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संक्रमण ने रोक दी मनरेगा के काम की रफ्तार
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कासगंज। कोरोना संक्रमण के डर ने ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। अधिकांश पंचायतों में योजना के तहत संचालित कार्य रोक दिए गए हैं। मात्र 60 ग्राम पंचायतों में ही कार्य चल रहा है। ऐसा नहीं कि विकास विभाग ने काम पर रोक लगाई हो बल्कि तमाम गांव में मजदूर स्वयं ही संक्रमण के डर से सामूहिक रूप से काम करने से बच रहे हैं।
पिछले साल जब कोरोना संक्रमण बड़ा और बड़ी संख्या में प्रवासी लौट आए तक लॉकडाउन में मनरेगा का काम तेजी के साथ कराया गया। इस साल लोगों के सामने आर्थिक समस्या तो सामने आ रही है, लेकिन मनरेगा के काम में इस बार तेजी नहीं है। क्योंकि गांव में पिछले साल की अपेक्षा इस साल संक्रमण का खतरा तेजी के साथ बढ़ा हुआ है। इसलिए सिर्फ बेहद जरूरतमंद ही मनरेगा का काम कर रहे हैं। अधिकांश मजदूर स्वत: ही काम से बचे हुए हैं।
हालांकि संक्रमण के डर के कारण विकास विभाग भी पंचायतों पर काम का दबाव नहीं बना रहा है। इस तरह संक्रमण ने गांव में अब रोजगार के अवसर पर ब्रेक लगाया है। मजदूरों का मानना है कि कुछ दिन तंगी में बिता लेंगे, लेकिन जान को जोखिम में नहीं डालेंगे।
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आंकड़े की नजर से-
- 423 ग्राम पंचायते हैं जिले में।
- 1.20 लाख हैं जॉबकार्ड धारक हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। जिससे मनरेगा के काम पर अधिक बल नहीं दिया जा रहा। तमाम मजदूर स्वत: ही सामूहिक रूप से काम करने से बच रहे हैं। - अजय कुमार, डीसी मनरेगा।
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पिछले साल जब कोरोना संक्रमण बड़ा और बड़ी संख्या में प्रवासी लौट आए तक लॉकडाउन में मनरेगा का काम तेजी के साथ कराया गया। इस साल लोगों के सामने आर्थिक समस्या तो सामने आ रही है, लेकिन मनरेगा के काम में इस बार तेजी नहीं है। क्योंकि गांव में पिछले साल की अपेक्षा इस साल संक्रमण का खतरा तेजी के साथ बढ़ा हुआ है। इसलिए सिर्फ बेहद जरूरतमंद ही मनरेगा का काम कर रहे हैं। अधिकांश मजदूर स्वत: ही काम से बचे हुए हैं।
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हालांकि संक्रमण के डर के कारण विकास विभाग भी पंचायतों पर काम का दबाव नहीं बना रहा है। इस तरह संक्रमण ने गांव में अब रोजगार के अवसर पर ब्रेक लगाया है। मजदूरों का मानना है कि कुछ दिन तंगी में बिता लेंगे, लेकिन जान को जोखिम में नहीं डालेंगे।
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आंकड़े की नजर से-
- 423 ग्राम पंचायते हैं जिले में।
- 1.20 लाख हैं जॉबकार्ड धारक हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। जिससे मनरेगा के काम पर अधिक बल नहीं दिया जा रहा। तमाम मजदूर स्वत: ही सामूहिक रूप से काम करने से बच रहे हैं। - अजय कुमार, डीसी मनरेगा।