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मोक्ष की आस: फिरोजाबाद में सैकड़ों अस्थि कलश कर रहे विसर्जन के लिए अपनों का इंतजार

Wed, 12 May 2021 12:08 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद Published by: Abhishek Saxena Updated Wed, 12 May 2021 12:08 AM IST
सार

कोरोना संक्रमण के बीच जहां सुहागनगरी में मौतों का ग्राफ बढ़ रहा है। वहीं लोग अंतिम संस्कार के बाद अस्थियां व फूल चुनने श्मशान घाट नहीं पहुंच रहे है। श्मशान घाट पर रखी अस्थियां आज भी इंतजार कर रही है। 

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Death Due To Corona Virus Bones Are Waiting For Immersion After Cremation
छारबाग स्थित श्मशान घाट पर एकत्रित अस्थियां - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना काल में अपनों ने असमय साथ छोड़ दिया। दाह संस्कार के बाद आज भी उनके अपने अस्थियों व फूल चुनने के लिए श्मशान घाट पर नहीं पहुंच सके। 350 लोगों की श्मशान घाट में रखी अस्थियां आज भी अपनों के आने का इंतजार कर रही है। जो लोग अस्थियां लेने नहीं पहुंच रहे उनकी अस्थियां स्वर्गाश्रम विकास समिति के पदाधिकारियों ने मटकियों में भरकर कमरे में रखवा दी है। जिनको समिति द्वारा लॉकडाउन के बाद उनका विधि विधान के साथ विसर्जन किया जा सके।

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कोरोना संक्रमण के बीच सुहागनगरी जहां सुहागनगरी में मौतों का ग्राफ बढ़ रहा है। वहीं लोग अंतिम संस्कार के बाद अस्थियां व फूल चुनने श्मशान घाट नहीं पहुंच रहे है। श्मशान घाट पर रखी अस्थियां आज भी इंतजार कर रही है।
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स्वर्गाश्रम विकास समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि आज भी करीब तीन सौ अस्थियां रखी है। जिसमें से करीब ढाई सौ अस्थियां एक साल व उससे पहले की है। करीब सौ अस्थियां एक माह से रखी हुई है। जिनको लेने के लिए उनके परिवार के लोग श्मशान घाट नहीं पहुंच रहे है। ऐसी अस्थतियों को गंगा में विसर्जन करने का कार्य स्वर्गाश्रम विकास समिति द्वारा किया जाएगा। 

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श्मशान घाट पर करीब साढ़े तीन सौ अस्थि कलश रखे हुए है। अप्रैल माह जिन शवों का अंतिम संस्कार किया गया था। उसमें से करीब 70 से 80 शवों की अस्थियां आज भी मौजूद हैं। जिनके परिवारीजन आज तक लेने नहीं आए। पिछले लॉकडाउन में जिन शवों का अंतिम संस्कार हुआ था, उनके परिवारीजन भी अस्थियां लेने नहीं आ रहे। सभी कोरोना संक्रमण खत्म होने के साथ ही कछला या सोरों में अस्थियां का विसर्जन किया जाएगा। - आंलिक अग्रवाल सचिव प्रबंधक स्वर्गाश्रम विकास समिति

तीन साल पूर्व विधि विधान के साथ अस्थियां का विसर्जन सोरों में किया गया था। अस्थियां विसर्जन से पूर्व स्वर्गाश्रम पर हवन कराया गया था। जिससे मृत आत्माओं को शांति मिल सके। छारबाग से अस्थति विसर्जन यात्रा भी निकाली गई थी। जिसमें काफी समय में समाज सेवी भी मौजूद रहे। इस बार भी अस्थतियों का विसर्जन किया जाएगा। - प्रदीप अग्रवाल समाजसेवी कोषाध्यक्ष स्वर्गाश्रम विकास समिति

जो लोग शव का दाह संस्कार करने के बाद अस्थियां लेने नहीं आते। उनको फोन भी किया जाता है। लेकिन इसके बाद भी लोग अस्थियां लेने नहीं आ रहे। चिता की आग शांत होने के साथ ही कर्मचारी अस्थियां  बीनकर मिट्टी की मटकी या फिर किसी थैले में भरकर रख देता है। बार-बार सूचना देने के बाद भी लोग अपने बुजुर्गों की अस्थि विसर्जन से दूरियां बनाते जा रहे है।  - राकेश गोयल सीए अध्यक्ष स्वर्गाश्रम विकास समिति

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