{"_id":"5eaa9a218ebc3e902a3e04b6","slug":"cyber-crime-fraud-to-get-benefit-of-pm-awas-yojana-withdraw-money","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"साइबर अपराधियों से सावधान रहें! योजनाओं का लालच देकर करा रहे क्यूआर कोड स्कैन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साइबर अपराधियों से सावधान रहें! योजनाओं का लालच देकर करा रहे क्यूआर कोड स्कैन
Thu, 30 Apr 2020 02:58 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 30 Apr 2020 02:58 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
साइबर अपराधियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएम आवास योजना) का लाभ दिलाने के नाम पर एक व्यक्ति से जानकारी हासिल कर उसके दो परिचितों को ठग लिया। क्यूआर कोड स्कैन कराकर और पेटीएम का ओटीपी जानकर उनके खातों से 27 हजार रुपए निकाल लिए। पीड़ित ने साइबर सेल में शिकायत की है।
औरैया निवासी अमर सिंह आगरा में नौकरी करते हैं। उन्होंने पीएम आवास योजना में ऋण लेने के लिए आवेदन किया था। सोमवार को अमर सिंह के पास कॉल करने वाले ने खुद को लेखपाल बताया। कहा कि योजना के तहत किस्त भेजी जा रही है। किस्त लेने के लिए ई-वॉलेट की जानकारी देनी होगी।
अमर सिंह ई-वॉलेट नहीं चलाते थे। उन्होंने अपने परिचित शाहगंज निवासी प्रवीन शर्मा का नंबर दे दिया। उन्हें फोन करके लेखपाल का फोन आने के बारे में बता दिया। साइबर अपराधी ने प्रवीन शर्मा के मोबाइल पर क्यूआर कोड भेजा। कहा कि इसे गूगल पे से स्कैन करते ही 12 हजार रुपए आ जाएंगे। उन्होंने ऐसा ही किया, लेकिन खाते में रकम आने के बजाय कट गई। मगर, साइबर अपराधी ने उन्हें बातों में फंसाए रखा।
विज्ञापन
विज्ञापन
औरैया निवासी अमर सिंह आगरा में नौकरी करते हैं। उन्होंने पीएम आवास योजना में ऋण लेने के लिए आवेदन किया था। सोमवार को अमर सिंह के पास कॉल करने वाले ने खुद को लेखपाल बताया। कहा कि योजना के तहत किस्त भेजी जा रही है। किस्त लेने के लिए ई-वॉलेट की जानकारी देनी होगी।
विज्ञापन
अमर सिंह ई-वॉलेट नहीं चलाते थे। उन्होंने अपने परिचित शाहगंज निवासी प्रवीन शर्मा का नंबर दे दिया। उन्हें फोन करके लेखपाल का फोन आने के बारे में बता दिया। साइबर अपराधी ने प्रवीन शर्मा के मोबाइल पर क्यूआर कोड भेजा। कहा कि इसे गूगल पे से स्कैन करते ही 12 हजार रुपए आ जाएंगे। उन्होंने ऐसा ही किया, लेकिन खाते में रकम आने के बजाय कट गई। मगर, साइबर अपराधी ने उन्हें बातों में फंसाए रखा।
विज्ञापन
उनसे उनके परिचित के बेटे कौशल कौशिक का नंबर पूछ लिया। शातिर ने कौशल के नंबर पर भी क्यूआर कोड स्कैन कराकर खाते से 10 हजार रुपए निकाल लिए। बाद में बहाना बनाया कि रकम नहीं पहुंच रही है। इस पर कौशल से पेटीएम का ओटीपी पूछ लिया। पेटीएम से भी पांच हजार रुपए ट्रांसफर कर लिए। पीड़ित कौशल कौशिक ने साइबर सेल में शिकायत की है।