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चार महीने भी नहीं चल पाया 133 करोड़ का साइकिल ट्रैक
चार महीने भी नहीं चल पाया 133 करोड़ का साइकिल ट्रैक
Updated Sat, 25 Mar 2017 12:50 AM IST
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cycle track
- फोटो : अमर उजाला
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सपा सरकार के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट रहा साइकिल ट्रैक तैयार तो 133 करोड़ में हुआ लेकिन चल नहीं पाया चार महीने भी। माल रोड पर ट्रैक धंस गया है। साइड के पिलर टूट गए हैं। साइनेज बोर्ड चोरी कर लिए गए हैं। जगह जगह से ट्रैक टूट चुका है। कई जगह इस पर कूड़े के ढेर लग गए हैं। एक जगह बिजली का खंभा गिरा पड़ा है। कोई देखने वाला भी नहीं है अब इसे। साइड के पत्थर उखड़कर सड़क पर बिखरे पड़े हैं।
हालत यह हो गई है कि साइकिल तो दूर इस पर पैदल तक नहीं निकला जा सकता है। तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को खुश करने के लिए गुणवत्ता के मानकों को दरकिनार करते हुए इस प्रोजेक्ट पर लोक निर्माण विभाग ने करोड़ों रुपये ठिकाने लगा दिए। माल रोड पर कई जगह तो ट्रैक पूरा ही नहीं किया गया है।
प्रदेश से सपा सरकार के जाने केबाद अधिकारी इस पर झांकने भी नहीं आए। सफाई भी नहीं कराई जा रही है। कब्जे शुरू हो चुके हैं। कुल मिलाकर साफ लग रहा है कि यह पैसे की बर्बादी के सिवाय कुछ नहीं रहा। इसका कोई उपयोग नहीं हो रहा है।
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साइकिल चलाने लायक तो यह पहले ही नहीं था। जगह जगह पेड़ और बिजली के खंभे बीच में खड़े हैं। अधिकारियों ने उस समय सब कुछ देखकर भी अनदेखा किया। यही हाल साइकिल हाईवे का भी हो गया है। इस पर भी दरारें पड़ गई हैं। उपले पाथे जा रहे हैं। भैंस बंाधी जा रही हैं।
--। जांच में फंसेगी पीडब्लूडी के अफसरों की गर्दन
आगरा। उपमुख्यमंत्री व लोक निर्माण विभाग मंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सभी जिलाधिकारियों से पीडब्ल्यूडी द्वारा सपा सरकार में किए गए सड़क निर्माण के बारे में वर्तमान स्थिति तलब की है। उन्होंने प्रोजेक्ट की लागत, उसकी गुणवत्ता और वर्तमान दशा की रिपोर्ट 28 मार्च तक भेजने को कहा है। साथ ही यदि किसी स्तर पर चूक हुई है तो संबंधित के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है, इसका भी जवाब तलब किया है।
इस पर डीएम गौरव दयाल ने पीडब्ल्यूडी से सड़कों के निर्माण की सूची मांगी है। इसका वह अपने स्तर से सत्यापन कराएंगे। बता दें कि इनमें सबसे बड़ा प्रोजेक्ट आगरा-इटावा साइकिल ट्रैक था। सूत्रों की मानें तो प्रशासन ने अपने स्तर से इसकी पड़ताल शुरू करा दी है। इसको लेकर विभाग के अधिकारी कार्रवाई के घेरे में आ सकते हैं। क्योंकि मुख्य साइकिल ट्रैक जगह-जगह से चटक गया है। इस पर ग्रामीणों ने अतिक्रमण कर लिया है। वर्तमान में इसका कोई उपयोग नहीं हो पा रहा है। शहर में मॉल रोड पर लगभग दो किमी लंबा साइकिल ट्रैक भी कूड़ाघर बना हुआ है। इसके पत्थर उखड़ गए हैं। कई जगह से धंस गया है। इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
ताजगंज प्रोजेक्ट पर भी निगाह
अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक ताजगंज प्रोजेक्ट पर भी योगी सरकार की निगाह टेढ़ी हो सकती है। बताया जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट की लागत को लेकर शासन स्तर पर हलचल मची हुई है। बता दें कि लगभग 197 करोड़ रुपये की लागत से ताजमहल के आसपास के क्षेत्र को विकसित किया गया है। इतनी लागत से यहां सिर्फ सड़क पर कोबल स्टोन के अलावा बेंच और लाइटें लगाई गई हैं। इसको लेकर योगी सरकार में किसी भी दिन इस प्रोजेक्ट की फाइल खुलने की उम्मीद है।
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हालत यह हो गई है कि साइकिल तो दूर इस पर पैदल तक नहीं निकला जा सकता है। तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को खुश करने के लिए गुणवत्ता के मानकों को दरकिनार करते हुए इस प्रोजेक्ट पर लोक निर्माण विभाग ने करोड़ों रुपये ठिकाने लगा दिए। माल रोड पर कई जगह तो ट्रैक पूरा ही नहीं किया गया है।
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प्रदेश से सपा सरकार के जाने केबाद अधिकारी इस पर झांकने भी नहीं आए। सफाई भी नहीं कराई जा रही है। कब्जे शुरू हो चुके हैं। कुल मिलाकर साफ लग रहा है कि यह पैसे की बर्बादी के सिवाय कुछ नहीं रहा। इसका कोई उपयोग नहीं हो रहा है।
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साइकिल चलाने लायक तो यह पहले ही नहीं था। जगह जगह पेड़ और बिजली के खंभे बीच में खड़े हैं। अधिकारियों ने उस समय सब कुछ देखकर भी अनदेखा किया। यही हाल साइकिल हाईवे का भी हो गया है। इस पर भी दरारें पड़ गई हैं। उपले पाथे जा रहे हैं। भैंस बंाधी जा रही हैं।
--। जांच में फंसेगी पीडब्लूडी के अफसरों की गर्दन
आगरा। उपमुख्यमंत्री व लोक निर्माण विभाग मंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सभी जिलाधिकारियों से पीडब्ल्यूडी द्वारा सपा सरकार में किए गए सड़क निर्माण के बारे में वर्तमान स्थिति तलब की है। उन्होंने प्रोजेक्ट की लागत, उसकी गुणवत्ता और वर्तमान दशा की रिपोर्ट 28 मार्च तक भेजने को कहा है। साथ ही यदि किसी स्तर पर चूक हुई है तो संबंधित के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है, इसका भी जवाब तलब किया है।
इस पर डीएम गौरव दयाल ने पीडब्ल्यूडी से सड़कों के निर्माण की सूची मांगी है। इसका वह अपने स्तर से सत्यापन कराएंगे। बता दें कि इनमें सबसे बड़ा प्रोजेक्ट आगरा-इटावा साइकिल ट्रैक था। सूत्रों की मानें तो प्रशासन ने अपने स्तर से इसकी पड़ताल शुरू करा दी है। इसको लेकर विभाग के अधिकारी कार्रवाई के घेरे में आ सकते हैं। क्योंकि मुख्य साइकिल ट्रैक जगह-जगह से चटक गया है। इस पर ग्रामीणों ने अतिक्रमण कर लिया है। वर्तमान में इसका कोई उपयोग नहीं हो पा रहा है। शहर में मॉल रोड पर लगभग दो किमी लंबा साइकिल ट्रैक भी कूड़ाघर बना हुआ है। इसके पत्थर उखड़ गए हैं। कई जगह से धंस गया है। इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
ताजगंज प्रोजेक्ट पर भी निगाह
अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक ताजगंज प्रोजेक्ट पर भी योगी सरकार की निगाह टेढ़ी हो सकती है। बताया जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट की लागत को लेकर शासन स्तर पर हलचल मची हुई है। बता दें कि लगभग 197 करोड़ रुपये की लागत से ताजमहल के आसपास के क्षेत्र को विकसित किया गया है। इतनी लागत से यहां सिर्फ सड़क पर कोबल स्टोन के अलावा बेंच और लाइटें लगाई गई हैं। इसको लेकर योगी सरकार में किसी भी दिन इस प्रोजेक्ट की फाइल खुलने की उम्मीद है।