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कर्ज लेकर बेटे की जान बचाने वाले पिता ने की खुदकुशी, वसूली को लेकर उत्पीड़न कर रहे थे साहूकार
Sat, 23 Feb 2019 07:01 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 23 Feb 2019 07:01 PM IST
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suicide crime
- फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी जिले में बेटे के इलाज के लिए साहूकारों से लिया गया कर्ज किसान के लिए जानलेवा बन गया। आए दिन होने वाले तकादों से परेशान होकर किसान ने आत्महत्या कर ली। किसान का शव शुक्रवार रात पेड़ पर लटका मिला। परिजनों के अनुसार किसान फसल में हुए नुकसान के कारण कर्ज नहीं चुका पा रहा था। वहीं साहूकार वसूली को लेकर उसका उत्पीड़न कर रहे थे।
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थाना एलाऊ क्षेत्र के गांव किशोरपुर निवासी मनोज कुमार राजपूत (40) का 13 वर्षीय पुत्र मोहित करीब छह माह पूर्व हुए सड़क हादसे में घायल हो गया था। परिजनों के अनुसार उसके उपचार के लिए मनोज ने साहूकारों से रुपये उधार लिए थे।
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उपचार में करीब पांच लाख रुपये तक खर्च हो गया। तब कहीं जाकर मोहित की जान बच सकी थी। किसान ने फसल हो जाने के बाद कर्ज चुकाने की सोच रखी थी, लेकिन खराब मौसम में फसल भी धोखा दे गई। हर ओर से परेशान किसान शुक्रवार शाम घर से चला गया। देर रात करीब एक बजे उसका शव गांव के पास एक खेत में अमरूद के पेड़ पर लटका मिला।
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जानकारी होने के बाद घर में चीख-पुकार मच गई। किसान मनोज कुमार के पुत्र मोहित ने बताया कि पिता कर्ज की चिंता को लेकर परेशान रहा करते थे। वह कहते थे कि क्या करना चाहा था और क्या हो गया। साहूकार भी लगातार तकादा कर रहे थे।
टूटती चली गई उम्मीद दर उम्मीद
गांव किशोरपुर में किसान द्वारा कर्ज के बोझ के चलते खुदकुशी की घटना के बाद सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीण चर्चा कर रहे हैं कि सूदखोरों से मोटे ब्याज पर लिया गया कर्ज ही मनोज की मौत की वजह बन गया। वहीं प्रकृति को भी उसके हालात पर दया नहीं आई।
पहले इकलौते पुत्र की जान बचाने के लिए लाखों का कर्ज ले लिया, जब उसे चुकाने के लिए फसल पर आस लगाई तो मौसम की मार ने उसे भी तोड़ दिया। साहूकार आए दिन रुपये वापसी को लेकर तकादा करने आते थे। कई बार तो उसकी बेइज्जती भी की।
एसडीएम भोगांव पीसी आर्य ने बताया कि किसान के पास छह बीघा जमीन है। वह खेती और मजदूरी दोनों करता था। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि उसने आत्महत्या कर्ज के चलते की है। वह बेटे के एक्सीडेंट में घायल होने से भी परेशान था। फिलहाल जांच जारी है। परिवार की हरसंभव मदद की जाएगी।
पहले इकलौते पुत्र की जान बचाने के लिए लाखों का कर्ज ले लिया, जब उसे चुकाने के लिए फसल पर आस लगाई तो मौसम की मार ने उसे भी तोड़ दिया। साहूकार आए दिन रुपये वापसी को लेकर तकादा करने आते थे। कई बार तो उसकी बेइज्जती भी की।
एसडीएम भोगांव पीसी आर्य ने बताया कि किसान के पास छह बीघा जमीन है। वह खेती और मजदूरी दोनों करता था। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि उसने आत्महत्या कर्ज के चलते की है। वह बेटे के एक्सीडेंट में घायल होने से भी परेशान था। फिलहाल जांच जारी है। परिवार की हरसंभव मदद की जाएगी।