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साइबर क्राइम: रिश्तेदार बन पीएसी कर्मी के मोबाइल पर भेजा लिंक, क्लिक करते ही एक लाख साफ
Wed, 29 Apr 2020 12:22 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Wed, 29 Apr 2020 12:22 AM IST
सार
- शातिर ने लॉकडाउन में फंसे होने की बात कहकर झांसे में लिया
- फोन पे पर भेजा था लिंक, दो बार में ट्रांसफर की रकम
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साइबर क्राइम
विस्तार
लॉकडाउन में साइबर अपराधी लगातार लोगों के खातों में सेंध लगा रहे हैं। आगरा में इस बार पीएसी के कर्मचारी के साथ धोखाधड़ी की गई। रिश्तेदार बनकर कॉल किया गया। शातिर ने रकम भेजने के नाम पर एक लिंक फोनपे पर भेजा। इसके बाद एक लाख रुपये खाते से ट्रांसफर कर लिए। मामले की शिकायत साइबर सेल में की गई है।
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15वीं बटालियन पीएसी में तैनात कर्मचारी के मोबाइल पर एक सप्ताह पहले एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा कि मैं आपके गांव का रिश्तेदार बोल रहा हूं। मैं एक जगह फंस गया हूं। किसी से रुपये मंगाने हैं। मैं फोनपे नहीं चलाता हूं। अगर, आप फोनपे चलाते हो तो आपके नंबर पर एक लाख रुपये मंगा लूंगा। इसके बाद आपसे ले लूंगा।
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फोनपे पर भेजा था लिंक
कर्मचारी उसकी बातों में आ गया। उसने फोनपे का नंबर दे दिया। इसके बाद उनके फोनपे पर एक लिंक आया। उसने लिंक पर क्लिक करने के लिए बोल दिया। इस पर कर्मचारी ने क्लिक कर दिया। उनके खाते से 50 हजार रुपये निकल गए।
जब उन्होंने इस बारे में फोन करने वाले से कहा तो वो रुपये वापस करवाने की कहने लगा। एक बार फिर से लिंक भेज दिया। पीएसी कर्मचारी के दोबारा लिंक पर क्लिक करते ही खाते से 50 हजार रुपये और निकल गए। इसके बाद फोन कट गया। पीएसी कर्मी ने साइबर सेल में शिकायत की।
साइबर सेल ने जांच की। इसमें पता चला कि रकम भरतपुर के कामा इलाके में एक फोनपे एकाउंट में ट्रांसफर हुई है। इसके बाद खाते में डाल ली गई। पुलिस को शक है कि भरतपुर में सक्रिय मेव गैंग भी साइबर अपराधियों का गैंग चला रहा है। इसी गैंग ने वारदात की है।
जब उन्होंने इस बारे में फोन करने वाले से कहा तो वो रुपये वापस करवाने की कहने लगा। एक बार फिर से लिंक भेज दिया। पीएसी कर्मचारी के दोबारा लिंक पर क्लिक करते ही खाते से 50 हजार रुपये और निकल गए। इसके बाद फोन कट गया। पीएसी कर्मी ने साइबर सेल में शिकायत की।
साइबर सेल ने जांच की। इसमें पता चला कि रकम भरतपुर के कामा इलाके में एक फोनपे एकाउंट में ट्रांसफर हुई है। इसके बाद खाते में डाल ली गई। पुलिस को शक है कि भरतपुर में सक्रिय मेव गैंग भी साइबर अपराधियों का गैंग चला रहा है। इसी गैंग ने वारदात की है।
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यह बरतनी चाहिए सावधानी
साइबर सेल के एक्सपर्ट के मुताबिक, साइबर अपराधी रिश्तेदार और परिचित बनकर कॉल करते हैं। खाते और ई वालेट में रकम भेजने की बात करते हैं। इसके बाद ई वालेट में रकम भेजने के बजाय रकम ट्रांसफर करने का लिंक भेजा जाता है। लोग लिंक को पूरा नहीं पढ़ते हैं।
ऐसे में ध्यान रखें कि मोबाइल पर रिश्तेदार का कॉल आ रहा है तो नंबर की जांच कर लें। अपने रिश्तेदार का नंबर मोबाइल फीड होता है। इसलिए उस नंबर पर कॉल करके पता कर लें। लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए। अनजान नंबर से आने वाले कॉल पर कभी विश्वास नहीं करें।
ऐसे में ध्यान रखें कि मोबाइल पर रिश्तेदार का कॉल आ रहा है तो नंबर की जांच कर लें। अपने रिश्तेदार का नंबर मोबाइल फीड होता है। इसलिए उस नंबर पर कॉल करके पता कर लें। लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए। अनजान नंबर से आने वाले कॉल पर कभी विश्वास नहीं करें।