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रबी की फसलों में कीटों का हमला, कृषि विभाग ने किया अलर्ट
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कासगंज में एक खेत में सरसों की फसल
- फोटो : KASGANJ
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कासगंज। मौसम की मार फसलों पर भी पड़ रही है। रबी की फसलों में इन दिनों कीटों का खतरा बढ़ गया है जिससे किसान परेशान हैं। कृषि विभाग ने रोगों के मद्देनजर अलर्ट जारी कर दिया है। किसानों को जागरूक किया जा रहा है।
जिले में तापमान गिरने व आर्द्रता बढ़ने के कारण रबी की फसलों पर कीटों ने हमला बोल दिया है। कृषि विभाग फसलों में लगते कीटों से बचाव के तरीके बता रहा है। इसके लिए अलर्ट जारी किया है। सरसों, आलू, गेहूं, चारे और नर्सरी में कीटों का खतरा बढ़ा है। कई रोगों का प्रकोप बढ़ने लगा है। आलू की पिछेती फसलों में झुलसा, तिलहनी फसलों में माहू, गेहूं में आल्टनेरिया नामक बीमारी का खतरा बढ़ा है। कृषि विभाग इन रोगों से बचाव के तरीके बता रहा है।
जारी की गई एडवाइजरी
कासगंज। कृषि विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार पिछेती आलू की फसल को झुलसा रोग से बचाने के लिए जिनेब 75 प्रतिशत, डब्ल्यूपी 2 ग्राम अथवा कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 50 प्रतिशत 2.5 किलोग्राम प्रतिहेक्टेयर की दर से पानी का घोल बनाकर छिड़काव करें। तिलहनी फसलों में माऊ से बचाव के लिए ऐजाडिरेक्ट्रीन जिसे नीम ऑयल कहा जाता है। इसका छिड़काव करें। जिन क्षेत्रों में तापमान में भारी गिरावट हो रही है वहां पाले से बचाने के लिए हल्की सिंचाई करें। नर्सरी में पौधों को बचाने के लिए पॉलिथीन या पोआल से ढककर रखें।
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जिले में तापमान गिरने व आर्द्रता बढ़ने के कारण रबी की फसलों पर कीटों ने हमला बोल दिया है। कृषि विभाग फसलों में लगते कीटों से बचाव के तरीके बता रहा है। इसके लिए अलर्ट जारी किया है। सरसों, आलू, गेहूं, चारे और नर्सरी में कीटों का खतरा बढ़ा है। कई रोगों का प्रकोप बढ़ने लगा है। आलू की पिछेती फसलों में झुलसा, तिलहनी फसलों में माहू, गेहूं में आल्टनेरिया नामक बीमारी का खतरा बढ़ा है। कृषि विभाग इन रोगों से बचाव के तरीके बता रहा है।
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जारी की गई एडवाइजरी
कासगंज। कृषि विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार पिछेती आलू की फसल को झुलसा रोग से बचाने के लिए जिनेब 75 प्रतिशत, डब्ल्यूपी 2 ग्राम अथवा कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 50 प्रतिशत 2.5 किलोग्राम प्रतिहेक्टेयर की दर से पानी का घोल बनाकर छिड़काव करें। तिलहनी फसलों में माऊ से बचाव के लिए ऐजाडिरेक्ट्रीन जिसे नीम ऑयल कहा जाता है। इसका छिड़काव करें। जिन क्षेत्रों में तापमान में भारी गिरावट हो रही है वहां पाले से बचाने के लिए हल्की सिंचाई करें। नर्सरी में पौधों को बचाने के लिए पॉलिथीन या पोआल से ढककर रखें।
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