसएन के बाल रोग के डेंगू वार्ड में करीब 36 बच्चे भर्ती हुए। इनमें फिरोजाबाद के बच्चे सबसे ज्यादा है। हाल ही में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने डेंगू के डेन-दो स्ट्रेन की पुष्टि की है। इस स्ट्रेन के चलते ही करीब 14 बच्चों के लिवर और दिमाग में सूजन मिली। उल्टी के साथ फेफड़े और पेट में पानी भरा मिला। तेज बुखार से बच्चे शॉक में भी चले गए। इलाज से इनकी हालत में लगातार ठीक हुई और डिस्चार्ज भी हो रहे हैं।
विज्ञापन

  
आगरा में 19 में से 11 बच्चों में मिला डेंगू
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि आगरा में अभी तक डेंगू के मिले 19 मरीजों में 11 बच्चे हैं। इनकी उम्र 3.5 साल से 15 साल है। यह निजी और सरकारी अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें बुखार के साथ उल्टी और लिवर में सूजन की दिक्कत भी मिली है। राहत की बात है कि इलाज के बाद यह ठीक हो रहे हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

यह स्ट्रेन ज्यादा खतरनाक
एसएन मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अंकुर गोयल ने बताया कि डेंगू से पहले किसी अन्य स्ट्रेन से पीड़ित हुआ है और दूसरी बार में स्ट्रेन कोई दूसरा है तो यह खतरनाक बन जाता है। हाल में जो बच्चों में यह डेंगू का डेन-2 स्ट्रेन मिला है, उनमें से अधिकांश पहले भी डेंगू की चपेट में आए हैं। 

दिमाग में होने लगता है रक्तस्राव
एसएन के माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉ. विकास गुप्ता ने बताया कि डेंगू के चार सीरोटाइप होते हैं, जिसे डेन-1, डेन-2, डेन-3 और डेन-4 बोले जाते हैं। इसमें डेन-2 अन्य से ज्यादा खतरनाक है। इसमें मरीज के दिमाग में ब्लीडिंग होने लगती है। इससे मरीज की मौत हो जाती है। फिरोजाबाद और आगरा में आईसीएमआर ने इस स्ट्रेन की पुष्टि की है। 

बरतें सावधानी
- मच्छर से हरहाल में बचें, घर में साफ-सफाई बरतें।
- पानी को ढककर रखें। कूलर की टंकी खाली कर दें।
- जलभराव होने पर उसमें मिट्टी का तेल छिड़क दें। 
- बच्चों को नारियल पानी, छाछ, जूस खूब पिलाएं।

योगी का बड़ा फैसला: मथुरा का 10 वर्ग किमी क्षेत्र तीर्थ स्थल घोषित, शराब-मांस की बिक्री पर प्रतिबंध
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed