{"_id":"6049083a8ebc3e59144f0f31","slug":"cultural-maha-shivratri-kasganj-news-agr484093810","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिव भक्तों की राह में पलक-पांवड़े विछाए रहे सेवादार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिव भक्तों की राह में पलक-पांवड़े विछाए रहे सेवादार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज। भोले बाबा को प्रसन्न करने के लिए कठिन साधना के तप पर निकले कांवड़ियों की सेवा को सेवादार पलक पांवड़े बिछाए नजर आए। मार्ग में 100 अधिक शिविर लगाए गए। इन शिविरों में कांवड़ियों के खानपान से लेकर दवा आदि तक का इंतजाम किया गया।
महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर आस्था की डगर पर पग-पग भक्ति की सेवा दिखाई दी। कांवड़ियों के स्वागत को ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहर तक जगह-जगह शिविर लगाए गए। जहां खानपान व विश्राम की उचित व्यवस्था की गई। शिविरों में टेलीविजन, डीजे आदि के भी इंतजाम किए गए। जिससे कांवड़िए अपना मनोरंजन कर थकान दूर कर सकें। समाजसेवियों ने शिविर में दूध, दवा, भोजन, बिस्किट, पेठा, पकौडे़ सहित अन्य सामान का इंतजाम किया। कांवड़ियों से प्रसाद ग्रहण करने की मनुहार तक लोग करते नजर आए। सोरों, गोरहा, मामो, भिटौना, सोरों गेट तक तमाम शिविर लगे। वहीं नदरई गेट क्षेत्र में गांधी मूर्ति से लेकर बांकनेर तक हर पग पर शिविर दिखे।
शिविर में कांवड़ पकड़ने के भी किए गए इंतजाम
कावंड़िया अपनी कांवड़ को पूरे रास्ते जमीन पर नहीं रखते। ऐसे में शिविर में भोजन आदि ग्रहण करते समय कांवड़ियों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसका पूरा ध्यान रखा गया। शिविरों में कांवड़ पकड़ने के भी इंतजाम किए गए ताकि कांवड़ियां रुककर प्रसाद ग्रहण कर सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन
महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर आस्था की डगर पर पग-पग भक्ति की सेवा दिखाई दी। कांवड़ियों के स्वागत को ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहर तक जगह-जगह शिविर लगाए गए। जहां खानपान व विश्राम की उचित व्यवस्था की गई। शिविरों में टेलीविजन, डीजे आदि के भी इंतजाम किए गए। जिससे कांवड़िए अपना मनोरंजन कर थकान दूर कर सकें। समाजसेवियों ने शिविर में दूध, दवा, भोजन, बिस्किट, पेठा, पकौडे़ सहित अन्य सामान का इंतजाम किया। कांवड़ियों से प्रसाद ग्रहण करने की मनुहार तक लोग करते नजर आए। सोरों, गोरहा, मामो, भिटौना, सोरों गेट तक तमाम शिविर लगे। वहीं नदरई गेट क्षेत्र में गांधी मूर्ति से लेकर बांकनेर तक हर पग पर शिविर दिखे।
विज्ञापन
शिविर में कांवड़ पकड़ने के भी किए गए इंतजाम
कावंड़िया अपनी कांवड़ को पूरे रास्ते जमीन पर नहीं रखते। ऐसे में शिविर में भोजन आदि ग्रहण करते समय कांवड़ियों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसका पूरा ध्यान रखा गया। शिविरों में कांवड़ पकड़ने के भी इंतजाम किए गए ताकि कांवड़ियां रुककर प्रसाद ग्रहण कर सकें।
विज्ञापन