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Agra News: सौ शैया अस्पताल में प्रसव के दौरान लापरवाही से नवजात की मौत
Sat, 05 Oct 2024 10:50 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sat, 05 Oct 2024 10:50 PM IST
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मैनपुरी। सौ शैया अस्पताल में प्रसव के दौरान स्टाफ की लापरवाही से नवजात की मौत हो गई। नवजात की मौत के बाद परिजन ने हंगामा काटा। परिजन ने कोतवाली पुलिस को डॉक्टर और स्टाफ पर कार्रवाई के लिए तहरीर दी है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सौ शैया अस्पताल पहुंचकर जानकारी जुटाई है।
थाना कोतवाली क्षेत्र के जेल चौराहा निवासी सौरभ सिंह की पत्नी कल्पना को शुक्रवार को प्रसव के लिए परिजन ने सौ शैया अस्पताल में दोपहर साढ़े 12 बजे के करीब भर्ती कराया। अस्पताल के लेबर रूम में मौजूद स्टाफ ने प्रसूता के स्वस्थ होने और सामान्य प्रसव कराने की बात कही। दोपहर साढ़े तीन बजे के करीब लेबर रूम से निकली महिला स्टाफ ने पुत्र पैदा होने की जानकारी दी। लेकिन इसके 20 मिनट बाद ही उसकी मृत्यु होने की बात कही।
सौरभ ने आरोप लगाया कि अस्पताल में मौजूद होने के बाद भी महिला चिकित्सक डॉ. निशिता यादव और डॉ. शैलजा सचान ने प्रसव नहीं कराया, बल्कि वहां स्टाफ नर्स सुशीला और मनीषा ने अन्य कर्मियों के साथ जबरन कल्पना के हाथ पैर पकड़कर पेट दबाकर अमानवीय तरीके से शिशु को बाहर निकाला। इससे नवजात शिशु की मृत्यु हो गई। जब डाॅ. निशिता से जानकारी की तो उन्होंने फाइल देखकर कहा कि मरीज की हालत गंभीर थी, इसका तो सिजेरियन प्रसव होना था। इसके बाद स्वजन ने शव को लेकर जाकर दफन करा दिया।
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शनिवार को सौरभ परिजन के साथ अस्पताल पहुंचे और कल्पना को उपलब्ध कराए गए इलाज की जानकारी मांगी, तो किसी ने उन्हें उपलब्ध नहीं कराई। जिसपर गुस्साए परिजन ने जमकर हंगामा कर डाक्टर और स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हंगामे की सूचना पाकर कोतवाली पुलिस भी अस्पताल पहुंच गई। परिजनों को पुलिस ने शांत कराया। वहीं सौरभ ने डीएम, एसपी, सीएमओ और कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर तैनात डॉक्टर और स्टाफ के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
मामले की जानकारी मिली है जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. आरसी गुप्ता, सीएमओ
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थाना कोतवाली क्षेत्र के जेल चौराहा निवासी सौरभ सिंह की पत्नी कल्पना को शुक्रवार को प्रसव के लिए परिजन ने सौ शैया अस्पताल में दोपहर साढ़े 12 बजे के करीब भर्ती कराया। अस्पताल के लेबर रूम में मौजूद स्टाफ ने प्रसूता के स्वस्थ होने और सामान्य प्रसव कराने की बात कही। दोपहर साढ़े तीन बजे के करीब लेबर रूम से निकली महिला स्टाफ ने पुत्र पैदा होने की जानकारी दी। लेकिन इसके 20 मिनट बाद ही उसकी मृत्यु होने की बात कही।
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सौरभ ने आरोप लगाया कि अस्पताल में मौजूद होने के बाद भी महिला चिकित्सक डॉ. निशिता यादव और डॉ. शैलजा सचान ने प्रसव नहीं कराया, बल्कि वहां स्टाफ नर्स सुशीला और मनीषा ने अन्य कर्मियों के साथ जबरन कल्पना के हाथ पैर पकड़कर पेट दबाकर अमानवीय तरीके से शिशु को बाहर निकाला। इससे नवजात शिशु की मृत्यु हो गई। जब डाॅ. निशिता से जानकारी की तो उन्होंने फाइल देखकर कहा कि मरीज की हालत गंभीर थी, इसका तो सिजेरियन प्रसव होना था। इसके बाद स्वजन ने शव को लेकर जाकर दफन करा दिया।
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शनिवार को सौरभ परिजन के साथ अस्पताल पहुंचे और कल्पना को उपलब्ध कराए गए इलाज की जानकारी मांगी, तो किसी ने उन्हें उपलब्ध नहीं कराई। जिसपर गुस्साए परिजन ने जमकर हंगामा कर डाक्टर और स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हंगामे की सूचना पाकर कोतवाली पुलिस भी अस्पताल पहुंच गई। परिजनों को पुलिस ने शांत कराया। वहीं सौरभ ने डीएम, एसपी, सीएमओ और कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर तैनात डॉक्टर और स्टाफ के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
मामले की जानकारी मिली है जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. आरसी गुप्ता, सीएमओ