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डेंगू की दहशत दिखा मची ‘लूट’
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Tue, 22 Sep 2015 02:06 AM IST
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डेंगू के नाम पर निजी अस्पतालों में मरीजों से ठगाई शुरू हो गई है। बिना जांच के ही वायरल पीड़ितों में डेंगू घोषित किया जा रहा है। प्लेटलेट्स कम बताकर जंबो पैक चढ़ाए जा रहे हैं। मरीजाें को भयभीत कर मोटा बिल बनाया जा रहा है। निजी हास्पिटल संचालक सबसे ज्यादा ग्रामीण मरीजों को शिकार बना रहे हैं। झोलाछाप एजेंट की भूमिका में हैं। वह मरीजाें को कांटेक्ट वाले हास्पिटलों में भेजे रहे हैं। पैथोलोजी जांच बिना ही मरीजों को डेंगू बताकर आईसीयू में भर्ती कर रहे हैं। सीएमओ डा. बीएस यादव का कहना है कि झूठी रिपोर्ट देकर मरीजों से ठगाई करने वालाें पर कार्रवाई की जाएगी। मरीज शिकायत करें।
केस-01
तीमारदार टूंडला का है, उसका मरीज यमुनापार के एक हास्पिटल में भर्ती है। डाक्टर ने डेंगू बताकर जंबो पैक चढ़ाने की बात कही है। पैथोलोजी लैब की रिपोर्ट के बारे में उसके परिजन ने बताया कि अभी तक जांच नहीं हुई। तीन दिन से मरीज आईसीयू में भर्ती है, 35 हजार रुपये खर्च हो गए हैं।
केस-02
शमसाबाद के एक हास्पिटल में राजपुर चुंगी निवासी दिनेश चंद की 12 साल की बच्ची भर्ती है। पांच दिन से उसे बुखार आ रहा था। हास्पिटल से ही ब्लड सैंपल लिए, जांच में प्लेटलेट्स 32 हजार और डेंगू बताया। जंबो पैक चढ़ाने के बाद भी मरीज की स्थिति जस की तस रही। पैसा भी खर्च हुआ, हालत में सुधार नहीं हुआ। शनिवार को एसएन मेडिकल कालेज में दिखाया, यहां दवा दी और आराम करने को कहा। सोमवार को रिपोर्ट में डेंगू नहीं मिला।
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क्या है जंबो पैक
जंबो पैक प्लेटलेट्स का बड़ा पैक होता है। इसे चढ़ाने से मरीज की 40-50 हजार तक प्लेटलेट्स काउंट बढ़ जाती हैं। इसे आधुनिक मशीन के जरिए रक्तदाता के रक्त से निकाला जाता है। पैथोलोजिस्ट डा. हरेंद्र यादव बताते हैं कि प्लेटलेट्स डेंगू में ब्लीडिंग को रोकने के लिए चढ़ाया जाता है। यह खून का थक्का जमाने का कार्य करती है।
मरीजों से ठगी करने वाले पेशेवर डाक्टर नहीं। ठेके पर हास्पिटल चलाने वाले हैं। आईएमए के सभी सदस्य उचित इलाज कर रहे हैं। फिर भी किसी को संदेह हो तो वह सरकारी लैब में भी डेंगू की जांच करा सकते हैं।
- डा. संदीप अग्रवाल, आईएमए अध्यक्ष
41 संदिग्ध मरीज, पांच में पुष्टि
आगरा। एसएन मेडिकल कालेज में माइक्रोबायलॉजी लैब में सोमवार को डेंगू के नए 41 संदिग्ध मामले आए। वहीं पूर्व में लिए गए सैंपलों की जांच रिपोर्ट में पांच में डेंगू की पुष्टि हुई है। इलाज के बाद इन मरीजों की हालत में सुधार बताया गया है।
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केस-01
तीमारदार टूंडला का है, उसका मरीज यमुनापार के एक हास्पिटल में भर्ती है। डाक्टर ने डेंगू बताकर जंबो पैक चढ़ाने की बात कही है। पैथोलोजी लैब की रिपोर्ट के बारे में उसके परिजन ने बताया कि अभी तक जांच नहीं हुई। तीन दिन से मरीज आईसीयू में भर्ती है, 35 हजार रुपये खर्च हो गए हैं।
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केस-02
शमसाबाद के एक हास्पिटल में राजपुर चुंगी निवासी दिनेश चंद की 12 साल की बच्ची भर्ती है। पांच दिन से उसे बुखार आ रहा था। हास्पिटल से ही ब्लड सैंपल लिए, जांच में प्लेटलेट्स 32 हजार और डेंगू बताया। जंबो पैक चढ़ाने के बाद भी मरीज की स्थिति जस की तस रही। पैसा भी खर्च हुआ, हालत में सुधार नहीं हुआ। शनिवार को एसएन मेडिकल कालेज में दिखाया, यहां दवा दी और आराम करने को कहा। सोमवार को रिपोर्ट में डेंगू नहीं मिला।
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क्या है जंबो पैक
जंबो पैक प्लेटलेट्स का बड़ा पैक होता है। इसे चढ़ाने से मरीज की 40-50 हजार तक प्लेटलेट्स काउंट बढ़ जाती हैं। इसे आधुनिक मशीन के जरिए रक्तदाता के रक्त से निकाला जाता है। पैथोलोजिस्ट डा. हरेंद्र यादव बताते हैं कि प्लेटलेट्स डेंगू में ब्लीडिंग को रोकने के लिए चढ़ाया जाता है। यह खून का थक्का जमाने का कार्य करती है।
मरीजों से ठगी करने वाले पेशेवर डाक्टर नहीं। ठेके पर हास्पिटल चलाने वाले हैं। आईएमए के सभी सदस्य उचित इलाज कर रहे हैं। फिर भी किसी को संदेह हो तो वह सरकारी लैब में भी डेंगू की जांच करा सकते हैं।
- डा. संदीप अग्रवाल, आईएमए अध्यक्ष
41 संदिग्ध मरीज, पांच में पुष्टि
आगरा। एसएन मेडिकल कालेज में माइक्रोबायलॉजी लैब में सोमवार को डेंगू के नए 41 संदिग्ध मामले आए। वहीं पूर्व में लिए गए सैंपलों की जांच रिपोर्ट में पांच में डेंगू की पुष्टि हुई है। इलाज के बाद इन मरीजों की हालत में सुधार बताया गया है।