{"_id":"5e7cdf068ebc3e768972faef","slug":"cyber-criminals-send-links-in-lockdown-empty-bank-account","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने से पहले रहे सजग, लॉकडाउन में सक्रिय हुए साइबर अपराधी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने से पहले रहे सजग, लॉकडाउन में सक्रिय हुए साइबर अपराधी
Fri, 27 Mar 2020 12:07 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 27 Mar 2020 12:07 AM IST
सार
पीड़िता ने साइबर क्राइम थाने में की शिकायत, पुलिस कर रही जांच
विज्ञापन
Cyber Crime
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
लॉकडाउन में भी साइबर अपराधी लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। एमए की छात्रा गुंजन वर्मा के दो खातों में साइबर अपराधियों ने सेंध लगा ली। इसके बाद खातों से 1.58 लाख रुपये निकाल लिए। पीड़ित छात्रा ने बृहस्पतिवार को साइबर क्राइम थाने में शिकायत की। पुलिस मामले की शिकायत कर रही है।
लोहामंडी निवासी योगेश वर्मा कंस्ट्रक्शन कंपनी में सुपरवाइजर हैं। उनकी बेटी गुंजन वर्मा एमए फाइनल की छात्रा है। वह प्राइवेट जॉब भी करती थी। फिलहाल जॉब छोड़ दी है।
उनका खाता भारतीय स्टेट बैंक और एचडीएफसी बैंक में है। दोनों खाते फोन पे पर यूपीआई से लिंक हैं। गुंजन ने बताया कि बुधवार शाम को उसके मोबाइल पर कई संदेश आए। इनमें खातों से रकम निकलने की जानकारी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
लोहामंडी निवासी योगेश वर्मा कंस्ट्रक्शन कंपनी में सुपरवाइजर हैं। उनकी बेटी गुंजन वर्मा एमए फाइनल की छात्रा है। वह प्राइवेट जॉब भी करती थी। फिलहाल जॉब छोड़ दी है।
विज्ञापन
उनका खाता भारतीय स्टेट बैंक और एचडीएफसी बैंक में है। दोनों खाते फोन पे पर यूपीआई से लिंक हैं। गुंजन ने बताया कि बुधवार शाम को उसके मोबाइल पर कई संदेश आए। इनमें खातों से रकम निकलने की जानकारी थी।
विज्ञापन
यह देखकर उन्होंने अपने खाते ब्लाक करा दिए। इसके बाद भी संदेश आते रहे। बाद में खाते का बैलेंस चेक किया। एसबीआई के खाते से 1.25 लाख रुपये और एचडीएफसी बैंक के खाते से 33 हजार रुपये निकल गए।
पीड़िता बृहस्पतिवार को परिजनों के साथ थाना हरीपर्वत पहुंची। यहां से उसे साइबर क्राइम थाना भेजा गया। जहां तहरीर ले ली गई। गुंजन के खातों से होने वाले ट्रांजेक्शन पर रोक लगा दी गई है।
टिकटॉक आईडी बंद होने पर कस्टमर केयर पर किया था कॉल
गुंजन के मुताबिक, उसकी टिकटॉक आईडी है। यह बंद हो गई थी। कुछ दिन पहले गूगल से टिकटॉक का कस्टमर केयर नंबर पता किया था। कॉल करने पर एक व्यक्ति ने बात की। उसने कहा कि एक दिन में आईडी चालू हो जाएगी। मगर, ऐसा नहीं हआ। इस पर उसने दोबारा कॉल कर दिया।
इस पर काल रिसीव करने वाले ने ईमेल पर एक मेल भेजा। इसमें टिकटॉक की समस्या दूर होने और नहीं होने के बारे में क्लिक करना था। गुंजन ने नो पर क्लिक कर दिया। आशंका है कि गुंजन के मोबाइल को लिंक से ही हैक करके फोन पे के खाते की जानकारी लेकर रकम निकाली गई है।
पीड़िता बृहस्पतिवार को परिजनों के साथ थाना हरीपर्वत पहुंची। यहां से उसे साइबर क्राइम थाना भेजा गया। जहां तहरीर ले ली गई। गुंजन के खातों से होने वाले ट्रांजेक्शन पर रोक लगा दी गई है।
टिकटॉक आईडी बंद होने पर कस्टमर केयर पर किया था कॉल
गुंजन के मुताबिक, उसकी टिकटॉक आईडी है। यह बंद हो गई थी। कुछ दिन पहले गूगल से टिकटॉक का कस्टमर केयर नंबर पता किया था। कॉल करने पर एक व्यक्ति ने बात की। उसने कहा कि एक दिन में आईडी चालू हो जाएगी। मगर, ऐसा नहीं हआ। इस पर उसने दोबारा कॉल कर दिया।
इस पर काल रिसीव करने वाले ने ईमेल पर एक मेल भेजा। इसमें टिकटॉक की समस्या दूर होने और नहीं होने के बारे में क्लिक करना था। गुंजन ने नो पर क्लिक कर दिया। आशंका है कि गुंजन के मोबाइल को लिंक से ही हैक करके फोन पे के खाते की जानकारी लेकर रकम निकाली गई है।
कोरोना को लेकर गलत वेबसाइट से रहें सावधान
कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर चल रहे लॉकडाउन के बीच गलत वेबसाइट भी शुरू हो गई हैं। दिल्ली पुलिस ने ऐसी सात वेबसाइट चिह्नित की है। इन वेबसाइट को खोलने से मना किया जा रहा है। यूपी पुलिस को भी जानकारी भेजी गई है।
कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर चल रहे लॉकडाउन के बीच गलत वेबसाइट भी शुरू हो गई हैं। दिल्ली पुलिस ने ऐसी सात वेबसाइट चिह्नित की है। इन वेबसाइट को खोलने से मना किया जा रहा है। यूपी पुलिस को भी जानकारी भेजी गई है।