आगरा: चुनाव ड्यूटी कटवाने को दयाल एजेकूशनल इंस्टीट्यूट पहुंचा हाईकोर्ट, याचिका खारिज
डीईआई ने कोरोना महामारी का हवाला देते हुए भौतिक प्रशिक्षण व ड्यूटी से मुक्त रखने के लिए याचिक दायर की थी, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है।
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विधानसभा चुनाव में पहली बार डीईआई के 324 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। जिनमें 194 कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी के प्रशिक्षण के लिए नोटिस जारी हुए थे। मंगलवार से प्रशिक्षण होना था। डीईआई की तरफ से अधिवक्ता उज्जवल सत्संगी व कार्तिकेय सरन ने शनिवार को हाईकोर्ट में याचिका दायर की। रविवार को सुनवाई के बाद सोमवार को दो जजों की पीठ ने याचिका निरस्त कर दी।
सिर्फ इन लोगों को है छूट
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि संक्रमित, पति-पत्नी, दिव्यांग व बीमार लोगों को चुनाव ड्यूटी से सशर्त मुक्त रखा जा रहा है। डीईआई की याचिका के संबंध में प्रशासन ने मजबूती से हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखा। आयोग के दिशा-निर्देशों से कोर्ट को अवगत कराया। जिसके बाद कोर्ट ने चुनाव ड्यूटी काटने व प्रशिक्षण से मुक्त रखने संबंधी याचिका को निरस्त कर दिया है। डीईआई प्रबंधन की तरफ से महामारी का हवाला देते हुए भौतिक प्रशिक्षण रोकने व चुनाव ड्यूटी से मुक्त रखने के लिए याचिका दायर की गई थी।
कार्मिकों ने सीखा ईवीएम व वीवीपेट ठीक करना
आरबीएस डिग्री कॉलेज व सेंट जॉस इंटर कॉलेज में सोमवार से पीठासीन व मतदान प्रथम अधिकारी को प्रशिक्षण शुरू हो गया। अपर प्रभारी कार्मिक भीम जी उपाध्याय ने बताया कि मास्टर ट्रेनर द्वारा सभी कार्मिकों को ईवीएम व वीवी पेट मशीनों के संचालन, मरम्मत के बारे में सिखाया गया है। ताकि मतदान प्रभावित न हो। मतदान के दौरन बरती जाने वाली सावधानियों व प्रपत्रों को भरने की जानकारी दी गई है। मंगलवार को भी प्रशिक्षण जारी रहेगा।
प्रशिक्षण स्थल पर लगेगी बूस्टर डोज
मतदान कार्मिकों के लिए चुनाव ड्यूटी से पहले बूस्टर डोज के रूप में तीसरी खुराक प्रशिक्षण स्थल पर ही दी जा रही है। सोमवार को डीएम प्रभु एन सिंह ने आरबीएस व सेंट जॉस में बूस्टर डोज शिविर का निरीक्षण किया। सभी कार्मिकों से टीका लगवाने की अपील की गई। इस दौरान उनके साथ मतदान कार्मिक प्रभारी ए मनिकन्डन आदि मौजूद रहे।