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मथुरा जेल के बंदी की इलाज के दौरान मौत, परिजनों ने लगाए यह आरोप
Tue, 05 Feb 2019 06:12 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 05 Feb 2019 06:12 PM IST
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मथुला जिला जेल
- फोटो : अमर उजाला
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मथुरा की जिला जेल के एक बंदी की आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। उसे 10 दिन पहले एनडीपीएस एक्ट में राया पुलिस ने जेल भेजा था। मंगलवार का हालत बिगड़ी तो उसे जिला अस्पताल भेजा गया।
यहां से आगरा एसएन मेडिकल रेफर किया, जहां बंदी की मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि जेल प्रशासन से इलाज कराने में लापरवाही बरती है। अगर पहले इलाज मिल जाता तो उसे बचाया जा सकता था।
राया के मोहल्ला सुल्तानगंज निवासी बंटू (27) पुत्र हाजी अशफाक 26 जनवरी से जिला जेल में एनडीपीएस एक्ट में बंद था। जेल प्रशासन की मानें तो 30 जनवरी को उसे बुखार आया तो उसे बैरक नंबर नौ से जेल अस्पताल में भेजा गया।
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यहां से आगरा एसएन मेडिकल रेफर किया, जहां बंदी की मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि जेल प्रशासन से इलाज कराने में लापरवाही बरती है। अगर पहले इलाज मिल जाता तो उसे बचाया जा सकता था।
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राया के मोहल्ला सुल्तानगंज निवासी बंटू (27) पुत्र हाजी अशफाक 26 जनवरी से जिला जेल में एनडीपीएस एक्ट में बंद था। जेल प्रशासन की मानें तो 30 जनवरी को उसे बुखार आया तो उसे बैरक नंबर नौ से जेल अस्पताल में भेजा गया।
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आगरा में तोड़ा दम
मंगलवार को हालत में सुधार न होने पर जेल अधीक्षक शैलेंद्र कुमार मैत्रये ने उसे जिला अस्पताल भिजवाया। हालत में सुधार न होने पर जिला अस्पताल से बंदी को एसएन मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया। यहां इलाज के दौरान बंदी की मौत गई।
मृतक के पिता हाजी अशफाक ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। आरोप है कि उसका शुरू में बेहतर इलाज होता तो उसकी मौत नहीं होती। हालत बिगड़ने पर परिवार वालों को भी देरी से सूचना दी गई। घर वालों का कहना है कि जेल में उसका इलाज तक नहीं कराया गया था।
‘26 जनवरी से जेल में एनडीपीएस एक्ट में बंद बंटू 30 जनवरी से बुखार के चलते अस्पताल में भर्ती हुआ था। इलाज में लाभ न मिलने पर मंगलवार को उसे जिला अस्पताल भिजवाया। आगरा एसएन रेफर किए गए बंदी ने इलाज के दौरान दम तोड़ा है।'
शैलेंद्र कुमार मैत्रये, जेल अधीक्षक
मृतक के पिता हाजी अशफाक ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। आरोप है कि उसका शुरू में बेहतर इलाज होता तो उसकी मौत नहीं होती। हालत बिगड़ने पर परिवार वालों को भी देरी से सूचना दी गई। घर वालों का कहना है कि जेल में उसका इलाज तक नहीं कराया गया था।
‘26 जनवरी से जेल में एनडीपीएस एक्ट में बंद बंटू 30 जनवरी से बुखार के चलते अस्पताल में भर्ती हुआ था। इलाज में लाभ न मिलने पर मंगलवार को उसे जिला अस्पताल भिजवाया। आगरा एसएन रेफर किए गए बंदी ने इलाज के दौरान दम तोड़ा है।'
शैलेंद्र कुमार मैत्रये, जेल अधीक्षक