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राजामंडी स्टेशन का जानलेवा घुमाव: इस तरह हुई ट्रेन से कटकर प्रख्यात चिकित्सक की मौत, पहले भी हुए कई हादसे
Mon, 06 Nov 2023 09:59 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
धर्मेंद्र यादव, आगरा
धर्मेंद्र यादव, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 06 Nov 2023 09:59 AM IST
सार
राजा की मंडी रेलवे स्टेशन पर बीते दिन प्रख्यात चिकित्सक की ट्रेन से उतरते समय गिरने से मौत हो गई। ये कोई पहला हादसा नहीं है। इस स्टेशन का घुमाव यहां हादसों को दावत दे रहा है।
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इस तरह हुई ट्रेन से कटकर प्रख्यात चिकित्सक की मौत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के राजा की मंडी रेलवे स्टेशन का घुमाव जानलेवा है। प्रख्यात चिकित्सक डॉ. लाखन सिंह गालव की मौत का जो वीडियो सामने आया वो भयाभव है। चलती गाड़ी से डॉक्टर उतरे, तब ट्रेन उस घुमाव को पार कर रही थी। यहीं पर हादसा हुआ और चिकित्सक की जान चली गई। बता दें प्लेटफॉर्म नंबर एक और प्लेटफॉर्म नंबर दो पर घुमाव बहुत ज्यादा है। इससे प्लेटफॉर्म और पटरियों के बीच का गैप बना रहता है। इस गैप के कारण आए दिन स्टेशन पर हादसे होते हैं। एक माह में चार-पांच हादसे यहां हो जाते हैं। रेलवे इन कर्व को दूर करने के लिए कई बार सर्वे करा चुका है मगर धर्मस्थल की वजह से कर्व को दूर करना संभव नहीं हो रहा है।
राजा की मंडी स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक और दो से ही दिल्ली की गाड़ियों का संचालन किया जाता है। दोनों प्लेटफॉर्म की लंबाई भी कम है। यही कारण है कि कई बार पिछले हिस्से के साधारण कोच में सफर करने के लिए यात्रियों को पटरियों पर उतरकर ट्रेन पकड़नी होती है।
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राजा की मंडी स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक और दो से ही दिल्ली की गाड़ियों का संचालन किया जाता है। दोनों प्लेटफॉर्म की लंबाई भी कम है। यही कारण है कि कई बार पिछले हिस्से के साधारण कोच में सफर करने के लिए यात्रियों को पटरियों पर उतरकर ट्रेन पकड़नी होती है।
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इस स्टेशन पर दूसरी सबसे बड़ी समस्या प्लेटफॉर्म नंबर दो (दिल्ली गेट साइड) के मुख्य द्वार से लेकर एसएस कार्यालय तक के बीच घुमावदार ट्रैक है। यह कर्व जानलेवा है। इसी तरह प्लेटफार्म नंबर एक (न्यू राजामंडी गेट) पर बने प्लेटफॉर्म पर भी खासा घुमाव है। दोनों ही ओर प्लेटफार्म और पटरियों के बीच गैप को दूर करने के लिए रेलवे के अधिकारी सर्वे करा चुके हैं। लेकिन आसपास के निर्माणों को शिफ्ट किए बिना इन कर्व को दूर करना संभव नहीं है।
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जीआरपी के अधिकारियों की मानें तो यहां हर माह चार से पांच हादसे ट्रेन से उतरने के दौरान होते हैं। बाहर से आने वाले यात्रियों को यह अनुमान नहीं होता है कि प्लेटफॉर्म और पटरियों के बीच यहां गैप सामान्य से ज्यादा है। वह तेजी से उतरते हैं और उनका एक पैर प्लेटफॉर्म तो दूसरा सीधा ट्रैक पर चला जाता है। संतुलन बिगड़ते ही यात्री ट्रेन की चपेट में आकर जान गवां देते हैं।
रेल परामर्शदात्री समिति के सदस्य राजकुमार शर्मा व मुरारीलाल गोयल का कहना है कि प्लेटफॉर्म पर इन गैप वाले स्थानों पर रेलवे को बोर्ड लगवाने चाहिए और आरपीएफ की ड्यूटी भी नियमित करनी चाहिए। ताकि हादसों को रोका जा सके।
रेल परामर्शदात्री समिति के सदस्य राजकुमार शर्मा व मुरारीलाल गोयल का कहना है कि प्लेटफॉर्म पर इन गैप वाले स्थानों पर रेलवे को बोर्ड लगवाने चाहिए और आरपीएफ की ड्यूटी भी नियमित करनी चाहिए। ताकि हादसों को रोका जा सके।
नहीं हो पाया सौंदर्यीकरण
राजा की मंडी स्टेशन पर आसपास के निर्माणों की बाधाओं के कारण है कि शहर के बीचोंबीच स्थित इस स्टेशन का सौंदर्यीकरण ही रुक गया। अब रेलवे का फोकस बिल्लोचपुरा स्टेशन के विकास पर है। राजा की मंडी का किदवई पार्क आरयूबी को ऊंचा कराने का कार्य भी 4 साल से लटका हुआ है। रेलवे ने यहां पिलर बनाकर छोड़ दिए हैं।
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राजा की मंडी स्टेशन पर आसपास के निर्माणों की बाधाओं के कारण है कि शहर के बीचोंबीच स्थित इस स्टेशन का सौंदर्यीकरण ही रुक गया। अब रेलवे का फोकस बिल्लोचपुरा स्टेशन के विकास पर है। राजा की मंडी का किदवई पार्क आरयूबी को ऊंचा कराने का कार्य भी 4 साल से लटका हुआ है। रेलवे ने यहां पिलर बनाकर छोड़ दिए हैं।
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