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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय: 225 निजी कॉलेजों में बीएड में प्रवेश नहीं ले पाएंगे छात्र, यह है वजह

Tue, 10 Aug 2021 12:50 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 10 Aug 2021 12:50 PM IST
सार

विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. संजीव सिंह ने बताया कि से बीएड पाठ्यक्रम संचालित करने वाले 450 कॉलेज हैं। इनमें से 225 कॉलेजों को 2019-20 के लिए ही मान्यता दी थी।

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DBRAU agra did not recommend permanent recognition of B.Ed in private colleges
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय

विस्तार

आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के निजी 225 कॉलेजों में बीएड पाठ्यक्रम में प्रवेश नहीं ले पाएंगे। इन्होंने मानक पूरे नहीं किए हैं। ऐसे में इनकी स्थायी मान्यता की संस्तुति नहीं की है। संचालकों को नोटिस देकर मानक पूरे करने के लिए इनको नोटिस दिए हैं।

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विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. संजीव सिंह ने बताया कि से बीएड पाठ्यक्रम संचालित करने वाले 450 कॉलेज हैं। इनमें से 225 कॉलेजों को 2019-20 के लिए ही मान्यता दी थी। इनमें उस वक्त बीएड पाठ्यक्रम के संचालन के लिए आवश्यक मानक नहीं थे, इनको पूरा करने का कार्य चल रहा था। 
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लेकिन 2020-21 सत्र के लिए इनका भौतिक सत्यापन कराया, तो पाया कि अभी मानक पूरे नहीं किए हैं। इनको कई बार आगाह भी किया, लेकिन मानक पूरा करने में कोताही बरती। अब नए सत्र के लिए बीएड की प्रवेश परीक्षा हो चुकी है और काउंसलिंग भी जल्द होगी। 
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ऐसे में इन कॉलेजों के संचालकों को नोटिस भेजा है, जिसमें 30 अगस्त तक आवश्यक सभी मानक पूरे करने को कहा गया है। ऐसा नहीं होने पर आगामी बीएड काउंसिलिंग में इन कॉलेजों को शामिल नहीं किया जाएगा। 

शिक्षकों के नाम और वेतन की भी मांगी जानकारी
इन कॉलेजों में सबसे ज्यादा शिक्षकों की कमी है। इसमें कागजी तौर पर शिक्षकों के नाम दर्शा दिए जाते हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय ने कॉलेज में बीएड पढ़ाने वाले शिक्षकों के नाम, उनका बैंक खाता और वेतन बैंक खाते में दिए जाने एक सत्र का विवरण मांगा है। ऐसा न करने पर इन कॉलेजों की मान्यता समाप्त कर दी जाएगी।

इन मानकों में मिली है कमी
- पाठ्यक्रम के अनुसार 30 % शिक्षकों की कमी
- प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए प्रयोगशाला 
- पुस्तकालय में आवश्यक पुस्तकों की कमी
- बीएड कोर्स के लिए आवश्यक कक्ष

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