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यूपी बोर्डः प्रोन्नत छात्रों को संदिग्ध डाटा में डाला
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आगरा। छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले यूपी बोर्ड के विद्यालयों के विद्यार्थियों का संदिग्ध डाटा समाज कल्याण विभाग से माध्यमिक शिक्षा विभाग को भेजा गया है। सूची में कक्षा 9 और 10 के 991 विद्यार्थियों का नाम है। अधिकतर विद्यार्थी वह हैं, जिनको बिना अंक के प्रोन्नत किया गया है। संदिग्ध डाटा वाले विद्यार्थियों का छात्रवृत्ति आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। हालांकि जिला विद्यालय निरीक्षक का कहना है कि आवेदन स्वीकार करने के लिए समाज कल्याण विभाग को पत्र भेजा है।
संदिग्ध डाटा की सूची में तमाम छात्र ऐसे भी हैं, जिनके आय प्रमाणपत्र और जाति प्रमाणपत्र का मिलान राजस्व के डाटा से नहीं हो रहा है। ऐसे भी विद्यार्थी हैं, जिनका परिणाम संस्थान के परिणाम से मेल नहीं खा रहा है। जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार ने समाज कल्याण विभाग की ओर से उपलब्ध कराए डाटा को विद्यालयों को भेज दिया है। शनिवार तक इसे ठीक कराने के लिए कहा गया है।
सूची में शामिल सामान्य और अनुसूचित जाति वर्ग के छात्रों के आय प्रमाणपत्र और जाति प्रमाणपत्र को जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय में और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों का प्रमाणपत्र जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी के कार्यालय में जमा कराना है।
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जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार का कहना है कि प्रोन्नत छात्रों के संबंध में जिला समाज कल्याण अधिकारी से बात की गई थी। उन्होंने प्रोन्नत विद्यार्थियों के आवेदन स्वीकार किए जाने के संबंध में सहमति मांगी थी। उन्हें पत्र बनाकर भेज दिया गया है। पत्र में यह बता दिया गया है कि कोरोना की वजह से परीक्षाएं नहीं कराई गई थीं। इस कारण विद्यार्थियों को अंक नहीं प्रदान किया गया है।
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संदिग्ध डाटा की सूची में तमाम छात्र ऐसे भी हैं, जिनके आय प्रमाणपत्र और जाति प्रमाणपत्र का मिलान राजस्व के डाटा से नहीं हो रहा है। ऐसे भी विद्यार्थी हैं, जिनका परिणाम संस्थान के परिणाम से मेल नहीं खा रहा है। जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार ने समाज कल्याण विभाग की ओर से उपलब्ध कराए डाटा को विद्यालयों को भेज दिया है। शनिवार तक इसे ठीक कराने के लिए कहा गया है।
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सूची में शामिल सामान्य और अनुसूचित जाति वर्ग के छात्रों के आय प्रमाणपत्र और जाति प्रमाणपत्र को जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय में और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों का प्रमाणपत्र जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी के कार्यालय में जमा कराना है।
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जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार का कहना है कि प्रोन्नत छात्रों के संबंध में जिला समाज कल्याण अधिकारी से बात की गई थी। उन्होंने प्रोन्नत विद्यार्थियों के आवेदन स्वीकार किए जाने के संबंध में सहमति मांगी थी। उन्हें पत्र बनाकर भेज दिया गया है। पत्र में यह बता दिया गया है कि कोरोना की वजह से परीक्षाएं नहीं कराई गई थीं। इस कारण विद्यार्थियों को अंक नहीं प्रदान किया गया है।