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Agra News: चिराग तले अंधेरा... जनसुनवाई से 45% फरियादी निराश, 16 स्थान गिरी डीएम की रैंकिंग

Fri, 14 Aug 2026 02:39 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 14 Aug 2026 02:39 AM IST
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Darkness beneath the lamp... 45% of complainants disappointed with public hearings; DM's ranking drops by 16 places.
आगरा। जिलाधिकारी यानी डीएम जिले के मुखिया होते हैं और जनता सबसे ज्यादा न्याय की उम्मीद उन्हीं से करती है। मगर यहां जन शिकायतों के निस्तारण की स्थिति चिराग तले अंधेरा जैसी है। ये हम नहीं, जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर आई शिकायतों के निस्तारण की मूल्यांकन रिपोर्ट कह रही है। पिछले माह की तुलना में इस माह डीएम की रैंकिंग 16 स्थान गिरी है।
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प्रदेश के 75 जिलों में आगरा को 59वीं रैंक मिली है, यहां 45 प्रतिशत फरियादी निस्तारण से नाखुश हैं। 10 अगस्त को आई जुलाई 2026 की जनसुनवाई मूल्यांकन रिपोर्ट के अनुसार, डीएम आगरा को कुल 130 अंकों में से 105 अंक (80.77 प्रतिशत) मिले हैं। रैंकिंग प्रभावित होने का मुख्य कारण निस्तारण की गुणवत्ता पर फरियादियों का असंतोष और मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली खराब ग्रेडिंग को माना जा रहा है।
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रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई माह में कुल 5,787 आवेदकों से शासन स्तर से फीडबैक लिया गया। इनमें से मात्र 3133 (54.14 प्रतिशत) शिकायतकर्ता ही निस्तारण से संतुष्ट पाए गए। वहीं, 2,654 आवेदकों (लगभग 45 प्रतिशत) निस्तारण से निराश थे।
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इसके अलावा, मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से सत्यापन किया तो 33 शिकायतों में से 5 को खराब गुणवत्ता का मानते हुए सी श्रेणी में डाल दिया गया। इस मानक पर जिले को मात्र 6 अंक ही मिले। वहीं, अन्य उच्चाधिकारियों की ओर से श्रेणीकृत 49 शिकायतों में से 1 मामले को सी श्रेणी में रखा गया।


कागजों में इन मोर्चों पर स्थिति बेहतर

शिकायतों की फीडिंग : डीएम कार्यालय में शिकायतों की फीडिंग का लक्ष्य 654 था, जिसके सापेक्ष 1215 (185.78 प्रतिशत) शिकायतें फीड की गईं। इसके लिए पूरे 10 अंक मिले हैं।

रैंडम श्रेणीकरण : अधीनस्थों के रैंडम श्रेणीकरण के 30 के लक्ष्य के मुकाबले 36 (120 प्रतिशत) मामले जांचे गए।

आवेदकों से संपर्क : 5,787 फीडबैक मामलों में से निस्तारणकर्ता अधिकारियों ने 4,730 आवेदकों (81.73 प्रतिशत) से स्वयं संपर्क किया।

डिफाल्टर मामले : जिले में डिफाल्टर संदर्भ यानी समय बीतने के बाद निस्तारण की संख्या 149 (1.12 प्रतिशत) रही।

त्वरित अग्रसारण : शिकायतों की मार्किंग और अग्रसारण में औसत मात्र 0.25 दिन का समय लगा, जो कार्य की तेजी को दर्शाता है।

भौतिक सत्यापन : भौतिक सत्यापन के 40 के मासिक लक्ष्य के सापेक्ष 41 संदर्भों (102.50 प्रतिशत) का सत्यापन किया गया।
वर्जन:


जल्द दिखेगा सुधार
- जन शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की जाएगी। जल्द सुधार दिखेगा। लापरवाही पर संबंधित अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होंगे। - मनीष बंसल, जिलाधिकारी
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