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छह साल की बिटिया के लिए दो मांओं में 'ममता' की लड़ाई, न्यायालय में पहुंचा मामला
Mon, 07 Oct 2019 01:09 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 07 Oct 2019 01:09 PM IST
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वैष्णवी को गोद में लिए बैठीं मां वंदना चौहान
- फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी में तीन माह पूर्व एक बच्ची को गोद देने के बाद वापस लेने का मामला अब बाल न्यायालय तक पहुंच गया है। पुलिस को पांच दिन में दोनों पक्ष को न्यायालय में लाने का आदेश दिया गया है। यह आदेश पीड़ित दंपती की ओर से शिकायत देने के बाद दिया गया है।
भोगांव तहसील के कुसुमा खेड़ा निवासी प्रदीप चौहान और उनकी पत्नी वंदना चौहारन वर्तमान में दिल्ली के कुंदन नगर में रहते हैं। संतान न होने के कारण उन्होंने थाना क्षेत्र के गांव खिदरपुर निवासी संजय सिंह की छह वर्षीय पुत्री दीया उर्फ वैष्णवी को 21 मई 2019 को गोद लिया था।
निबंधन कार्यालय में इसका गोदनामा भी कराया गया था। दंपती 16 सितंबर को वैष्णवी को लेकर दिल्ली से गांव खिदरपुर लेकर आए थे। यहां पहुंचने के बाद संजय व पत्नी अनुपम ने बच्ची को अपने पास रखा। जब प्रदीप वापस लेने पहुंचे तो साफ मना कर दिया।
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भोगांव तहसील के कुसुमा खेड़ा निवासी प्रदीप चौहान और उनकी पत्नी वंदना चौहारन वर्तमान में दिल्ली के कुंदन नगर में रहते हैं। संतान न होने के कारण उन्होंने थाना क्षेत्र के गांव खिदरपुर निवासी संजय सिंह की छह वर्षीय पुत्री दीया उर्फ वैष्णवी को 21 मई 2019 को गोद लिया था।
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निबंधन कार्यालय में इसका गोदनामा भी कराया गया था। दंपती 16 सितंबर को वैष्णवी को लेकर दिल्ली से गांव खिदरपुर लेकर आए थे। यहां पहुंचने के बाद संजय व पत्नी अनुपम ने बच्ची को अपने पास रखा। जब प्रदीप वापस लेने पहुंचे तो साफ मना कर दिया।
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दंपती ने लगाया यह आरोप
गोद लेने वाले दंपती ने 10 लाख रुपये मांगे जाने का आरोप लगाया। पुलिस से शिकायत की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका। इसके बाद पीड़ित बाल कल्याण समिति/न्यायालय पहुंचे। न्यायालय ने इंस्पेक्टर पीआर शर्मा को पांच दिन में दोनों पक्ष को न्यायालय में लाए जाने के आदेश दिए हैं।
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