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बीएड-2005 के 2824 अंकपत्र निकले फर्जी, हाईकोर्ट में सूची पेश करेगा विश्वविद्यालय
Sat, 08 Feb 2020 12:52 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 08 Feb 2020 12:52 AM IST
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
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आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) की ओर से उपलब्ध कराई गई सूची के आधार पर 2824 अभ्यर्थियों के अंकपत्रों को फर्जी माना है। इनकी सूची हाईकोर्ट में प्रस्तुत की जाएगी और एसआईटी को भी भेजा जाएगा। शुक्रवार को विश्वविद्यालय के अतिथि गृह में कुलपति डॉ. अरविंद कुमार दीक्षित की अध्यक्षता में हुई कार्य परिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
एसआईटी की संशोधित सूची में 4766 अभ्यर्थियों के नाम शामिल थे। इनको तीन श्रेणी में रखा गया है। 3637 अभ्यर्थियों को फर्जी, 1084 को टेंपर्ड (छेड़छाड़) और 45 को एक रोल नंबर पर एक से अधिक अभ्यर्थियों की सूची में रखा गया है।
हाईकोर्ट के आदेश पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी फर्जी श्रेणी में शामिल 3637 अभ्यर्थियों पर निर्णय लिया है। इस श्रेणी में 813 अभ्यर्थियों ने रजिस्टर्ड डाक, स्पीड पोस्ट के माध्यम से व कुलसचिव कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से प्रत्यावेदन दिया। जिन 2824 ने प्रत्यावेदन नहीं दिया है, उनको फर्जी मान लिया गया।
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एसआईटी की संशोधित सूची में 4766 अभ्यर्थियों के नाम शामिल थे। इनको तीन श्रेणी में रखा गया है। 3637 अभ्यर्थियों को फर्जी, 1084 को टेंपर्ड (छेड़छाड़) और 45 को एक रोल नंबर पर एक से अधिक अभ्यर्थियों की सूची में रखा गया है।
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हाईकोर्ट के आदेश पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी फर्जी श्रेणी में शामिल 3637 अभ्यर्थियों पर निर्णय लिया है। इस श्रेणी में 813 अभ्यर्थियों ने रजिस्टर्ड डाक, स्पीड पोस्ट के माध्यम से व कुलसचिव कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से प्रत्यावेदन दिया। जिन 2824 ने प्रत्यावेदन नहीं दिया है, उनको फर्जी मान लिया गया।
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विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक व प्रभारी कुलसचिव डॉ. राजीव कुमार के मुताबिक एसआईटी की सूची 28 दिसंबर 2019 को विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर सार्वजनिक करके समाचारपत्रों में विज्ञापन दिया गया था। हाईकोर्ट ने भी माना कि अभ्यर्थियों को पर्याप्त अवसर दे दिया। हाईकोर्ट के आदेश पर फर्जी अभ्यर्थियों पर निर्णय लिया गया है। जिन 813 अभ्यर्थियों ने प्रत्यावेदन दिए हैं, उनको स्कैन कराकर एसआईटी को भेजा जाएगा।
795 अभ्यर्थियों ने महत्वपूर्ण जानकारी नहीं दी
विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऑनलाइन प्रत्यावेदन 12 जनवरी तक और ऑफलाइन छह फरवरी तक लिए गए। 813 में से 795 अभ्यर्थियों ने मांगी गई महत्वपूर्ण सूचनाएं विश्वविद्यालय को उपलब्ध नहीं कराई हैं। महज 18 अभ्यर्थियों ने महत्वपूर्ण सूचनाएं दी हैं।
21 दिन के अंदर प्रत्यावेदन देने वालों पर निर्णय
कुलपति डॉ. अरविंद कुमार दीक्षित ने कहा कि प्रत्यावेदन देने वाले अभ्यर्थियों की रिपोर्ट एसआईटी को देखने के लिए भेजी जा रही है। उसने ही मामले की जांच की है। 21 दिन के अंदर प्रत्यावेदन देने वाले अभ्यर्थियों पर भी निर्णय ले लिया जाएगा। टेंपर्ड और एक रोल नंबर पर एक अधिक अभ्यर्थियों के मामले में भी जल्द निर्णय लिया जाएगा। इनको डाक से नोटिस भेजा जाएगा। एक-एक अभ्यर्थी को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा।
795 अभ्यर्थियों ने महत्वपूर्ण जानकारी नहीं दी
विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऑनलाइन प्रत्यावेदन 12 जनवरी तक और ऑफलाइन छह फरवरी तक लिए गए। 813 में से 795 अभ्यर्थियों ने मांगी गई महत्वपूर्ण सूचनाएं विश्वविद्यालय को उपलब्ध नहीं कराई हैं। महज 18 अभ्यर्थियों ने महत्वपूर्ण सूचनाएं दी हैं।
21 दिन के अंदर प्रत्यावेदन देने वालों पर निर्णय
कुलपति डॉ. अरविंद कुमार दीक्षित ने कहा कि प्रत्यावेदन देने वाले अभ्यर्थियों की रिपोर्ट एसआईटी को देखने के लिए भेजी जा रही है। उसने ही मामले की जांच की है। 21 दिन के अंदर प्रत्यावेदन देने वाले अभ्यर्थियों पर भी निर्णय ले लिया जाएगा। टेंपर्ड और एक रोल नंबर पर एक अधिक अभ्यर्थियों के मामले में भी जल्द निर्णय लिया जाएगा। इनको डाक से नोटिस भेजा जाएगा। एक-एक अभ्यर्थी को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा।
एक नजर आंकड़ों पर
4766 अभ्यर्थी एसआईटी की संशोधित सूची में थे।
3637 को फर्जी अभ्यर्थियों की सूची में रखा गया।
1084 अभ्यर्थी टेंपर्ड सूची में शामिल हैं।
45 को एक रोल नंबर पर एक से अधिक अभ्यर्थियों की सूची में रखा गया है।
813 अभ्यर्थियों (फर्जी श्रेणी के) ने प्रत्यावेदन दिए हैं।
2824 ने प्रत्यावेदन नहीं दिया, फर्जी माना गया।
3637 को फर्जी अभ्यर्थियों की सूची में रखा गया।
1084 अभ्यर्थी टेंपर्ड सूची में शामिल हैं।
45 को एक रोल नंबर पर एक से अधिक अभ्यर्थियों की सूची में रखा गया है।
813 अभ्यर्थियों (फर्जी श्रेणी के) ने प्रत्यावेदन दिए हैं।
2824 ने प्रत्यावेदन नहीं दिया, फर्जी माना गया।