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Agra News: आलू कोल्ड स्टोरेज अनुदान में संशोधन की मांग उठी
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बिचपुरी। किसान नेता मोहन सिंह चाहर ने उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह को पत्र भेजकर आलू के कोल्ड स्टोरेज भाड़ा अनुदान की व्यवस्था में संशोधन की मांग की है। उन्होंने कहा कि खतौनी धारक किसान की सहमति के आधार पर उसके परिवार के सदस्य और बटाई पर खेती करने वाले वास्तविक आलू उत्पादक को भी अनुदान का लाभ दिया जाए।
मोहन सिंह चाहर ने बताया कि बड़ी मात्रा में आलू का भंडारण खतौनी धारक के बजाय उसके परिवार के सदस्यों या बटाईदार के नाम से होता है। ऐसे में केवल खतौनी धारक के नाम के आधार पर अनुदान की पात्रता तय होने से वास्तविक उत्पादक योजना के लाभ से वंचित हो जाते हैं। उन्होंने खतौनी धारक की सहमति को आधार बनाकर वास्तविक आलू उत्पादक को अनुदान देने की व्यवस्था बनाने की मांग की। उन्होंने बताया कि सरकार ने कोल्ड स्टोरेज भाड़ा अनुदान 100 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। दो हेक्टेयर तक प्रति हेक्टेयर 200 क्विंटल की सीमा के अनुसार किसान को अधिकतम 20 हजार रुपये का अनुदान मिल सकता है। चाहर ने पंजीकरण और दस्तावेजी प्रक्रिया सरल करने तथा कोल्ड स्टोरेज का पूरा भाड़ा एकमुश्त जमा न कर पाने वाले किसानों को भी योजना से वंचित न करने की मांग की है।
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मोहन सिंह चाहर ने बताया कि बड़ी मात्रा में आलू का भंडारण खतौनी धारक के बजाय उसके परिवार के सदस्यों या बटाईदार के नाम से होता है। ऐसे में केवल खतौनी धारक के नाम के आधार पर अनुदान की पात्रता तय होने से वास्तविक उत्पादक योजना के लाभ से वंचित हो जाते हैं। उन्होंने खतौनी धारक की सहमति को आधार बनाकर वास्तविक आलू उत्पादक को अनुदान देने की व्यवस्था बनाने की मांग की। उन्होंने बताया कि सरकार ने कोल्ड स्टोरेज भाड़ा अनुदान 100 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। दो हेक्टेयर तक प्रति हेक्टेयर 200 क्विंटल की सीमा के अनुसार किसान को अधिकतम 20 हजार रुपये का अनुदान मिल सकता है। चाहर ने पंजीकरण और दस्तावेजी प्रक्रिया सरल करने तथा कोल्ड स्टोरेज का पूरा भाड़ा एकमुश्त जमा न कर पाने वाले किसानों को भी योजना से वंचित न करने की मांग की है।
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